लेबर अड्डों पर ट्रेनिंग का नया ऐलान, मजदूरों की रोजी-रोटी में मिलेगा संतुलन, जानिए योजना का राज़

Share to your loved once


Last Updated:

गाजियाबाद. निर्माण श्रमिकों के लिए अब बड़ी राहत मिल गई है. नगर निगम की नई पहल के तहत लेबर अड्डों पर ही कौशल प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि जिन दिनों श्रमिकों को काम नहीं मिलेगा, वे उसी समय अपने हुनर को बढ़ा सकते हैं. इससे उनकी रोजी-रोटी भी सुरक्षित रहेगी और कौशल विकास के नए अवसर भी मिलेंगे.

ख़बरें फटाफट

गाजियाबाद. शहर के निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब लेबर अड्डों पर ही कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे. इसका उद्देश्य यह है कि काम की तलाश में आने वाले मजदूर खाली समय का बेहतर उपयोग कर सकें. जिस दिन उन्हें काम नहीं मिलेगा, वे प्रशिक्षण लेकर अपना हुनर निखार सकेंगे.

अब तक श्रमिकों को प्रशिक्षण लेने के लिए काम छोड़कर अलग स्थान पर जाना पड़ता था, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ता था। कई मजदूर इसी कारण प्रशिक्षण नहीं ले पाते थे. नई व्यवस्था के तहत लेबर अड्डों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे, जिससे मजदूर काम भी खोज सकेंगे और अपनी दक्षता भी बढ़ा सकेंगे.

स्थायी लेबर अड्डों का निर्माण
नगर निगम से मिली जमीन पर बोझा, अर्थला और राजेंद्र नगर में स्थायी लेबर अड्डे बनाए जाएंगे. इन स्थानों पर लगभग 160-160 वर्ग मीटर जमीन चिन्हित की गई है.
इन स्थायी लेबर अड्डों में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:
1) श्रमिकों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय.
2) पेयजल और शौचालय.
3) रियायती दरों पर भोजन.
4) श्रमिक सुविधा केंद्र, जहां वे अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकें.
अभी तक बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिक सड़कों के किनारे खुले आसमान के नीचे खड़े होकर काम का इंतजार करते थे. उन्हें गर्मी, सर्दी और बारिश में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. स्थायी लेबर अड्डे बनने से उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिलेगा.

कौशल विकास से बढ़े रोजगार के अवसर
इन लेबर अड्डों पर श्रमिकों के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे. यह प्रशिक्षण उन्हें आधुनिक तकनीक और नए काम सीखने का अवसर देगा. इससे वे अधिक कुशल बनेंगे और बेहतर रोजगार पाने के अवसर बढ़ेंगे. आंकड़ों के अनुसार, गाजियाबाद परिक्षेत्र में अब तक 3,34,587 श्रमिक पंजीकृत हैं. 2025 में 8,099 नए श्रमिक पंजीकृत हुए हैं. बड़ी संख्या में श्रमिक रोज काम की तलाश में लेबर अड्डों पर पहुंचते हैं.

अधिकारियों का कहना
उप श्रमायुक्त अनुराग मिश्रा ने बताया कि लेबर अड्डों के निर्माण से शहर में श्रमिकों की अव्यवस्थित भीड़ कम होगी और उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल मिलेगा. उन्होंने कहा कि प्रतीक्षालय, जन सुविधा केंद्र, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाएं बेहतर की जाएंगी. प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से श्रमिक अधिक कुशल बनेंगे और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त करेंगे. मिश्रा के अनुसार यह पहल श्रमिकों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

About the Author

Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP