Animal Husbandry | Dairy Farming Tips | गाय-भैंस खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें | ज्यादा दूध देने वाला पशुओं की पहचान |
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Animal Husbandry: अगर आप भी डेयरी बिजनेस या फिर घर के लिए गाय-भैंस खरीदने जा रहे हैं, तो केवल उसकी सुंदरता न देखें. पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार के अनुसार, पशु की उम्र, उसके थनों की बनावट और जनन क्षमता की सही पहचान ही आपको भविष्य के बड़े नुकसान से बचा सकती है. अक्सर कम कीमत के लालच में किसान ज्यादा उम्र या बीमार पशु खरीद लेते हैं, जो बाद में घाटे का सौदा साबित होते हैं. यहां हम आपको दांतों से उम्र पहचानने से लेकर दूध की धार चेक करने तक, पशु खरीदने से पहले किन 8 बातों का ख्याल रखना सबसे जरूरी है. इन सब के बारे में बताएंगे, तो आइए जानते हैं डिटेल.
डेयरी का काम शुरू करने के लिए सही गाय या भैंस चुनना सबसे जरूरी काम है. अक्सर नए लोग चमक-धमक या कम कीमत देखकर गलत पशु ले आते हैं, जिससे बाद में दूध कम मिलता है और नुकसान होता है. पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार बताते हैं कि एक अच्छा पशु वह है जिसकी उम्र सही हो और जो पूरी तरह स्वस्थ हो. अगर आप खरीदने से पहले कुछ बुनियादी बातों की जांच खुद कर लेंगे, तो धोखे से बच जाएंगे और आपकी कमाई भी बढ़ेगी.
पशु खरीदते समय उसकी उम्र का पता लगाना सबसे पहला काम है. कम उम्र और पहले या दूसरे ब्यांत वाली गाय-भैंस सबसे ज्यादा दूध देती हैं. ज्यादा उम्र के पशु सस्ते तो मिलते हैं, लेकिन उनका दूध उत्पादन कम होने लगता है. कई बार बेचने वाले उम्र छिपाते हैं, इसलिए दांत देखकर उम्र का अंदाजा लगाएं या किसी जानकार से जांच जरूर कराएं.
एक अच्छे दुधारू पशु की पहचान उसकी बनावट से होती है. वह आगे से थोड़ा पतला और पीछे के हिस्से से चौड़ा होना चाहिए. उसकी चमड़ी पतली और मुलायम होनी चाहिए, जो अच्छी सेहत की निशानी है. पशु की आंखें चमकदार और चौकन्नी होनी चाहिए. अगर पशु सुस्त या बहुत कमजोर दिख रहा है, तो उसे न खरीदें क्योंकि बीमार पशु पर दवाइयों का खर्च ज्यादा होता है.
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पशु के चारों थन बराबर दूरी पर और सही आकार के होने चाहिए. थन ज्यादा छोटे, सख्त या टेढ़े-मेढ़े नहीं होने चाहिए. खरीदने से पहले कम से कम दो बार अपने सामने दूध निकलवाकर देखें. अगर दूध की धार सीधी और मोटी गिर रही है, तो पशु अच्छा है. दूध निकालने के बाद थन पूरी तरह सिकुड़ जाने चाहिए, यह एक बढ़िया दुधारू पशु की पहचान है.
एक सफल डेयरी के लिए जरूरी है कि पशु हर साल बच्चा दे. खरीदने से पहले मालिक से पूछें कि पशु को बच्चा देने में पहले कोई दिक्कत तो नहीं हुई. कई बार प्रजनन की समस्या वाले पशुओं को कम दाम में बेच दिया जाता है. अगर पशु की बच्चा देने की क्षमता अच्छी होगी, तो भविष्य में दूध का उत्पादन भी सही बना रहेगा.
हमेशा अच्छी और शुद्ध नस्ल के पशु को ही चुनें. अच्छी नस्ल का पशु थोड़ा महंगा जरूर मिलता है, लेकिन वह दूध ज्यादा देता है और बार-बार बीमार भी नहीं पड़ता. मिलावटी नस्ल का पशु आपके चारे का खर्च तो उतना ही लेगा, लेकिन दूध कम देगा. सही नस्ल ही डेयरी के काम को मुनाफे का सौदा बनाती है.
पशु खरीदने के बाद पुराने मालिक से उसके चारे और दाने के बारे में पूरी जानकारी लें. अचानक खाना बदलने से पशु तनाव में आ सकता है और उसका दूध तुरंत कम हो सकता है. शुरुआत में उसे वही खाना दें जो वह पहले खा रहा था, फिर धीरे-धीरे नए चारे की आदत डालें. इससे पशु नए माहौल में जल्दी ढल जाता है.
पशु को पहले कोई गंभीर बीमारी तो नहीं हुई, यह जरूर पूछें. यह भी पता करें कि उसका टीकाकरण समय पर हुआ है या नहीं. बिना टीकों वाला पशु नई जगह जाकर जल्दी बीमार पड़ सकता है. पशु का हेल्थ रिकॉर्ड देखने से आप भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से बच सकते हैं.
अगर आपको पशुओं की ज्यादा परख नहीं है, तो डॉ. अश्वनी कुमार की सलाह है कि किसी अनुभवी जानकार या डॉक्टर को साथ जरूर ले जाएं. एक्सपर्ट पशु की चाल और अंदरूनी सेहत को बेहतर समझ सकते हैं. उनकी सलाह से आप सही कीमत पर सही पशु खरीद पाएंगे और आपका पैसा सुरक्षित रहेगा.