होली पर गुजिया के अलावा ट्राई कीजिए, स्वादिष्ट चंद्रकला मिठाई, जानिये इसका तरीका
चंद्रकला उत्तर भारत की एक लोकप्रिय मीठी डिश है, जो गुझिया जैसी दिखती है लेकिन आकार में चांद‑सी और स्वाद में बेहद नर्म और रसदार होती है. बाहर से खस्ता और अंदर से मीठे खोये की भरावन, यह मिठाई हर त्योहार की शान बढ़ा देती है.
सामग्री
आटे के लिए
मैदा – 2 कप
घी – 3 बड़े चम्मच (मोयन के लिए)
पानी – जरूरत अनुसार
भरावन के लिए
खोया (मावा) – 1 कप
चीनी – ½ कप
काजू, बादाम (कटे हुए) – 2–3 चम्मच
नारियल भूरा – 2 चम्मच
इलायची पाउडर – ½ चम्मच
किशमिश – 1 चम्मच
चाशनी के लिए
चीनी – 1 कप
पानी – 1 कप
केसर/इलायची
अन्य
तेल/घी – तलने के लिए
बनाने की विधि
1. आटा तैयार करें
मैदा में घी डालकर दोनों हाथों से अच्छी तरह मसलें.
थोड़ा‑थोड़ा पानी डालकर थोड़ा सख्त आटा गूंधें.
आटे को 15–20 मिनट ढककर रख दें.
2. भरावन तैयार करें
कढ़ाही गरम करें और इसमें खोया डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें.
अब चीनी डालकर मिलाएं, चीनी पिघलने लगेगी.
इसके बाद कटे मेवे, नारियल और इलायची डालकर अच्छी तरह मिक्स करें.
भरावन को ठंडा होने दें.
3. चाशनी बनाना
एक बर्तन में चीनी और पानी डालकर उबालें.
चाशनी को 1‑तार की गाढ़ी होने तक पकाएं.
इलायची/केसर डालकर गैस बंद कर दें.
4. चंद्रकला तैयार करना
आटे की छोटी‑छोटी लोइयां बनाकर पतली रोटियां बेलें.
एक रोटी पर भरावन रखें और दूसरी रोटी से ढक दें.
किनारों को उंगलियों से दबाकर आधे चांद की आकृति दें.
कांटे से किनारों को डिज़ाइन दे सकते हैं ताकि खोलने न पाए.
5. तलना
कढ़ाही में तेल/घी मध्यम आंच पर गर्म करें.
चंद्रकला को धीमी‑मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें.
तेज़ आंच से यह भीतर से कच्ची रह जाती है.
6. चाशनी में डुबोना
तली हुई चंद्रकला को गर्म चाशनी में 3–4 मिनट डुबोकर रखें.
जब अच्छी तरह चाशनी सोख ले, तब निकालकर ठंडा होने दें.
परोसना
चंद्रकला तैयार है, खस्ता, मीठी और सुगंधित.
इसे 2–3 दिनों तक एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं.