ISBT Firing Case | Rohit Solanki | Rohit Godara Gang – सोशल मीडिया रील देखकर पुलिस ने लगाया ऐसा दिमाग, रोहित गोदारा के खासमखास के गिरफ्तारी की अजब कहा
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Delhi Crime News: दिल्ली में 24 फरवरी की फायरिंग के पीछे मंदिर जाने की दिनचर्या और सोशल मीडिया रील्स से हुई रेकी का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. गैंगस्टर रोहित गोदारा के खासमखास रोहित सोलंकी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने लॉरेंस बिश्नोई नेटवर्क की एक और परत उधेड़ दी है.

रोहित गोदारा के खासमखास रोहित सोलंकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है
नई दिल्ली. दिल्ली में 24 फरवरी को हुई फायरिंग की वारदात के पीछे की कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है. रोज मंदिर जाना सोशल मीडिया पर रील्स डालना और उसी से रेकी कर गोलीबारी की साजिश नॉर्थ जिला पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्क की इस परत को अब बेनकाब कर दिया है.
गैंगस्टर रोहित गोदारा के खासमखास रोहित सोलंकी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी को लेकर डीसीपी राजा बांठिया ने न्यूज 18 इंडिया से बातचीत के दौरान पूरे ऑपरेशन का खुलासा किया.
मंदिर बना रेकी पॉइंट
पुलिस जांच में सामने आया कि लॉरेंस बिश्नोई की लीगल टीम से जुड़े एडवोकेट दीपक खत्री रोजाना ‘मरघट वाले बाबा’ के मंदिर जाया करते थे. दीपक खत्री की सोशल मीडिया रील्स देखकर ही गैंग ने मंदिर और आसपास के इलाके की रेकी की. खासतौर पर यह देखा गया कि वह हर मंगलवार को मंदिर जाते थे, जिससे उनकी मूवमेंट पूरी तरह ट्रैक कर ली गई.
दुश्मनी की जड़: पुराना गैंगवार
यह फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के बीच चली आ रही गैंग दुश्मनी का नतीजा थी. रोहित गोदारा चंडीगढ़ में इंदरप्रीत सिंह पैरी की हत्या का बदला लेना चाहता था और इसी के लिए रोहित सोलंकी को इस वारदात की जिम्मेदारी सौंपी गई.
स्कूटी, ग्लॉक पिस्टल और भगदड़
24 फरवरी को कई राउंड फायरिंग की गई, जिसमें संदीप नामक युवक बाल-बाल बचा. वारदात के बाद आरोपी स्कूटी और ग्लॉक पिस्टल पटपड़गंज इलाके में फेंककर फरार हो गए. इसके बाद में एक ट्रक ड्राइवर को पिस्टल मिली, जिसके हेल्पर ने जैसे ही उसे उठाया. अचानक फायरिंग हुई और वह घायल हो गया. इस घटना के बाद पटपड़गंज थाने में अलग से केस दर्ज किया गया.
बैंकॉक भागा शूटर, दुबई की थी तैयारी
फायरिंग के तुरंत बाद आरोपी अपने ओरिजिनल पासपोर्ट और वीजा के जरिए बैंकॉक फरार हो गया. पुलिस के मुताबिक, वह सिग्नल ऐप के जरिए लगातार रोहित गोदारा के संपर्क में था और वारदात के बाद हमेशा के लिए दुबई पहुंचने की योजना बना चुका था. दीपक खत्री का देहरादून में फार्महाउस भी जांच के घेरे में है.
नेटवर्क अभी बाकी
पुलिस अब सिम कार्ड मुहैया कराने वालों और हथियार सप्लाई करने वाले अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है. जांच में यह भी सामने आया है कि रोहित गोदारा 2019 से ही अपने नेटवर्क को विदेश से ऑपरेट कर रहा था और 2025 के बाद इस नए मॉड्यूल को एक्टिव किया गया.