जब ट्रेन भी करती है सलाम! अलीगढ़ की इस 750 साल पुरानी दरगाह की क्या है कहानी?

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अलीगढ़ के कटपुला इलाके में स्थित बाबा बरछी बहादुर की दरगाह सदियों से आस्था और भाईचारे का प्रतीक बनी हुई है. करीब 750 साल पुरानी इस दरगाह पर हर धर्म के लोग चादर चढ़ाकर मन्नत मांगने आते हैं. यहां से जुड़ी ट्रेन की सीटी वाली दिलचस्प कहानी और ऐतिहासिक संदर्भ इसे और भी खास बनाते हैं.

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अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के कटपुला इलाके में स्थित बाबा बरछी बहादुर की दरगाह करीब 750 साल पुरानी मानी जाती है. यह दरगाह हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों के लोगों के लिए आस्था का केंद्र है. मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु यहां सच्चे मन से चादर चढ़ाकर मुराद मांगता है, उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है.

कौन थे बाबा बरछी बहादुर?
दरगाह के सदर नूर मोहम्मद के अनुसार बाबा बरछी बहादुर का वास्तविक नाम सैयद तहबुर अली था. वे ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकवी के साथी थे, जिन्हें अजमेर के ख्वाजा गरीब नवाज ने अपना शिष्य बनाया था. बाबा के अनुयायी हजरत जोरार हसन ने यहां सबसे पहले उर्स की शुरुआत की थी. तभी से यह परंपरा निरंतर जारी है और हर साल बड़ी संख्या में लोग उर्स में शामिल होते हैं.

ट्रेन की सीटी और अनोखी मान्यता
इस दरगाह से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी भी प्रचलित है. कहा जाता है कि जब भी कोई ट्रेन दरगाह के पास से गुजरती है, तो वह सीटी बजाकर बाबा को सलाम करती है. इसके पीछे ब्रिटिश काल की एक कथा जुड़ी है. बताया जाता है कि जब यहां रेलवे लाइन बिछाई जा रही थी, तो रात में पटरी बार-बार उखड़ जाती थी. एक मुस्लिम इंजीनियर को सपने में बाबा ने दरगाह को छोड़कर पटरी बिछाने का संकेत दिया. जब ऐसा किया गया, तब जाकर निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो सका.

दस्तावेजों में दर्ज इतिहास
दरगाह से जुड़ी यह कहानी अलीगढ़ के पुराने दस्तावेजों और किताबों जैसे “अलीगढ़ परिचय” और “डिस्कवरिंग एएमयू” में भी दर्ज है. इससे दरगाह की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता और भी बढ़ जाती है.

एकता और भाईचारे की मिसाल
बाबा बरछी बहादुर की दरगाह केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है. अलीगढ़ में परिस्थितियां कैसी भी रही हों, यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कभी कम नहीं हुई. हर धर्म के लोग यहां शांति, सद्भाव और अपनी मन्नतों के साथ पहुंचते हैं. यह दरगाह आज भी आस्था, एकता और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल बनी हुई है.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें

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