50 हजार से शुरू किया पीतल का काम, आज करोड़ों का टर्नओवर… मुरादाबाद के इस युवा ने कर दिखाया कमाल
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मुरादाबाद को पूरे देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां बने पीतल के खूबसूरत उत्पाद विदेशों तक एक्सपोर्ट किए जाते हैं. इसी शहर के एक युवा कारोबारी हिमांशु ने महज 50 हजार रुपये से अपने हैंडीक्राफ्ट बिजनेस की शुरुआत की थी और आज उनके बनाए टच और सेंसर वाले पीतल के लैंप देश-विदेश में पसंद किए जा रहे हैं. नए डिजाइन और लगातार अपडेट की बदौलत उनका कारोबार अब करोड़ों रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है.
मुरादाबाद. मुरादाबाद को पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है. यहां बने पीतल के खूबसूरत उत्पाद देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक एक्सपोर्ट किए जाते हैं. इस शहर में हजारों कारीगर और कारोबारी पीतल उद्योग से जुड़े हैं. इन्हीं में से एक युवा कारोबारी हैं हिमांशु, जिन्होंने महज 50 हजार रुपये से अपने बिजनेस की शुरुआत की थी और आज उनका कारोबार करोड़ों रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है.
हिमांशु का कहना है कि समय के साथ उत्पादों में नए अपडेट और आधुनिक डिजाइन जोड़ना ही ग्राहकों को आकर्षित करने की सबसे बड़ी कुंजी है. यही वजह है कि उनके बनाए उत्पादों की बाजार में लगातार डिमांड बनी रहती है.
50 हजार रुपये से शुरू किया कारोबार|
हिमांशु बताते हैं कि उनका काम हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स का है. वे पीतल से बने कई तरह के डेकोरेटिव और उपयोगी उत्पाद तैयार करते हैं. इनमें खास तौर पर लाइटिंग प्रोडक्ट, कैंडल स्टैंड, होल्डर और अन्य सजावटी सामान शामिल हैं. उन्होंने करीब 5 साल पहले सिर्फ 50 हजार रुपये की पूंजी से काम शुरू किया था. शुरुआत में छोटे स्तर पर काम होता था, लेकिन धीरे-धीरे डिजाइन और क्वालिटी में सुधार करते हुए उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स को अलग पहचान दिलाई. आज उनके कारोबार का मुनाफा एक करोड़ रुपये से ज्यादा तक पहुंच चुका है.
विदेशों तक पहुंची पीतल के प्रोडक्ट की मांग|
हिमांशु के बनाए उत्पादों की मांग सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से उनके प्रोडक्ट्स की डिमांड आती है. मुरादाबाद में ही उत्पाद तैयार किए जाते हैं और फिर उन्हें अलग-अलग देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है. उनका मानना है कि अगर प्रोडक्ट में कुछ नया और आकर्षक जोड़ा जाए तो ग्राहक खुद-ब-खुद उसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं और ऑर्डर मिलने लगते हैं.
सेंसर और टच टेक्नोलॉजी वाले लैंप बना रहे
हिमांशु बताते हैं कि आजकल वे सेंसर बेस्ड लेंस और टच वाले लैंप तैयार कर रहे हैं. पहले इस तरह के लैंप ज्यादातर चीन से आयात किए जाते थे, लेकिन अब वे इन्हें भारत में ही डिजाइन और तैयार कर रहे हैं. इन आधुनिक लैंप की खासियत यह है कि इन्हें टच या सेंसर से आसानी से ऑन-ऑफ किया जा सकता है, जिससे ये ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं.
15 लोगों को दे रहे रोजगार
हिमांशु का यह छोटा सा शुरू हुआ कारोबार अब कई लोगों के लिए रोजगार का जरिया भी बन गया है. वर्तमान में उनके साथ करीब 15 लोग काम कर रहे हैं. वे कहते हैं कि अगर पीतल के उत्पादों में निरंतर नया डिजाइन और तकनीक जोड़ी जाए, तो बाजार में उनकी मांग हमेशा बनी रहती है. यही सोच उनके कारोबार को लगातार आगे बढ़ा रही है और उनका मुनाफा भी धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें