घी आपका नया सुपरफूड क्यों होना चाहिए? जानें इसके अद्भुत फायदे!
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भारतीय रसोई में घी का इस्तेमाल सदियों से हो रहा है, लेकिन बीच में एक ऐसा दौर आया जब इसे ‘फैट’ और ‘अनहेल्दी’ मानकर रसोई से बाहर कर दिया गया. हालांकि, आज के समय में दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट घी को एक ‘सुपरफूड’ के रूप में स्वीकार कर रहे हैं.
घी में फैट में घुलने वाले विटामिन जैसे विटामिन A, D, E और K भरपूर मात्रा में होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. ये न्यूट्रिएंट्स शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने और न्यूट्रिएंट्स के एब्ज़ॉर्प्शन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे आपका नेचुरल इम्यून सिस्टम मज़बूत रहता है.
आम धारणा के उलट, घी को कम मात्रा में खाना दिल के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है. इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और हेल्दी फैट होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करने में मदद करते हैं. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण आर्टरीज़ में फैट जमा होने से रोकने में भी मदद करते हैं.
घी में मौजूद ब्यूटिरेट न सिर्फ़ पेट के लिए फ़ायदेमंद है, बल्कि पूरे शरीर में सूजन को शांत करने में भी मदद करता है. रेगुलर सेवन से जोड़ों के दर्द या सूजन की समस्याओं से परेशान लोगों को आराम मिल सकता है, जिससे पूरी तरह से शारीरिक आराम और होश आता है.
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घी अंदर से बाहर तक एक नेचुरल पोषण देने वाले के तौर पर काम करता है. इसमें मौजूद फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट स्किन को हाइड्रेट करने, उसकी इलास्टिसिटी बढ़ाने और उसे नेचुरल चमक देने में मदद करते हैं. इसका इस्तेमाल अक्सर जलन को शांत करने या रूखी स्किन के इलाज के लिए ऊपर से किया जाता है.
कई वेजिटेबल ऑयल के उलट, घी का स्मोक पॉइंट बहुत ज़्यादा (लगभग 250°C) होता है. इसका मतलब है कि यह ज़्यादा तापमान पर नुकसानदायक फ्री रेडिकल्स में नहीं टूटता, जिससे यह तलने और भूनने के लिए सबसे सुरक्षित और हेल्दी फैट में से एक बन जाता है.
घी में मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड्स (MCTs) होते हैं, जिन्हें लिवर एब्ज़ॉर्ब करता है और तुरंत एनर्जी में बदल देता है. यह एथलीट या ऐसे किसी भी व्यक्ति के लिए एक बेहतरीन एनर्जी सोर्स है जिसे पूरे दिन लगातार और लंबे समय तक चलने वाली एनर्जी की ज़रूरत होती है.
घी में मौजूद MCTs कम मात्रा में लेने पर दूसरे फैट को बर्न करने में मदद कर सकते हैं. यह शरीर को जमा फैट को एनर्जी के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा देता है और पेट खुद ही भर जाता है, जिससे आपका पेट ज़्यादा देर तक भरा रहता है और बेवजह ज़्यादा खाने की इच्छा कम होती है.