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Agriculture News: शाहजहांपुर जनपद में जायद सीजन को लेकर कृषि विभाग ने अपनी कमर कस ली है. किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ इस बार गन्ने के साथ सह-फसली खेती पर मुख्य फोकस किया जा रहा है. विभाग ने 50 हजार हेक्टेयर गन्ने के क्षेत्रफल को देखते हुए उड़द और मूंग के निशुल्क बीज वितरण का ऐतिहासिक निर्णय लिया है. साथ ही, मक्का और बाजरा उगाने वाले किसानों को भी भारी सब्सिडी दी जा रही है. आखिर कैसे किसान उठा सकते हैं इस योजना का लाभ और क्या है आवेदन की पूरी प्रक्रिया, आइए जानते हैं.
शाहजहांपुर: जनपद में जायद के सीजन को लेकर कृषि विभाग ने कमर कस ली है. किसानों की आय दोगुनी करने और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग ने एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है. इस बार मुख्य फोकस गन्ने के साथ सह-फसली खेती पर है, ताकि किसान एक ही खेत से दोहरी आय प्राप्त कर सकें. जिले के लगभग 50 हजार हेक्टेयर गन्ने के क्षेत्रफल को देखते हुए विभाग ने उड़द और मूंग के निशुल्क बीज वितरण का निर्णय लिया है. इसके अलावा मक्का और बाजरा की खेती करने वाले किसानों को भी भारी अनुदान दिया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम होगी.
उप निदेशक कृषि पुरुषोत्तम कुमार मिश्र ने बताया कि विभाग इस वर्ष जायद सीजन में किसानों को विशेष रूप से दलहन और सह-फसली खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो किसान गन्ने की बुवाई कर रहे हैं, वे उसके बीच के खाली स्थान में उड़द और मूंग की खेती कर सकते हैं. इसके लिए विभाग 20 किलो प्रति हेक्टेयर की सीमा तक निशुल्क बीज उपलब्ध करा रहा है. किसान हमारी आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग कर गोदामों से बीज ले सकते हैं. हमारा उद्देश्य गन्ने जैसी लंबी अवधि की फसल के साथ किसानों को कम समय में अतिरिक्त मुनाफा दिलाना है.
गन्ने के साथ सह-फसली खेती पर जोर
जिले में गन्ने का क्षेत्रफल काफी बड़ा है, जिसे देखते हुए विभाग ने इसे दलहन उत्पादन से जोड़ने का फैसला किया है. रबी सीजन में सरसों और मटर की सफल सह-फसली खेती के बाद, अब जायद में गन्ने के साथ उड़द और मूंग को बढ़ावा दिया जा रहा है. विभाग का मानना है कि इससे न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को गन्ने की फसल तैयार होने से पहले ही दालों के रूप में नकद आमदनी भी मिल जाएगी.
मक्का और बाजरा पर भारी सब्सिडी
क्षेत्र में मक्के और बाजरे के बढ़ते रकबे को देखते हुए सरकार इन पर भी अनुदान दे रही है. मक्के के बीज पर 50 प्रतिशत का अनुदान या अधिकतम 150 रुपये प्रति किलो की छूट दी जा रही है. इसी तरह, बाजरा उगाने वाले किसानों को दो हेक्टेयर तक के लिए बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिस पर भी 150 रुपये प्रति किलो तक की सीमा निर्धारित है. इससे छोटे और सीमांत किसानों को उन्नत किस्म के बीज सुलभ हो सकेंगे.
बीज वितरण और पारदर्शी प्रक्रिया
बीज वितरण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है. कृषि विभाग के गोदामों पर जो भी बीज उपलब्ध हैं, उन पर किसानों को सीधे 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है. इच्छुक किसान विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. इस डिजिटल पहल से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और सीधे पात्र किसानों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा. विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते बुकिंग कर योजना का लाभ उठाएं.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें