Soft and Healthy Moong Dal Dahi Bhalla Recipe। मूंग दाल दही बड़े की आसान रेसिपी
Dahi Bhalla Recipe: त्योहार हो, मेहमान आए हों या बस मन कुछ ठंडा-मीठा खाने का करे-दही बड़े का नाम आते ही मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन ज्यादातर घरों में दही बड़े का मतलब उड़द दाल से बनने वाला पारंपरिक वर्ज़न होता है, जिसे बनाने में समय भी लगता है और कई लोगों को भारी भी पड़ता है. ऐसे में अब एक हल्का, जल्दी बनने वाला और आसानी से पचने वाला विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा है-मूंग दाल दही बड़े. खास बात यह है कि ये बड़े बेहद सॉफ्ट और स्पंजी बनते हैं, मुंह में जाते ही घुल जाते हैं और बनाने की प्रक्रिया भी आसान है. घरों में, खासकर गर्मियों में, इसे एक हेल्दी और टेस्टी स्नैक या साइड डिश के तौर पर अपनाया जा रहा है.
क्यों बढ़ रही है मूंग दाल दही बड़े की लोकप्रियता
खानपान के बदलते ट्रेंड में लोग अब ऐसे व्यंजन ढूंढ रहे हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ हल्के भी हों. यही वजह है कि मूंग दाल से बने दही बड़े चर्चा में हैं. जहां उड़द दाल के बड़े कई बार भारी लगते हैं, वहीं मूंग दाल के बड़े जल्दी पच जाते हैं. घरेलू रसोइयों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह विकल्प बेहतर है. इंदौर की गृहिणी अर्चना शर्मा बताती हैं कि पहले घर में दही बड़े कम बनते थे क्योंकि सबको भारी लगते थे, लेकिन मूंग दाल वाले बड़े बनने के बाद अब यह डिश महीने में कई बार बनने लगी है.
बनाने की प्रक्रिया: आसान लेकिन कुछ बातों का ध्यान जरूरी
1. दाल की सही तैयारी ही बनाती है बड़े सॉफ्ट
मूंग दाल को धोकर भिगोना पहला और अहम कदम है. सामान्य पानी में दो घंटे या हल्के गुनगुने पानी में करीब एक घंटे में दाल फूल जाती है. पीसते समय इसमें पानी न डालना जरूरी माना जाता है, क्योंकि पतला घोल बड़े का आकार बिगाड़ सकता है. पीसी हुई दाल को 8-10 मिनट तक फेंटने से उसमें हवा भरती है और बड़े तलने पर अच्छे से फूलते हैं. यह घरेलू टिप पीढ़ियों से इस्तेमाल होती रही है-घोल का थोड़ा हिस्सा पानी में डालकर देखना, अगर वह तैर जाए तो समझिए घोल तैयार है.
2. तलने और भिगोने की तकनीक
मध्यम गरम तेल में छोटे हिस्सों में बड़े तलने से वे गोल और हल्के बनते हैं. ज्यादा गरम तेल बड़े को तुरंत लाल कर सकता है जबकि अंदर से कच्चा रह सकता है. तलने के बाद बड़े को हल्के गुनगुने नमक-हींग वाले पानी में भिगोना उन्हें स्पंजी बनाता है. कई लोग बड़े को पहले से बनाकर फ्रिज में रखते हैं और जरूरत पर भिगोकर उपयोग करते हैं-यह तरीका खासकर समारोह या पार्टी तैयारी में काम आता है.
3. दही और टॉपिंग: स्वाद का असली खेल
दही बड़े का स्वाद सिर्फ बड़े पर नहीं, दही और टॉपिंग पर भी निर्भर करता है. हल्का मीठा और फेंटा हुआ दही, इमली की मीठी चटनी, हरी चटनी, भुना जीरा, काला नमक और लाल मिर्च-इन सबका संतुलन ही अंतिम स्वाद तय करता है. भोपाल के स्ट्रीट-फूड विक्रेता बताते हैं कि ग्राहक अब मूंग दाल दही बड़े ज्यादा पसंद करने लगे हैं क्योंकि वे हल्के लगते हैं और मसालों का स्वाद ज्यादा उभरकर आता है.
हेल्दी स्नैक के रूप में बढ़ती मांग
डाइट के प्रति जागरूक लोग भी अब मूंग दाल दही बड़े को अपनाने लगे हैं. मूंग दाल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर मानी जाती है और तेल में तलने के बावजूद यह अपेक्षाकृत हल्का विकल्प माना जाता है. पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दही कम फैट वाला हो और चटनी सीमित मात्रा में डाली जाए तो यह संतुलित स्नैक बन सकता है. यही कारण है कि कई घरों में इसे शाम के नाश्ते या हल्के भोजन के रूप में परोसा जा रहा है.
पारंपरिक स्वाद का नया, हल्का रूप
दही बड़े भारतीय भोजन संस्कृति का अहम हिस्सा रहे हैं, लेकिन समय के साथ व्यंजनों में बदलाव स्वाभाविक है. मूंग दाल दही बड़े उसी बदलाव का उदाहरण हैं-जहां स्वाद वही है, लेकिन टेक्सचर और पाचन दोनों हल्के हो गए हैं. घरेलू रसोई से लेकर स्ट्रीट-फूड तक, इस डिश ने अपनी जगह बना ली है. खास बात यह है कि इसे बनाने की विधि सरल है और थोड़े अभ्यास से हर घर में रेस्टोरेंट-स्टाइल स्पंजी बड़े तैयार किए जा सकते हैं.