बैंक कर्मी बनकर 5.99 लाख की ठगी. झारखंड से साइबर ठग गिरफ्तार, मोबाइल-रकम बरामद
क्राइम न्यूज. दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों से ठगी करता था. आरोपी को झारखंड से पकड़ा गया है. उसके पास से ठगी की रकम, तीन मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक 11.02.2026 को गोविंद सिंह 53 वर्ष निवासी बृजपुरी दिल्ली ने साइबर थाने में शिकायत दी थी. शिकायत के आधार पर ई-एफआईआर नंबर 00024/26 दर्ज की गई. मामला भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं 318(4)/319/61(2)/3(5) के तहत दर्ज हुआ.
शिकायतकर्ता ने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया. उसने केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने का बहाना बनाया. आरोपी ने चालाकी से गोविंद सिंह के बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद उनके नाम पर 5,99,996 रुपये का इंस्टेंट लोन ले लिया. जब तक पीड़ित को इस ठगी का पता चलता, तब तक रकम निकाली जा चुकी थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना नॉर्थ-ईस्ट जिला की एक विशेष टीम बनाई गई. इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर राहुल कुमार, एसएचओ साइबर थाना ने किया. टीम में एसआई तलविंदर सिंह और हेड कांस्टेबल अंकित, नितिन और अनुज शामिल थे.
जांच के दौरान टीम ने तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य जुटाए. बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल लोकेशन और अन्य ऑनलाइन डेटा की जांच की गई. लगातार निगरानी और विश्लेषण के बाद पुलिस को आरोपी की लोकेशन झारखंड में मिली. टीम ने कार्रवाई करते हुए धनबाद क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिमल रबीदास 30 वर्ष निवासी धनबाद झारखंड के रूप में हुई है. तलाशी के दौरान उसके पास से 9,500 रुपये की ठगी की रकम, तीन मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए. पुलिस का मानना है कि इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जाता था.
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. जांच में यह भी सामने आया कि वह पहले से पांच अन्य समान मामलों में शामिल रहा है. ये मामले पूर्वी जिला दिल्ली, पश्चिमी जिला दिल्ली, धनबाद, निरसा झारखंड और पश्चिम बंगाल में दर्ज हैं.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के साथ और कौन लोग जुड़े हुए हैं. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है.
नॉर्थ-ईस्ट जिला के डीसीपी आशीष मिश्रा आईपीएस ने बताया कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी या केवाईसी से जुड़ी जानकारी साझा न करें. किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें.
पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत और सतर्कता से ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सकती है. मामले की आगे की जांच जारी है.