Rohit Shetty Firing Case | ‘हुजूर शादी करनी है, बेल चाहिए!’ रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग करने वाले आरोपी की अजीब मांग, कल आएगा फैसला
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Rohit Shetty Firing Case: रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में जेल में बंद एक आरोपी ने 11 मार्च को अपनी शादी होने का दावा करते हुए जमानत मांगी है. मुंबई की सेशंस कोर्ट इस अर्जी पर 10 मार्च को फैसला सुनाएगी. फिलहाल इस मामले के सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. आरोपी के वकील दिलीप शुक्ला ने कोर्ट में दलीलें पेश की हैं, जिससे मामले में नया पेच फंस गया है. ऐसे में बड़ा सवाल क्या आरोपी को शादी के नाम पर बेल मिल सकता है?

Rohit Shetty Firing Case: ‘हुजूर शादी करनी है, बेल चाहिए!’ आरोपी की अजीब मांग
मुंबई. बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर कानूनी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से एक ने मुंबई सेशंस कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. आरोपी की दलील है कि उसकी शादी आगामी 11 मार्च को तय है, इसलिए उसे मानवीय आधार पर जमानत या कम से कम कुछ दिनों की राहत दी जाए. कोर्ट इस संवेदनशील मामले पर कल, यानी 10 मार्च को अपना फैसला सुनाने वाला है.
इस मामले में आरोपी का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील दिलीप शुक्ला ने बताया कि उन्होंने अदालत के सामने शादी के निमंत्रण पत्र और अन्य रस्मी साक्ष्य पेश किए हैं. वकील का तर्क है कि शादी एक जीवनभर का बंधन है और इसमें आरोपी की मौजूदगी अनिवार्य है. आरोपी के परिवार ने भी गुहार लगाई है कि शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और ऐसे में यदि उसे राहत नहीं मिली तो दोनों परिवारों की बदनामी होगी.
रोहित शेट्टी होम फायरिंग केस का बैकग्राउंड
याद दिला दें कि कुछ समय पहले फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के आवास के बाहर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जांच के अनुसार, यह फायरिंग किसी बड़े गैंग के इशारे पर डराने-धमकाने और फिरौती वसूलने के इरादे से की गई थी. वर्तमान में सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत के तहत जेल में बंद हैं.
अदालत के सामने बड़ी चुनौती
मुंबई सेशंस कोर्ट के लिए यह फैसला लेना आसान नहीं होगा. एक तरफ आरोपी का ‘शादी का मौलिक अधिकार’ है, तो दूसरी तरफ मामले की गंभीरता और सार्वजनिक सुरक्षा का सवाल. सरकारी वकील और पुलिस इस जमानत याचिका का कड़ा विरोध कर सकते हैं. पुलिस का तर्क हो सकता है कि आरोपी एक गंभीर अपराध का हिस्सा है और यदि उसे बाहर जाने दिया गया, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है या फरार हो सकता है.
ऐसे में अगर यदि अदालत जमानत देती भी है, तो मुमकिन है कि उसे कंडीशनल बेल मिले, जिसमें पुलिस की कड़ी निगरानी और शादी के तुरंत बाद सरेंडर करने की शर्त शामिल हो. 10 मार्च को होने वाली सुनवाई यह तय करेगी कि क्या आरोपी अपनी शादी की रस्मों में शामिल हो पाएगा या उसे सलाखों के पीछे ही रहना होगा. रोहित शेट्टी जैसे बड़े सेलिब्रिटी से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है. जबकि अधिवक्ता दिलीप शुक्ला ने उम्मीद जताई है कि कोर्ट मानवीय आधार पर उनके मुवक्किल को राहत देगा. अब सबकी निगाहें कल आने वाले कोर्ट के आदेश पर टिकी हैं, जो इस तरह के मामलों के लिए एक नजीर साबित हो सकता है.