अगर होली पर कोई चेहरे पर पक्का कलर लगा दे, तो क्या होगा? कैसे मिलेगा इस रंग से छुटकारा, डॉक्टर से जानिए
How to Get Rid of Holi Color on Face: होली पर लोग एक दूसरे से मिलकर रंग लगाते हैं. कई लोग हर्बल गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं देते हैं, तो कुछ लोग पक्के रंगों का इस्तेमाल करते हैं. अगर कोई आपके चेहरे पर पक्का रंग लगा दे, तो होली का मजा किरकिरा हो जाता है. यह स्थिति मानसिक तनाव का कारण बनती है और इससे स्किन को भी नुकसान होता है. पक्के रंगों में आमतौर पर औद्योगिक सॉल्वेंट्स, लेड, मरकरी और माइका जैसे हानिकारक केमिकल्स होते हैं, जो त्वचा की गहराई तक समा जाते हैं. इन रंगों को जबरदस्ती रगड़कर उतारने की कोशिश करना हानिकारक हो सकता है. अगर आपके साथ ऐसा हो जाए तो घबराने के बजाय धैर्य से काम लें. धीरे-धीरे यह कलर साफ हो जाएगा और स्किन भी सेफ रहेगी.
नई दिल्ली के सर गंगाराम सिटी हॉस्पिटल के प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. रमन शर्मा ने News18 को बताया कि पक्के कलर स्किन के लिए केमिकल बर्न की तरह काम कर सकते हैं. ये रंग स्किन की प्राकृतिक नमी को खत्म कर देते हैं, जिससे कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार इन रंगों में मौजूद टॉक्सिन्स ब्लड स्ट्रीम में भी पहुंच जाते हैं. इससे शरीर के इंटरनल ऑर्गन्स पर बुरा असर पड़ता है. इसलिए इन्हें हटाने में सावधानी बरतनी चाहिए. अगर आप जल्दबाजी में इन कलर्स को छुड़ाने की कोशिश करेंगे, तो स्किन को नुकसान होगा.
डॉक्टर रमन शर्मा के अनुसार जिद्दी और पक्के रंग को हटाने के लिए पानी या साबुन का सीधे इस्तेमाल करने से पहले तेल का प्रयोग करें. नारियल तेल, ऑलिव ऑयल या बेबी ऑयल इस काम के लिए सबसे अच्छे माने जाते हैं. चेहरे पर तेल की एक मोटी परत लगाएं और उसे 15 से 20 मिनट के लिए लगा रहने दें. तेल परमानेंट कलर के अणुओं को ढीला कर देता है, जिससे वह त्वचा की सतह से हटने लगता है. इसके बाद रुई से हल्के हाथों से रंग को पोंछ लें. आपको इसे रगड़ना नहीं है, वरना इससे स्किन को नुकसान हो सकता है. ऐसे में इसे जेंटल तरीके से साफ करना चाहिए.
एक्सपर्ट ने बताया कि तेल से रंग ढीला होने के बाद एक जेंटल क्रीमी क्लींजर का उपयोग करें. अगर रंग बहुत गहरा है, तो चेहरे पर हल्की भाप लेना फायदेमंद हो सकता है. भाप से रोमछिद्र खुल जाते हैं, जिससे गहराई में बैठा रंग आसानी से बाहर निकल आता है. भाप लेने के बाद दोबारा ठंडे पानी से चेहरा धोएं, ताकि खुले हुए रोमछिद्र वापस बंद हो जाएं. साबुन या फेसवाश का उपयोग कम से कम करें, क्योंकि पक्का रंग लगने के बाद त्वचा पहले ही बहुत संवेदनशील हो चुकी होती है.
एक्सपर्ट की मानें तो पक्का यानी परमानेंट कलर छुड़ाने के लिए कभी भी नेल पॉलिश रिमूवर, मिट्टी का तेल, पेट्रोल या ब्लीच का उपयोग न करें. ये पदार्थ त्वचा की ऊपरी परत को डैमेज कर सकते हैं, जिससे चेहरे पर काले धब्बे या गहरे निशान पड़ सकते हैं. लूफा या हार्ड स्क्रब का प्रयोग बिल्कुल न करें. अगर रंग एक बार में नहीं उतर रहा है, तो धैर्य रखें. त्वचा की कोशिकाएं प्राकृतिक रूप से पुनर्जीवित होती हैं, जिससे बचा हुआ रंग 2-3 दिनों में अपने आप हल्का हो जाएगा.
डॉक्टर शर्मा के अनुसार चेहरे पर एलोवेरा जेल या कोई अच्छा गाढ़ा मॉइस्चराइजर लगाएं जिसमें सेरामाइड्स हों. यह त्वचा की क्षतिग्रस्त परत को ठीक करने में मदद करेगा. अगले 4-5 दिनों तक धूप में निकलने से बचें और यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सनस्क्रीन जरूर लगाएं. इस दौरान किसी भी प्रकार का फेशियल, वैक्सिंग या थ्रेडिंग न करवाएं, क्योंकि त्वचा इस समय बहुत ही नाजुक स्थिति में होती है. अगर पक्का कलर हटाने की कोशिश के दौरान या बाद में चेहरे पर दाने निकल आएं, बहुत तेज दर्द हो, त्वचा पीली पड़ने लगे या बुखार महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह केमिकल टॉक्सिसिटी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.