1500 या 3000 इस बार लाडली बहनों के खाते में आएंगे कितने पैसे? जल्दी ही जारी होगी योजना की 34वीं किस्त
1500 या 3000 इस बार लाडली बहनों के खाते में आएंगे कितने पैसे? जानें पूरी बात
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लाडली बहना योजना में शुरुआत में महिलाओं को 1000 रुपए हर महीने दिए जाते थे, फिर यह राशि बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी गई. अब मध्य प्रदेश की महिलाओं को इस योजना की 34वीं किस्त का इंतजार है.

सांकेतिक तस्वीर AI
Ladli Behna Yojana: लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख सामाजिक कल्याणकारी योजना है. इस योजना के तहत सरकार हर महीने महिलाओं के बैंक खाते में सीधे पैसे भेजती है. अब लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त को लेकर प्रदेश सरकार ने तैयारी कर ली है. पहले इस योजना में हर महीने 60 साल की उम्र तक की महिलाओं को 1000 रुपए मिलते थे. बाद में यह राशि बढ़ा दी गई और अब उन्हें हर महीने 1500 रुपए मिलते हैं.
लाडली बहना योजना कि किस्त हर महीने के दूसरे हफ्ते तक आ जाती है. आमतौर पर प्रदेश सरकार 10 तारीख के आस-पास इसकी किस्त जारी करती है. आज 5 मार्च हो गई है. ऐसे में प्रदेश की 1.28 करोड़ महिलाओं को अब जल्दी की खाते में पैसा आने की उम्मीद है.
34वीं किस्त में महिलाओं के खाते में आएंगे 1500 रुपए
लाडली बहना योजना के तहत सरकार हर महीने 1500 रुपए महिलाओं के बैंक खातों में भेजती है, तो इस बार भी 34वीं किस्त में 1500 रुपए ही महिलाओं के खाते में आएंगे. मुख्यमंत्री मोहन यादव कई बार लाडली बहना योजना की किस्त बढ़ाकर 3000 रुपए तक करने की बात कर चुके हैं. लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है कि कब तक ऐसा किया जाएगा.
शिवराज सिंह चौहान ने शुरू की थी लाडली बहना योजना
लाडली बहना योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी, तब पहली बार जून 2023 में महिलाओं के खाते में पैसे भेजे गए थे. इसके बाद 2023 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापस आई थी. इसमें लाडली बहना योजना ने अहम रोल अदा किया था. इसके बाद मोहन यादव मुख्यमंत्री बने और उन्होंने भी इस योजना को जारी रखा.
शुरुआत में जो महिलाओं के खाते में 1000 रुपए भेजे थे. बाद में इसे बढ़ाकर 1250 रुपए किया गया और कुल 1500 रुपए खाते में भेजे जाते हैं.लाडली बहना योजना मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए है और इसके लिए महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच में होनी चाहिए. इसके अलावा परिवार की आय भी सीमित होनी चाहिए.