‘आखिर हम किस-किस को पैसे दें, क्या हम मर जाएं’, रिटायर्ड फौजी ने क्यों उठाया खौफनाक कदम; मचा हड़कंप

Share to your loved once


होमताजा खबरmadhya-pradesh

‘आखिर हम किस-किस को पैसे दें, क्या हम मर जाएं’, रिटायर्ड फौजी का खौफनाक कदम

Last Updated:

शिवपुरी जिले के करेरा तहसील के नायाब तहसीलदार के ऑफिस में रिटायर्ड फौजी कमल किशोर पाठक ने आत्मदाह करने की कोशिश की. बंटबारे प्रकरण में सुनवाई न होने से उन्होंने खुद पर पेट्रोल डाला. उन्हें मौजूद लोगों ने तुरंत पकड़ और इसी वजह से बड़ी घटना टल गई.

'आखिर हम किस-किस को पैसे दें, क्या हम मर जाएं', रिटायर्ड फौजी का खौफनाक कदमZoom

शिवपुरी जिले के करेरा के थनारा हल्का क्षेत्र में जमीन बंटवारे को लेकर न्यायालय में सुनवाई चल रही थी. इसी दौरान एक घटनाक्रम सामने आाय, जब सेवानिवृत फौजी कमल किशोर पाठक ने अपने परिवार सहित नायब तहसीलदार के चेंबर में पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया. इस घटना से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई.

प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से बड़ा हादसा टला
जमीन बंटवारे से संबंधित प्रकरण नायब तहसीलदार अशोक श्रीवास्तव की अदालत में विचाराधीन है. गुरुवार को इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी. सुनवाई के दौरान ही कमल किशोर पाठक अपने परिवार के साथ तहसील पहुंचे और कथित रूप से पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया. हालांकि, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.

मुझे PM मोदी वाला देश चाहिए: कमल किशोर पाठक
कमल किशोर पाठक ने कहा कि मैंने देश के लिए 4000 रुपए में तोप के सामने खड़े होकर सीना अर्पण किया है. डीलिंग कर ली गई. एक प्लॉट तसीलदार, एक पटवारी और एक तहसीलदार का बाबू लेगा. ये कहां का भ्रष्टाचार है और ये कैसा देश है. मुझे चाहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाला देश. सबका साथ सबका विकास. मैं पूरे परिवार के साथ आग लगाकर मर सकता हूं. आखिर हम किस-किस को पैसे दें. हम किसान लोग कहां मर जाएं. बंटवारा हो रहा था ये पूरा खेत हमारे चाचा जी को देना चाहते हैं और बदले में प्लॉट लेना चाहते हैं.

कमल किशोर पाठक ने आगे बताया कि तहसीलदार कल्पना शर्मा ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके साथ न्याय होगा और वे तहसीलदार के आश्वासन से संतुष्ट हैं. उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है.

SDM ने कही ये बात
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जब करेरा एसडीएम अनुराग निगवाल से मीडिया ने बातचीत की तो उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन बंटवारे का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान संबंधित पक्ष द्वारा आत्मदाह का प्रयास किया गया, जो प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश प्रतीत होती है. एसडीएम ने कहा कि अभी जमीन का बंटवारा नहीं हुआ है और प्रकरण विधि अनुसार प्रक्रिया में है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP