बरेली में बढ़ते कुत्तों के झुंड, क्या डॉग शेल्टर होम ही देगा समाधान? जानिए पूरा प्लान
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बरेली में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब शहरवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है. दिन में भी कई मोहल्लों और कॉलोनियों में कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है. इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम ने डॉग शेल्टर होम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि शहरवासियों को राहत मिले और पशुओं की देखभाल भी सुनिश्चित हो सके.
बरेली. बरेली शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं. स्कूल जाने वाले बच्चे, सुबह टहलने वाले बुजुर्ग और कामकाजी लोग सड़कों पर निकलने में परेशान हो रहे हैं. मोहल्लों और कॉलोनियों में कुत्तों के झुंड दिखाई दे रहे हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है.
नगर निगम की पहल: डॉग शेल्टर होम
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर निगम बरेली ने डॉग शेल्टर होम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. पर्यावरण अभियंता राजीव राठी ने बताया कि शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को देखते हुए यह पहल की गई है. शासन स्तर पर भूमि चिन्हित करने के निर्देश प्राप्त हुए थे, और नगर निगम ने जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है.
सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन के अनुरूप
इस पूरी प्रक्रिया को सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाया जा रहा है. हाल ही में उच्च स्तर पर एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें शेल्टर होम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि प्रत्येक कुत्ते के लिए लगभग 12 वर्ग फीट स्थान आरक्षित रहेगा, ताकि उन्हें पर्याप्त जगह और सुरक्षित वातावरण मिल सके.
शेल्टर होम की सुविधाएं
प्रस्तावित शेल्टर होम में लगभग 1000 कुत्तों को रखने की क्षमता होगी. यहां उनके रहने, खाने और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी. अधिकारियों का कहना है कि शेल्टर होम केवल कुत्तों को पकड़कर रखने का स्थान नहीं होगा, बल्कि यह एक व्यवस्थित देखभाल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां पशुओं की नियमित निगरानी और देखभाल की जाएगी.
उद्देश्य: शहरवासियों और पशुओं दोनों के लिए
नगर निगम का उद्देश्य दोहरा है, एक ओर शहरवासियों को आवारा कुत्तों से राहत देना और दूसरी ओर पशुओं के प्रति मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना.
स्वीकृति का इंतजार
फिलहाल नगर निगम की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और अंतिम स्वीकृति का इंतजार है. शहरवासियों को उम्मीद है कि यह कदम जल्द साकार होगा और बरेली में आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा.
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