महंत मर्डर केस का मास्टरमाइंड दिल्ली में गिरफ्तार, लूट की बड़ी वारदात से पहले पुलिस ने ऐसे दबोचा

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क्राइम न्‍यूज. दिल्ली पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया. नॉर्थ-वेस्ट जिला पुलिस ने हरियाणा के चर्चित महंत मर्डर केस के कथित मास्टरमाइंड को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में हथियारबंद लूट की वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था. पुलिस ने उसके साथ एक अन्य युवक को भी दबोचा है.

पुलिस के अनुसार यह पूरी कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई. पीपी डब्‍ल्‍रूूपीआईए, थाना अशोक विहार की टीम को अपने विश्वसनीय ‘आइज एंड ईयर्स’ नेटवर्क से जानकारी मिली थी कि दो संदिग्ध युवक इलाके में घूम रहे हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं. सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल पवन ने तुरंत यह जानकारी एसआई रोहित को दी, जिसके बाद पुलिस टीम को अलर्ट कर रणनीतिक तरीके से इलाके में तैनात किया गया.

पुलिस टीम ने प्रेमबाड़ी पुल के पास घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को रोक लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से खतरनाक हथियार बरामद हुए, जिससे साफ हो गया कि वे गंभीर अपराध की तैयारी में थे. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेंद्र (24) और चिराग पंचाल (22) के रूप में हुई है. सुरेंद्र हरियाणा के भिवानी जिले में हुए सनसनीखेज महंत हत्या मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जबकि चिराग पहली बार अपराध में शामिल हुआ और आसान पैसे के लालच में इस गैंग से जुड़ा.

जांच में सामने आया कि महंत की हत्या के पीछे डेरा की गद्दी पर कब्जा करने की साजिश थी. यह डेरा हरियाणा के भिवानी जिले के नांगल गांव में करीब 8 एकड़ पंचायत जमीन पर स्थित है. गद्दी का मतलब धार्मिक और प्रशासनिक नियंत्रण से है, जिसे लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस का मानना है कि इसी लालच ने हत्या की साजिश को जन्म दिया.

दिल्ली में पकड़े जाने से पहले आरोपी वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में एक कारोबारी की रेकी कर चुके थे. उनकी योजना हथियारों के बल पर लूट को अंजाम देने की थी. हालांकि पुलिस की सक्रियता और तेज प्रतिक्रिया ने उनकी योजना को फेल कर दिया.

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्तौल, दो स्प्रिंग एक्टिवेटेड चाकू, एक खिलौना पिस्तौल, लाल मिर्च पाउडर का पैकेट और एक स्पोर्ट्स बाइक बरामद की. पुलिस के अनुसार लाल मिर्च पाउडर का इस्तेमाल पीड़ित को अस्थायी रूप से अक्षम करने के लिए किया जाना था, जिससे वारदात को आसानी से अंजाम दिया जा सके.

इस ऑपरेशन को एसआई रोहित, एचसी पवन, एचसी अश्वनी, एचसी अनिल, कांस्टेबल सुमित और कांस्टेबल नौरत की टीम ने अंजाम दिया. पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार और एसीपी आकाश रावत की निगरानी में हुई.

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है. अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस गिरफ्तारी से एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई और इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित हुई.

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