नेहरू, आजादी की लड़ाई और खामेनेई: मिसाइल हमले में मौत के बाद क्यों वायरल हुआ ईरानी नेता का 13 साल पुराना पोस्ट?
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खामेनेई की मौत के बाद उनका जवाहरलाल नेहरू की किताब ‘ग्लिम्प्स ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री’ की तारीफ करने वाला पुराना एक्स पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एक तरफ जहां मध्य पूर्व में सैन्य तनाव चरम पर है, वहीं खामेनेई का नेहरू और वैश्विक साहित्य के प्रति यह प्रेम उनके व्यक्तित्व का एक अलग पहलू पेश कर रहा है.

खामेनेई का पुराना पोस्ट वायरल हो रहा है. (AI Image)
तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के कथित सैन्य हमलों में हुई मौत के बाद दुनिया भर में खलबली मची है. जहां एक तरफ ईरान के शहरों में प्रदर्शन हो रहे हैं और ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) बदले की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर खामेनेई का एक ऐसा चेहरा सामने आया है जो अक्सर चर्चाओं से दूर रहता था. नेटिजन्स खामेनेई के उन पुराने पोस्ट्स और वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं जिनमें उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनकी लेखनी के प्रति अपनी गहरी दिलचस्पी जाहिर की थी.
नेहरू की किताब और भारत पर खामेनेई के विचार
खामेनेई ने अपने जीवन काल में नेहरू की प्रसिद्ध पुस्तक ‘ग्लिम्प्स ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री’ का न केवल गहरा अध्ययन किया था बल्कि वे इसके मुरीद भी थे. उनके द्वारा 2013 में किए गए पोस्ट अब इंटरनेट पर छाए हुए हैं:
· भारतीय के इतिहास पर हैरानी: खामेनेई ने स्वीकार किया था कि नेहरू की किताब पढ़ने से पहले उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि उपनिवेशवाद से पहले भारत ने कितनी महान ऐतिहासिक प्रगति की थी.
· ब्रिटिश शासन की आलोचना: उन्होंने नेहरू को एक भरोसेमंद और जानकार व्यक्ति बताया था. उन्होंने नेहरू के हवाले से कहा था कि भारतीय उद्योग कभी ब्रिटेन से पीछे नहीं थे बल्कि अंग्रेजों ने जबरन स्थानीय विकास को बाधित किया था.
· सांस्कृतिक विनाश का जिक्र: 2021 के एक पोस्ट में उन्होंने जिक्र किया था कि कैसे औपनिवेशिक ताकतों ने भारत जैसे आत्मनिर्भर देशों के उद्योगों और सभ्यताओं को नष्ट करने के लिए ‘सॉफ्ट वॉर’ का सहारा लिया.