‘यहीं अंग्रेजी का टेस्ट ले लूंगा…’ सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल पर CJI सूर्यकांत क्यों भड़क गए? कोर्टरूम में क्या-क्या हुआ?
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CJI Surya Kant SC News: सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल की सुनवाई के दौरान सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत याचिकाकर्ता पर नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि अगर याचिका सच में उसी ने तैयार की है तो कोर्ट में ही उसका अंग्रेजी का टेस्ट ले लिया जाएगा. इसके बाद में पता चला कि याचिका एआई टूल्स और टाइपिस्ट की मदद से तैयार की गई थी. जानें फिर सीजेआई ने क्या कहा….

सीजेआई सूर्यकांत आखिर क्यों याचिकाकर्ता पर हुए गुस्सा
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई के दौरान दिलचस्प लेकिन सख्त नजारा देखने को मिला, जब सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत याचिकाकर्ता पर नाराज हो गए और कोर्ट में ही उसका अंग्रेजी का टेस्ट लेने की बात कह दी. दरअसल कोर्ट यह जानना चाह रहा था कि याचिका वास्तव में किसने तैयार की है. सुनवाई के दौरान जब चीफ जस्टिस ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या उसने यह याचिका खुद तैयार की है, तो उसने जवाब दिया कि हां उसने खुद ही इसे तैयार किया है.
इसके बाद CJI सूर्यकांत ने उससे उसकी शैक्षणिक योग्यता पूछी. याचिकाकर्ता ने बताया कि वह 12वीं पास है और लुधियाना के सनातन धर्म स्कूल से पढ़ाई की है. इस पर CJI ने कहा कि मैं यहीं कोर्ट में आपके लिए अंग्रेजी का टेस्ट करवा दूंगा। अगर आप 30 नंबर ले आते हैं, तो हम इस मामले को आगे देखेंगे.
जब CJI ने पूछा एक शब्द का मतलब?
सुप्रीम कोर्ट ने आगे याचिकाकर्ता से याचिका में इस्तेमाल किए गए कुछ जटिल शब्दों और कानूनी शब्दावली के बारे में भी पूछा. सीजेआई ने खास तौर पर पूछा कि याचिका में लिखे गए ‘कॉर्पोरेट दानदाताओं के लिए fiduciary risk’ का क्या मतलब है? याचिकाकर्ता इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सका. इसके बाद कोर्ट को शक हुआ कि याचिका वास्तव में किसी और ने तैयार की है.
किसको चार जैकट तोहफे में दी
जब सीजेआई ने याचिकाकर्ता से सख्ती से पूछा कि तो उसने स्वीकार किया कि उसने एआई टूल्स की मदद ली थी और एक टाइपिस्ट से याचिका टाइप करवाई थी, जिसके लिए उसे 1000 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से भुगतान किया गया. उसने यह भी बताया कि उसने टाइपिस्ट को चार जैकेट भी तोहफे में दी थीं.
जब सीजेआई ने कोर्ट में बुलाया टाइपिस्ट को?
इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि इसका मतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के टाइपिस्ट ने ही यह याचिका तैयार की है और उसे अदालत में बुलाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता ने किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर यह याचिका दायर की है, जिसमें अस्पष्ट और बेबुनियाद दलीलें लिखी गई हैं. अदालत ने यह भी कहा कि याचिका का लहजा और इसमें उठाए गए तथाकथित संवैधानिक मुद्दे किसी छोटे व्यापारी की सोच से मेल नहीं खाते. हालांकि कोर्ट ने इस मामले में विस्तृत जांच का आदेश नहीं दिया, लेकिन याचिकाकर्ता को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की तुच्छ याचिकाएं दायर न की जाएं.
सीजेआई ने आखिर में क्या बोला याचिककर्ता से…
सुनवाई के अंत में सीजेआई ने याचिकाकर्ता से कहा कि जाओ, जाकर कुछ और स्वेटर बनाकर बेचो. अगर इस तरह की पीआईएल दायर करते रहोगे तो भारी जुर्माना भरना पड़ेगा.