114 राफेल जेट के बाद एक और मास्टरस्ट्रोक, चीन-पाक बॉर्डर पर झटपट पहुंचेगा S-400 – Defence Procurement Board green signal 60 Medium Transport Jet
Last Updated:
Medium Transport Aircraft Deal: युद्ध या अन्य आपात स्थिति में जरूरी सामान को पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है. फर्ज कीजिए कि ऊंचाई वाले इलाके में यदि जंग छिड़ जाए तो वहां फौज और वेपन सिस्टम को तत्काल कैसे पहुंचाया जाएगा. सामान्य विमान से यह संभव नहीं होगा. तोप, टैंक, आर्टिलरी जैसे सिस्टम को मौके पर पहुंचाने के लिए स्पेशल एयरक्राफ्ट की जरूरत होती है. भारत ने अब इसको लेकर बड़ा कदम उठाया है.

रक्षा खरीद बोर्ड ने इंडियन एयरफोर्स के लिए 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद को मंजूरी दे दी है. (फाइल फोटो/Reuters)
DPB की हालिया बैठक में वरिष्ठ नौकरशाहों और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 60 विमानों का बेड़ा अनिवार्य है. प्रस्ताव के मुताबिक 12 विमान फ्लाई-अवे यानी पूरी तरह से तैयार स्थिति में सीधे खरीदे जाएंगे, जबकि शेष 48 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा. यह कदम सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा निर्माण में स्वदेशीकरण के लक्ष्य के अनुरूप है. बता दें कि An-32 पिछले कई दशकों से भारतीय वायुसेना की सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता की रीढ़ रहा है. विशेषकर लद्दाख और पूर्वोत्तर जैसे उच्च ऊंचाई और दुर्गम इलाकों में सैनिकों, रसद और उपकरणों की आपूर्ति में इसकी अहम भूमिका रही है. वहीं Il-76 ने हेवी ट्रांसपोर्ट और स्ट्रैटजिक एयरलिफ्ट प्लेटफॉर्म के रूप में काम किया है, जिसने बड़े पैमाने पर सैनिकों की तैनाती, मानवीय सहायता और विशेष अभियानों में योगदान दिया है. हालांकि, इन विमानों की उम्र बढ़ने के साथ उनकी ऑपरेशनल उपलब्धता प्रभावित हो रही है. स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति में कठिनाई और रखरखाव लागत में वृद्धि ने वायुसेना की दीर्घकालिक योजना पर दबाव बढ़ाया है. ऐसे में नया मीडियम ट्रांसपोर्ट प्लेटफॉर्म न केवल निरंतरता सुनिश्चित करेगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ परिचालन क्षमता भी बढ़ाएगा.
ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की मदद से बॉर्डर तक टैंक, आर्टिलरी और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे इक्विपमेंट को पहुंचाना काफी आसान हो जाएगा. (फाइल फोटो/Reuters)
कौन-कौन दावेदार?
इस बहुचर्चित सौदे की दौड़ में प्रमुख रूप से तीन अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं. ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी Embraer अपने आधुनिक जेट-ऑपरेटेड Embraer C-390 Millennium के साथ मैदान में है. C-390 एक ट्विन-इंजन जेट सैन्य परिवहन विमान है, जिसे तेज तैनाती, हाई क्रूज स्पीड और मल्टीरोल ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है. यह मिलिट्री ट्रांसपोर्ट, कार्गो मूवमेंट, मेडिकल इवैक्यूएशन और हवाई ईंधन भरने जैसे मिशनों को अंजाम दे सकता है. भारत में इस कार्यक्रम के लिए Embraer ने महिंद्रा के साथ साझेदारी की है. अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज Lockheed Martin भी प्रतिस्पर्धा में है. कंपनी ने भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ साझेदारी की है. Lockheed Martin पहले से ही भारत में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग साझेदारियों के जरिए अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है, जिसमें C-130J के पुर्जों का निर्माण भी शामिल है. यूरोपीय कंपनी Airbus ने अपने चार इंजन वाले टर्बोप्रॉप Airbus A400M Atlas की पेशकश की है. A400M अपेक्षाकृत बड़ा विमान है, जो अधिक पेलोड और लंबी दूरी तक संचालन की क्षमता रखता है. हालांकि, प्रतिस्पर्धा मुख्य रूप से ब्राजील और अमेरिका के प्लेटफॉर्म के बीच केंद्रित मानी जा रही है.
सामरिक दृष्टि से अहम फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिग्रहण भारतीय वायुसेना की भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक संतुलित मीडियम लिफ्ट क्षमता विकसित करने में मदद करेगा. मौजूदा C-17 जैसे भारी परिवहन विमानों और C-130J जैसे विशेष मिशन प्लेटफॉर्म के बीच की क्षमता को यह नया बेड़ा भरेगा. इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से सैनिक तैनाती, आपदा राहत अभियानों में त्वरित सहायता और अंतरराष्ट्रीय मानवीय मिशनों में भारत की भूमिका और सशक्त होगी. साथ ही 48 विमानों का भारत में निर्माण घरेलू रक्षा उद्योग के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है. इससे न केवल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत को ग्लोबल डिफेंस सप्लाई चेन में मजबूत स्थान भी मिल सकता है. 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट विमानों की मंजूरी भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो आने वाले दशकों में देश की सामरिक तैयारियों को नई मजबूती देगा.
About the Author
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें