‘मैंने नहीं कहा उन्हें काम चाहिए’, सोनू सूद पर भड़के राजपाल यादव, तो एक्टर ने तोड़ी चुप्पी, दिया जवाब
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फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों राजपाल यादव और सोनू सूद के बीच बयानबाज़ी चर्चा का विषय बनी हुई है. हाल ही में अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आए राजपाल यादव ने सोनू सूद की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें सोनू ने इंडस्ट्री से उन्हें काम देने और साइनिंग अमाउंट देने की अपील की थी. अब सोनू ने इस पर अपनी सफाई दी है.

सोनू सूद ने राजपाल यादव के बातों पर रिएक्ट किया है.
सोनू सूद वहीं शख्स हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में सबसे पहले जेल में बंद राजपाल यादव के लिए मदद के लिए हाथ बढ़ाए. लेकिन हाल ही में राजपाल ने सोनू सूद के उस बयान पर नाराजगी जताई थी, जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री से राजपाल को काम देने की अपील की थी. अब उन्होंने इस पूरे मामले पर सफाई दी है.
सोनू सूद ने क्या कहा?
‘एचटी सिटी’ से बातचीत में सोनू सूद ने कहा, ‘मैं उनके लिए खुश हूं. मैंने यह नहीं कहा कि उन्हें काम चाहिए. मैंने कहा था, ‘उन्हें साइन करो और एडवांस दो क्योंकि वह इसके हकदार हैं’.
राजपाल यादव का क्या था बयान?
इससे पहले राजपाल यादव ने ‘स्क्रीन’ को दिए इंटरव्यू में सोनू सूद के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था, ‘कृपया इस गलतफहमी से बाहर निकलें कि मुझे काम मांगने की जरूरत है और काम मांगने में कोई शर्म नहीं है. मैं अपनी नौकरी से जीता हूं, सिनेमा मेरा जुनून है और मैं इस तरह काम करता हूं कि मुझे चार गुना ज्यादा काम मिलता है. मैं छुट्टियों पर भी काम करता हूं. काम मुझे नहीं ढूंढता, यह पिछले 11 सालों से मेरे साथ रहता है.’ राजपाल ने यह भी दावा किया कि उनके पास अगले सात सालों के लिए 1200 करोड़ रुपए के ब्रांडिंग प्रोजेक्ट्स हैं और 10 फिल्में लाइन में हैं. उन्होंने खुद को ‘1500 करोड़ रुपए का आदमी’ बताते हुए कहा कि वह 26 सालों से काम कर रहे हैं और उनके पास काम की कोई कमी नहीं है.
सोनू सूद ने क्या कहा था?
बता दें कि जब राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल गए थे, तो सोनू सूद सबसे पहले उनके समर्थन में आगे आए थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इंडस्ट्री से अपील की थी, ‘राजपाल यादव एक प्रतिभाशाली अभिनेता हैं. कभी-कभी समय काफी क्रूर हो जाता है. वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह समय है कि हम सब एक साथ खड़े हों. थोड़ी सी साइनिंग अमाउंट, जो भविष्य के काम से एडजस्ट हो जाए, यह कोई चैरिटी नहीं, बल्कि सम्मान है.’
क्या है पूरा मामला?
राजपाल यादव पर 2010 में 5 करोड़ रुपए लेने का केस दर्ज हुआ था. उन्होंने यह रकम अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता-पता लापता’ के लिए ली थी, लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई. पैसे न चुका पाने के कारण यह मामला चेक बाउंस केस में बदल गया. अप्रैल 2018 में कोर्ट ने राजपाल और उनकी पत्नी को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई थी. जून 2024 में हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगा दी थी, लेकिन इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया. बाद में उन्हें 18 मार्च तक अंतरिम बेल मिल गई.
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शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें