रोहिणी में साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, म्यूल अकाउंट ऑपरेट करने वाली महिला अरेस्‍ट, शुरू हुई मास्‍टरमाइंड की तलाश

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क्राइम न्‍यूज. दिल्ली के रोहिणी जिले में पुलिस ने बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक महिला को गिरफ्तार किया है. विजय विहार थाना पुलिस की इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में बैंकिंग और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल लोगों से ठगी करने के लिए किया जा रहा था. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई ऑपरेशन साइबर-हॉक के तहत की गई है और मामले में आगे की जांच जारी है.

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी से जुड़ी कई शिकायतें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हुई थीं. जांच के दौरान पता चला कि असलम नाम के व्यक्ति के नाम पर खोले गए दो बैंक खातों में ठगी की रकम जमा की जा रही थी. इन खातों में बेंगलुरु के आरिफ बाशा से ठगे गए 50 हजार रुपये और तेलंगाना के पवन कुमार से ठगे गए 3.80 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे. शुरुआती जांच में यह मामला संगठित साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़ा पाया गया, जिसके बाद विजय विहार थाने में मामला दर्ज किया गया.

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर मनोहर लाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. टीम में एसआई अमित जगलान, महिला हेड कांस्टेबल सुदेश, हेड कांस्टेबल सुमित और कांस्टेबल रवि शामिल थे. जांच के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध बैंक खातों की स्टेटमेंट खंगाली, बैंकिंग ऐप्स के लॉगिन और लॉगआउट आईपी एड्रेस का तकनीकी विश्लेषण किया और 50 से ज्यादा मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और इंटरनेट डेटा रिकॉर्ड की वैज्ञानिक जांच की.

लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश में ट्रेस की गई. पुलिस टीम ने टेकजोन-4 स्थित एक घर पर छापा मारकर एक महिला को गिरफ्तार किया. पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह साइबर ठगों को कमीशन पर म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराती थी.

पुलिस के मुताबिक, इन बैंक खातों का इस्तेमाल फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश योजनाओं, नकली ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और ज्यादा मुनाफे का लालच देने वाली स्कीमों के जरिए लोगों को ठगने में किया जाता था. ठगी की रकम को कई म्यूल खातों के जरिए घुमाया जाता था ताकि पुलिस और डिजिटल ट्रैकिंग से बचा जा सके.

पूछताछ में आरोपी महिला ने खुलासा किया कि बैंक अकाउंट किट उसे एक अन्य महिला सप्लाई करती थी, जिसे पहले ही 5 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही उसने विवान नाम के व्यक्ति को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया. पुलिस अब इस गिरोह के सरगना विवान की तलाश में जुटी हुई है.

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 32 एटीएम कार्ड, 61 बैंक चेकबुक, 18 पासबुक, 8 मोबाइल फोन, 6 लैपटॉप, एक पीओएस मशीन और एक क्यूआर कोड स्कैनर मशीन बरामद की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान से साफ है कि गिरोह बड़े स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था.

रोहिणी जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ऑनलाइन निवेश या ज्यादा मुनाफे के लालच वाले ऑफर से सावधान रहें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें.

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