होली पर नमकीन में क्या? फटाफट बनेगी ये करारी बेसन पापड़ी, चाय से लेकर दही वड़े तक का बढ़ेगा स्वाद

Share to your loved once


Last Updated:

Holi Snacks: विंध्य क्षेत्र में होली पर बेसन पापड़ी खास पारंपरिक व्यंजन है. गुझिया और मिठाइयों के साथ इसे परोसा जाता है. बघेलखंड में पीढ़ियों से बन रही यह करारी पापड़ी सफर में भी पसंद की जाती है. इसे चाय के साथ तो लोग खाते ही हैं, दही वड़ा में भी फोड़कर डालते हैं, ताकि स्वाद बढ़ जाए. जानें रेसिपी…

सीधी: विंध्य क्षेत्र में होली का त्योहार सिर्फ रंगों और उमंगों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू से भी सराबोर रहता है. यहां के घरों में होली की तैयारियां कई दिन पहले से शुरू हो जाती हैं. गुझिया, मिठाइयों और नमकीन के साथ जिस खास पकवान की चर्चा सबसे ज्यादा होती है, वह है बेसन की पापड़ी. यह सिर्फ एक स्नैक नहीं, बल्कि बघेलखंड की रसोई परंपरा का अभिन्न हिस्सा है.

होली के अवसर पर जब रिश्तेदार और मेहमान घर पहुंचते हैं, तो उनका स्वागत गुझिया, मिठाई, चिप्स और करारी बेसन पापड़ी से किया जाता है. कई परिवारों में महिलाएं पहले से ही इसकी तैयारी में जुट जाती हैं, ताकि त्योहार के दिन ताजा और स्वादिष्ट पापड़ परोसे जा सकें. घर की रसोई में मसालों की महक और तलती पापड़ की खुशबू माहौल को और भी उत्सवी बना देती है.

पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा के बारे में सीधी (MP) की रहने वाली प्रियंका सिंह बताती हैं कि बेसन पापड़ी कोई नया व्यंजन नहीं है, बल्कि यह वर्षों से हर घर में बनाया जाता रहा है. पहले दादी-नानी इसे बनाती थीं और अब नई पीढ़ी भी उसी स्वाद और विधि को आगे बढ़ा रही है. यही वजह है कि यह व्यंजन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को बेहद पसंद आता है.

बेसन पापड़ी बनाने की विधि
इसे बनाने की विधि भी काफी सरल है. सबसे पहले दो कप बेसन और एक कप आटा लिया जाता है. इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, कश्मीरी मिर्च, जीरा, अजवाइन, हींग, पिसी हुई हरी मिर्च और कसूरी मेथी मिलाई जाती है. फिर दो चम्मच रिफाइंड तेल डालकर आटा अच्छी तरह गूंध लिया जाता है. लगभग 10 से 15 मिनट तक ढककर रखने के बाद छोटी या बड़ी पापड़ियां बेल ली जाती हैं. गर्म तेल में इन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक तला जाता है. तैयार पापड़ियां करारी और स्वाद से भरपूर होती हैं.

सफर पर ले जाना भी सुरक्षित
बघेलखंड में इस पापड़ का उपयोग केवल त्योहार तक सीमित नहीं है. लोग इसे सुबह-शाम चाय के साथ स्नैक्स के रूप में खाते हैं. पूजा-पाठ में भोग के रूप में भी इसे चढ़ाया जाता है. लंबी यात्राओं में इसे साथ ले जाना सुविधाजनक माना जाता है, क्योंकि यह लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और खराब नहीं होती.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP