Today Weather Live | Aaj Ka Mausam- 260KM की रफ्तार से आ रही तबाही! महातूफान का साया, फिर भारी बारिश और कोहरा; IMD का पहाड़ी राज्यों से केरल तक अलर्ट
Aaj Ka Mausam Live: देश में मौसम लगातार बदल रहा है. उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक का मौसम लोगों को चौंका रहा है. राजधानी दिल्ली में गर्मी बढ़ रही है वहीं पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है. इस बीच हिंद महासागर से उठी हवाओं की रफ्तार अब मौसम की कहानी बदल रही है. समुद्र के ऊपर बना शक्तिशाली साइक्लोन ‘होरासियो’ 260 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ चुका है. मौसम वैज्ञानिक इसे इस साल का सबसे खतरनाक तूफान बता रहे हैं. भले ही इसका सीधा असर भारत पर नहीं पड़ने वाला, लेकिन इसके कारण पूरे भारतीय उपमहाद्वीप का मौसम अस्थिर हो गया है. तूफान को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में येलो अलर्ट जारी किया है. यहां तक कि केरल के तटीय इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है.
इसके साथ ही मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में अलग-अलग तरह के अलर्ट जारी किए हैं. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की चेतावनी है. दक्षिण भारत में गरज-चमक वाली बारिश का खतरा है. पंजाब में कोहरे की वापसी हो रही है. वहीं उत्तर भारत में गर्मी तेजी से बढ़ने वाली है. यानी मौसम एक साथ कई रूप दिखाने जा रहा है.
- पिछले कुछ दिनों में तापमान के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखा गया है. उत्तर-पश्चिम भारत में दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. गुजरात और महाराष्ट्र में भी गर्मी तेजी पकड़ सकती है. लेकिन इसी दौरान पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जो पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी लेकर आएंगे.
- दूसरी ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में नमी बढ़ने से बारिश का दौर जारी रहेगा. अंडमान-निकोबार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभों का संयुक्त असर आने वाले दिनों में मौसम को लगातार बदलता रहेगा.
अगले एक सप्ताह में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तरह का मौसम. (फोटो AI)
दिल्ली-NCR में बढ़ेगी गर्मी
दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है. आसमान ज्यादातर साफ रहेगा और धूप तेज होती जाएगी. मौसम विभाग के अनुसार दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. यह 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच सकता है और होली के आसपास 34°C तक जाने की संभावना है. सुबह और देर रात हल्की धुंध या स्मॉग जैसी स्थिति रह सकती है. हालांकि बारिश की कोई संभावना फिलहाल नहीं है. दिन के समय गर्मी का असर बढ़ेगा और लोगों को दोपहर में गर्म हवाओं जैसा एहसास होने लगेगा. तापमान सामान्य से ऊपर रहने के कारण मार्च की शुरुआत में ही प्री-समर जैसी स्थिति बन सकती है.
UP और उत्तराखंड जान लें मौसम
वहीं उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अलग रहेगा. 27 फरवरी तथा 2 से 4 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. इससे तापमान में गिरावट आ सकती है और पर्यटन स्थलों पर ठंड फिर बढ़ सकती है.
बिहार-झारखंड में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार और झारखंड में मौसम फिलहाल स्थिर और शुष्क बना रहेगा. लेकिन तापमान धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार मार्च की शुरुआत तक अधिकतम तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है. दिन के समय धूप तेज होगी और दोपहर में गर्मी का असर महसूस होने लगेगा. रात और सुबह का मौसम अभी थोड़ा सुहावना रहेगा. फिलहाल किसी भी प्रकार की बारिश या आंधी की चेतावनी जारी नहीं की गई है. मौसम साफ रहने से खेतों में फसलों की कटाई और कृषि कार्यों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी रहेंगी, लेकिन गर्मी बढ़ने से लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
पंजाब-हरियाणा का मौसम
- पंजाब और हरियाणा में मौसम दोहरे प्रभाव वाला रहेगा. एक ओर दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी, वहीं सुबह के समय घना कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है. IMD ने पंजाब के कई इलाकों में 28 फरवरी तक सुबह घने कोहरे की संभावना जताई है.
- हरियाणा में भी सुबह और देर रात धुंध छाई रह सकती है. दिन चढ़ने के साथ मौसम साफ हो जाएगा और धूप निकलने से तापमान तेजी से बढ़ेगा. किसानों के लिए मौसम अनुकूल रहेगा, लेकिन वाहन चालकों को सुबह यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश-बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में मौसम फिर करवट लेने वाला है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण 27 से 28 फरवरी और फिर 2 से 4 मार्च के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है. शिमला, मनाली, गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे पर्यटन स्थलों पर ताजा बर्फबारी देखने को मिल सकती है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर बढ़ेगा. पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने की संभावना है, इसलिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा से पहले अपडेट लेने को कहा है.
मध्य प्रदेश और राजस्थान का मौसम
- मध्य प्रदेश और राजस्थान में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन तापमान में तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी का असर बढ़ेगा और कई शहरों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा सकता है.
- पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में हल्की गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे दोपहर के समय गर्मी ज्यादा महसूस होगी. रात का तापमान अभी संतुलित रहेगा लेकिन आने वाले दिनों में इसमें भी बढ़ोतरी हो सकती है. मौसम साफ रहने से बारिश की कोई संभावना नहीं है, इससे गर्मी धीरे-धीरे अपने तेवर दिखाने लगेगी.
तमिलनाडु का जान लें हाल
तमिलनाडु में मौसम अपेक्षाकृत सक्रिय बना रहेगा. मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. तटीय और दक्षिणी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं. नमी बढ़ने के कारण उमस का स्तर भी बढ़ेगा, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी महसूस हो सकती है. समुद्री इलाकों में मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में ज्यादा वृद्धि नहीं होगी, लेकिन मौसम अस्थिर बना रहेगा.
साइक्लोन होरासियो कितना खतरनाक है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार साइक्लोन होरासियो इस साल अब तक बना सबसे शक्तिशाली चक्रवात माना जा रहा है. इसकी अधिकतम हवा की रफ्तार 260 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है, जो इसे बेहद खतरनाक श्रेणी में रखती है. इतनी तेज हवाएं समुद्र में ऊंची लहरें, भारी दबाव परिवर्तन और समुद्री मार्गों पर गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि मौजूदा ट्रैक के अनुसार इसका सीधा असर भारतीय तटों पर नहीं पड़ेगा. लेकिन इसका प्रभाव हिंद महासागर और आसपास के वेदर सिस्टम को अस्थिर जरूर बना रहा है.
भारत में बारिश क्यों हो रही है जबकि गर्मी शुरू हो चुकी है?
आमतौर पर फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार मौसम का पैटर्न अलग दिख रहा है. बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र, सतही सर्कुलेशन और नमी से भरी हवाओं ने वातावरण में अस्थिरता बढ़ा दी है. इसके साथ ही लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों तक नमी पहुंचा रहे हैं. यही वजह है कि गर्मी की शुरुआत के बावजूद कई राज्यों में बारिश, बादल और बर्फबारी देखने को मिल रही है. समुद्री चक्रवात भी वायुमंडलीय दबाव प्रणाली को प्रभावित कर रहा है, जिससे मौसम सामान्य मौसमी चक्र से अलग व्यवहार कर रहा है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा मौसम बदलाव दिखेगा?
सबसे बड़ा मौसम बदलाव पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखने को मिलेगा, जहां बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है. दक्षिण भारत के राज्यों खासतौर पर तमिलनाडु और केरल में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में भी बादल और बारिश सक्रिय रहेंगे. इसके विपरीत उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ेगा और गर्मी का असर जल्द महसूस होने लगेगा. यानी देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ ठंड, बारिश और गर्मी जैसे तीन मौसम देखने को मिलेंगे.
क्या साइक्लोन भारत को सीधे प्रभावित करेगा?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार फिलहाल साइक्लोन होरासियो का भारत के तटीय इलाकों से सीधा टकराव होने की संभावना नहीं है. इसका ट्रैक भारतीय सीमा से दूर बना हुआ है. हालांकि बड़े चक्रवात केवल अपने रास्ते तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे समुद्री हवाओं, नमी और वायुमंडलीय दबाव को बदल देते हैं. इसी वजह से भारत के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना हुआ है. समुद्री क्षेत्रों में लहरों की ऊंचाई बढ़ सकती है और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
आने वाले सप्ताह में लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
अगले एक सप्ताह में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तरह की मौसम चुनौतियां देखने को मिल सकती हैं. कोहरे वाले क्षेत्रो जैसे पंजाब और हरियाणा में सुबह यात्रा करते समय वाहन धीमी गति से चलाने और फॉग लाइट का उपयोग करने की सलाह दी गई है. पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण भूस्खलन और फिसलन की स्थिति बन सकती है, इसलिए यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें. तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले मौसम चेतावनी पर विशेष ध्यान देना चाहिए.