एक्सपायरी बदलकर बिक रहा था जहर. दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा, हजारों नकली सामान जब्त, आरोपी अरेस्ट
क्राइम न्यूज. दिल्ली में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक खतरनाक रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. क्राइम ब्रांच की ईस्टर्न रेंज-I टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया जो एक्सपायर हो चुके खाने और कॉस्मेटिक उत्पादों को नया बताकर बाजार में बेच रहा था. पुलिस ने भारी मात्रा में सामान जब्त किया है और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुख्ता सूचना मिलने के बाद की गई. जानकारी मिली थी कि जगतपुर इलाके में एक गोदाम में एक्सपायर्ड सामान को दोबारा पैक कर बाजार में सप्लाई किया जा रहा है. इसके बाद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की अगुवाई में टीम ने गली नंबर 9B, पुश्ता रोड स्थित गोदाम पर छापा मारा. छापे के दौरान पुलिस ने मौके से ओमप्रकाश शर्मा नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसकी उम्र करीब 40 साल बताई जा रही है.
जांच में सामने आया कि आरोपी बड़े स्तर पर एक्सपायर हो चुके प्रोडक्ट जमा करता था. इसके बाद वह केमिकल की मदद से पुराने एक्सपायरी डेट और बैच नंबर मिटा देता था. फिर नई मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट छापकर सामान को दोबारा पैक किया जाता था ताकि वह बिल्कुल नया दिखाई दे. इन उत्पादों को असली सामान की तरह बाजार में सप्लाई किया जा रहा था, जिससे आम ग्राहक आसानी से धोखा खा जाते थे.
पुलिस ने बताया कि यह सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं थी बल्कि लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा भी था. खासकर एंटीसेप्टिक, हेल्थ सप्लीमेंट और खाद्य उत्पाद एक्सपायर होने के बाद नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे सामान के इस्तेमाल से संक्रमण, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती थीं.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें बरामद कीं. इनमें नेस्ले शुगर फ्री, ग्लूकोन-डी, डाबर गुलाबारी बॉडी लोशन, गुलाब जल, क्लीन एंड क्लियर फेस वॉश, विक्स वेपोरब, डाबर लाल तेल, ओडोमोस, ऑलिव ऑयल, डाबर च्यवनप्राश और सैवलॉन एंटीसेप्टिक जैसे कई ब्रांडेड उत्पाद शामिल हैं. इसके अलावा नकली लेबल छापने वाली मशीनें, प्रिंटिंग फ्रेम और पैकेजिंग सामग्री भी जब्त की गई.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान की मात्रा से साफ है कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जो बड़े पैमाने पर खतरनाक उत्पाद बाजार में भेजने की तैयारी में था. समय रहते कार्रवाई होने से हजारों उपभोक्ताओं तक यह सामान पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया.
इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर नंबर 35/2026 दर्ज कर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और ट्रेड मार्क एक्ट की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि एक्सपायर्ड सामान कहां से लाया जा रहा था और किन थोक विक्रेताओं व दुकानों तक इसकी सप्लाई की जा रही थी.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी है और आने वाले दिनों में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सामान खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट जरूर जांचें और संदिग्ध उत्पाद मिलने पर तुरंत सूचना दें. यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े फर्जीवाड़े का अंत है बल्कि लोगों की सेहत को बचाने की दिशा में अहम कदम भी माना जा रहा है.