10 मार्च को जन्मे बच्चों पर अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव, कैसा रहेगा भविष्य, ज्योतिषी से जानिए सबकुछ
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सनातन परंपरा में जन्म के समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को विशेष महत्व दिया जाता है. अयोध्या के आचार्य सीताराम दास के अनुसार 10 मार्च 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों का नक्षत्र शाम 7:06 बजे तक अनुराधा रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू होगा. इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा और कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी. अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चों के नाम “ना, नी, नू, ने” अक्षर से रखना शुभ माना जाता है. ऐसे बच्चे साहसी, आत्मविश्वासी और दृढ़ निश्चयी स्वभाव के होते हैं.
अयोध्या: सनातन परंपरा में जन्म के समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिस समय किसी बच्चे का जन्म होता है, उस समय ग्रहों, नक्षत्रों और तिथि की स्थिति उसके स्वभाव, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा पर प्रभाव डालती है. इसी कारण जन्म के समय पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग और करण को विशेष रूप से देखा जाता है. ऐसे में 10 मार्च 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों की ग्रह-नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं.
दरअसल अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया की पंचांग के अनुसार 10 मार्च 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों का नक्षत्र अनुराधा रहेगा, जो शाम 7 बजकर 6 मिनट तक प्रभावी रहेगा. इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा. इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा. साथ ही कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि का प्रभाव रहेगा. दिन की शुरुआत में हर्षण योग रहेगा, जो सुबह 8 बजकर 22 मिनट तक प्रभावी रहेगा. इसके अतिरिक्त विष्टि करण दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद अगले करण का प्रभाव प्रारंभ होगा.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अनुराधा नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों के नाम का पहला अक्षर “ना, नी, नू और ने” रखना शुभ माना जाता है. वहीं ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों के नाम “नो, या, यी और यू” अक्षर से रखने की परंपरा है.मान्यता है कि सही नक्षत्र के अनुसार रखा गया नाम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य को बढ़ाने में सहायक होता है.
वृश्चिक राशि में जन्म लेने वाले बच्चे सामान्यतः साहसी, आत्मविश्वासी और दृढ़ निश्चयी स्वभाव के माने जाते हैं.ये बच्चे अपने विचारों पर दृढ़ रहते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ने की क्षमता रखते हैं. इनमें नेतृत्व की स्वाभाविक क्षमता भी देखने को मिलती है और ये अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें