नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद से हरियाणा, राजस्थान और एमपी जाना होगा आसान, दिल्ली जाने की नहीं होगी जरूरत
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नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद से हरियाणा, राजस्थान और एमपी जाना आसान होगा. जेवर एयरपोर्ट डेढ़ माह में शुरू होगा. एनएचएआई 31 किमी एक्सप्रेसवे बना रहा है. नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया( एनएचएआई) ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम भी समय से पूरा का प्लान बना लिया है.

नागरिक उड्डयन मंत्री ने जेवर एयरपोर्ट डेढ़ माह में शुरू करने की घोषणा की.
नई दिल्ली. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू द्वारा जेवर एयरपोर्ट अगले डेढ़ माह में शुरू करने की घोषणा गाजियाबाद,नोएडा,ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर है. भले ही आपका इस एयरपोर्ट से कोई वास्ता न हो, पर आपको राहत जरूरी मिलेगी. जल्द ही हरियाणा, राजस्थान होते हुए मध्य प्रदेश,गुजरात अपने वाहन से आने-जाने वालों का सफर आसान होगा और पैसे दोनों की बचत होगी. नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया( एनएचएआई) ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम भी समय से पूरा का प्लान बना लिया है.
एनएचएआई 31 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से कर रहा है. इसके बनने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट तक की दूरी महज 15 से 20 मिनट में तय की जा सकेगी. अभी यात्रियों को 90 किलोमीटर से ज्यादा का सफर करना पड़ता है, जिसमें करीब दो घंटे से अधिक समय लगता है.
यह एक्सप्रेसवे फरीदाबाद के सेक्टर 65 स्थित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड से शुरू होगा .
एक्सप्रेसवे को फिलहाल 6 लेन का बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में यातायात बढ़ने पर इसे 8 लेन तक बढ़ाने की योजना है. निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. परियोजना में करीब 3000 पाइल्स डाले जाने हैं, यमुना नदी पर बनने वाले पुल के लिए गर्डर लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया है.
इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2414 करोड़ रुपये है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. हालांकि जेवर एयरपोर्ट के अप्रैल 2026 में शुरू करने की घोषणा की गयी है. इसी को देखते हुए एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को इसी साल चालू करने की तैयारी की गयी है, ताकि यात्रियों को जल्द लाभ मिल सके.
इस एक्सप्रेसवे के बनने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से हरियाणा और राजस्थान की ओर यात्रा करना काफी आसान हो जाएगा. लोगों को दिल्ली होकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि फरीदाबाद से सीधा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का कनेक्शन मिल जाएगा. इससे फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों को भी एयरपोर्ट से तेज संपर्क मिलेगा. लॉजिस्टिक्स व्यवस्था बेहतर होगी, समय और ईंधन की बचत होगी तथा एनसीआर में यातायात का दबाव भी कम होने की उम्मीद है.