बेगूसराय में बकरी पालन से बढ़ेगी किसानों की आय, कैंसर मरीजों को मिलेगा पोषण, एक्सपर्ट से जानें सबकुछ
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कृषि विज्ञान केंद्र बेगूसराय की पहल से अब बकरी पालन किसानों के लिए कमाई का मजबूत जरिया बन सकता है. पशु सखियों को प्रशिक्षित कर गांव-गांव में बकरी पालन बढ़ाया जाएगा. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और जरूरतमंद, खासकर कैंसर मरीजों को बकरी का दूध उपलब्ध कराने की योजना है.
बिहार के बेगूसराय जिले में किसानों की आमदनी बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों को पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र एक खास पहल पर काम कर रहा है. इसके तहत बकरी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि ग्रामीण परिवारों को नियमित आय का स्रोत मिल सके और साथ ही कैंसर मरीजों को बकरी का दूध उपलब्ध कराया जा सके.
कृषि विज्ञान केंद्र अपने इस पहल के जरिए पशु सखी को तैयार कर रहीं है. सूत्रों के मुताबिक यह पशु सखी जीविका से जुड़ी हैं जो प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपना समूह इलाके में जाकर तैयार करेंगे.
एक बकरी से महीने की एक हज़ार हो सकती है कमाई
कृषि वैज्ञानिको डॉ रामपाल ने लोकल 18 पर बताया बकरी पालन किसानों के लिए एटीएम की तरह है. जब भी जरूरत हो, किसान बकरी बेचकर तुरंत पैसे प्राप्त कर सकते हैं. अगर कोई किसान एक बच्चा देने वाली बकरी रखता है तो वह हर महीने करीब 1000 रुपये तक की बचत कर सकता है. ऐसे में किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे कम से कम 5 से 6 बकरी रखें, जिससे उनकी मासिक आय 6000 रुपये या उससे अधिक हो सकती है. इससे ग्रामीण परिवारों को घर के पास ही रोजगार का अवसर मिलेगा.
पशु सखियों को किया जा रहा तैयारी
बकरी पालन को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र पशु सखियों को तैयार कर रहा है. ये पशु सखियां जीविका समूह से जुड़ी हुई महिलाएं हो सकती हैं, जिन्हें बकरी पालन, देखभाल और प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है. ट्रेनिंग के बाद ये महिलाएं गांवों में किसानों को बकरी पालन के लिए प्रेरित करेंगी और उन्हें सही तरीके से पालन की जानकारी भी देंगी.
कैंसर मरीजों को मिलेगा बकरी का दूध
कृषि विज्ञान केंद्र का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि जिले में जरूरतमंद मरीजों को बकरी का दूध उपलब्ध कराया जा सके. डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में बकरी का दूध स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है, खासकर कमजोर मरीजों के लिए. बेगूसराय में कैंसर मरीजों की संख्या को देखते हुए इस दिशा में पहल की जा रही है.कृषि विज्ञान केंद्र का प्रयास है कि जिले में एक ऐसा सेंटर विकसित किया जाए, जहां जरूरत पड़ने पर हमेशा बकरी का दूध उपलब्ध हो. इसके लिए पशु सखियां और बकरी पालक किसान मिलकर काम करेंगे, ताकि दूध का नियमित उत्पादन हो सके और जरूरतमंद लोगों तक यह आसानी से पहुंच सके. इस पहल से एक तरफ किसानों की आय बढ़ेगी तो दूसरी तरफ मरीजों को भी लाभ मिलेगा.