राज्यसभा चुनाव में बीजेपी का बड़ा दांव! नितिन नवीन ने सेट कर दिया पूरा मास्टरप्लान, 3 राज्यों में उतारे दिग्गज
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गुजरात के डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष संघवी को हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी ऑब्जर्वर बनाया गया है, जिससे नेता के लिए एक और बड़ी ज़िम्मेदारी जुड़ गई है. इस अपॉइंटमेंट को पार्टी लीडरशिप के उन पर बढ़ते भरोसे का संकेत माना जा रहा है.

गुजरात के डिप्टी चीफ मिनिस्टर हर्ष संघवी को हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी का ऑब्जर्वर बनाया गया है.
नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को बिहार, हरियाणा और ओडिशा में होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, बिहार के चुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को नियुक्त किया गया है. हरियाणा के चुनावों के लिए गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को पर्यवेक्षक बनाया गया है. ओडिशा में होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.
हरियाणा की दो राज्यसभा सीट के लिए नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि सोमवार को समाप्त हो गई और अब 16 मार्च को होने वाले चुनाव में तीन उम्मीदवारों के मैदान में होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है. अधिकारियों ने बताया कि भाजपा के संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मैदान में हैं. हरियाणा की दो राज्यसभा सीट रिक्त होने वाली हैं. भाजपा सदस्य किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को समाप्त हो रहा है.
प्रदेश में हुये 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार के रूप में असफल रहे नांदल ने बृहस्पतिवार को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया और संजय भाटिया तथा कर्मवीर सिंह बौद्ध के बाद इस दौड़ में शामिल होने वाले तीसरे उम्मीदवार बन गए. हरियाणा विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 48, कांग्रेस के 37 तथा इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दो सदस्य हैं, जबकि तीन निर्दलीय विधायक हैं. दो सीट पर प्रत्येक उम्मीदवार को राज्यसभा में जाने के लिये 31-31 मतों की आवश्यकता होगी.
इस बीच, छत्तीसगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस नेता फूलो देवी नेताम सोमवार को राज्यसभा के लिए बिना किसी विरोध के चुनी गईं. विधानसभा के अधिकारियों के मुताबिक, ‘नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख आज दोपहर खत्म हो गई और दोनों उम्मीदवार बिना किसी विरोध के चुन लिए गए हैं.’ बाद में निर्वाचन अधिकारी मनीष शर्मा ने वर्मा और नेताम को चुनाव के प्रमाण पत्र सौंपे.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें