नींबू-संतरे की फ्रेशनेंस, फूलों की महक… कन्नौज का नया इत्र क्यों बना चर्चा का विषय? जानिए खासियत
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इत्र नगरी कन्नौज एक बार फिर अपनी पारंपरिक खुशबू कला के कारण सुर्खियों में है. यहां के एक इत्र व्यापारी ने सिट्रस, फ्लोरल और फ्रूटी नोट्स का खास मिश्रण तैयार कर ‘गुच्ची इत्र’ नाम से नई फ्रेशनेंस बाजार में उतारी है. गर्मियों के मौसम को ध्यान में रखकर विकसित की गई यह खुशबू किफायती दाम में लक्जरी अहसास देने का दावा कर रही है और युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है.
कन्नौज. कन्नौज एक बार फिर अपनी पारंपरिक खुशबू कला को आधुनिक अंदाज में पेश कर रहा है. सदियों पुरानी डिस्टिलेशन तकनीक के लिए मशहूर इस शहर में अब एक नई सिट्रस-फ्लोरल फ्रेशनेंस ने बाजार में दस्तक दी है. स्थानीय इत्र व्यापारी ने अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की शैली से प्रेरित होकर, लेकिन पूरी तरह भारतीय पारंपरिक विधि से एक खास खुशबू तैयार की है, जिसे ‘गुच्ची इत्र’ नाम दिया गया है.
गर्मियों के लिए खास तौर पर विकसित
इस इत्र को विशेष रूप से गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है. दावा है कि इसकी खुशबू दिनभर ताजगी का एहसास कराती है और पसीने के मौसम में भी फ्रेशनेंस बनाए रखती है.
नींबू, संतरा और फूलों का संतुलित मिश्रण
1) इस नई खुशबू में सिट्रस, फ्लोरल और फ्रूटी नोट्स का अनोखा संयोजन है.
2) शुरुआत में नींबू और संतरे जैसी ताजगी भरी सिट्रस महक महसूस होती है.
3) कुछ देर बाद हल्की और कोमल फ्लोरल खुशबू उभरकर सामने आती है.
4) फ्रूटी नोट्स इसे युवाओं के बीच खास बनाते हैं.
5) व्यापारी के अनुसार, यह इत्र लंबे समय तक टिकने वाला है और पूरे दिन तरोताजा एहसास देता है.
किफायती दाम में ‘लक्जरी’ का अनुभव
इस इत्र की एक और खासियत इसकी कीमत है. जहां आमतौर पर प्रीमियम फ्रेशनेंस महंगे दामों में मिलती हैं, वहीं यह ‘गुच्ची इत्र’ मात्र 300 रुपए में 10 ml उपलब्ध है. कम कीमत में बेहतर खुशबू मिलने के कारण युवा वर्ग में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.
क्या बोले इत्र व्यापारी?
इत्र व्यापारी निशीष तिवारी का कहना है कि इस नई खुशबू को ग्राहकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. उनका दावा है कि कन्नौज की पारंपरिक डिस्टिलेशन तकनीक और आधुनिक सुगंध संयोजन का यह प्रयोग भविष्य में बड़े बाजारों तक पहुंच सकता है.
परंपरा और आधुनिकता का संगम
कुल मिलाकर, सिट्रस-फ्लोरल फ्रेशनेंस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कन्नौज की खुशबू सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखती है. पारंपरिक कला और आधुनिक प्रयोग का यह संगम इत्र नगरी की नई सफलता कहानी बन सकता है.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें