‘110 दिन बेटी को सुनाया महामृत्युंजय मंत्र’, मालती के जन्म के बाद प्रियंका चोपड़ा को किया मजबूर, सुनाई आपबीती
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निक जोनास ने हाल ही में बेटी मालती के प्रीमैच्योर के जन्म को लेकर बात की थी. अब प्रियंका चोपड़ा जय शेट्टी के पॉडकास्ट में इस ‘ट्रॉमेटिक’ दौर के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि कैसे यह उनके और पति निक जोनास के जीवन का सबसे मुश्किल समय था. प्रियंका ने कहा कि मालती उनके लिए एक ‘मिरेकल बेबी’ है, क्योंकि उस समय वह उनकी मां बनने की एकमात्र उम्मीद थी.
नई दिल्ली. किसी भी मां के लिए उसके बच्चे से बढ़कर कुछ नहीं होता. ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा जोनास भी जब मां बनीं तो खुशी तो थी, लेकिन मन में एक डर था. देसी गर्ल अपनी बेटी से कितना प्यार करती हैं, ये उनकी तस्वीरों और वीडियो में अक्सर झलकता है. प्रियंका ने हाल ही में अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनास के प्रीमैच्योर जन्म और उसके बाद के भावुक सफर के बारे में खुलकर बात की है. 2022 में में सरोगेसी के जरिए जन्मी मालती का जन्म समय से पहले हुआ था, जिसके बाद उसे 110 दिनों तक नवजात एनआईसीयू में रहना पड़ा, जो उनके जीवन के सबसे कठिन दिनों में से एक रहे. फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
प्रियंका अपनी पर्सनल लाइफ को प्राइवेट रखना पसंद करती हैं. लेकिन, मालती के जन्म के बाद की घटनाओं ने उन्हें भावुक रूप से तोड़ दिया. जय शेट्टी के पॉडकास्ट में बात करते हुए प्रियंका ने बताया, ‘हमारा मालती तक पहुंचने का सफर खुद में बहुत कठिन था. मैं नहीं जानती कि मैं इसके बारे में बात करने के लिए तैयार हूं या नहीं, लेकिन यह मेरे लिए बहुत मुश्किल था. वह एक मिरेकल बेबी है, क्योंकि उस समय वह मां बनने की मेरी एकमात्र उम्मीद थी.’ फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
2018 में प्रियंका और निक की शादी हुई. दोनों ने पेरेंट्स बनने के लिए सरोगेसी का सहारा लिया. लेकिन मालती का जन्म 27 हफ्तों में हो गया, जो सामान्य 40 हफ्तों से काफी पहले था. उन्होंने बताया कि जब मुझे मालती के समय से पहले जन्म की खबर मिली तो मैं पूरी तरह से ‘शट डाउन’ हो गईं. उन्होंने याद किया, ‘जब हमें बताया गया कि वह 27 हफ्तों में आ रही है, तो मैं सन्न रह गई. मैं याद करती हूं कि मैं हमारे घर के फायरप्लेस के सामने कम से कम 9 घंटे बैठी रही. मेरे दिमाग में कोई विचार नहीं था. फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
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उन्होंने आगे कहा कि निक कहीं थे और वे वापस आए, उन्होंने मुझे पकड़ा और हम हॉस्पिटल चले गए. प्रियंका ने बताया, “यह कोविड का समय था और जन्म की स्थिति हर किसी के लिए बहुत तनावपूर्ण थी. वह बैंगनी रंग की थी. एनआईसीयू नर्सों की छोटी उंगलियां उसके मुंह के लिए बहुत बड़ी थीं. उन्होंने उसे कैसे इंट्यूबेट किया… मैं अभी भी वह छवि देखती हूं. शुक्र है कि हमारी सरोगेट के साथ सब ठीक था, इसलिए हम अपनी पूरी एनर्जी के साथ मालती पर फोकस कर सके. मैं बस सुन्न थी. मुझे नहीं पता था कि क्या करूं और उस पल में कैसे उपयोगी बनूं.’ फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
एनआईसीयू के पहले दिनों ने प्रियंका और निक को भावुक रूप से तोड़ दिया था. उन्होंने कहा, ‘हम उसके साथ एनआईसीयू गए. एक समय में हममें से एक को ही अनुमति थी, और वह पहली बार रोई. यह बिल्ली की तरह थी. यही सब कुछ था जो हमें मिला. मेरी मां और ससुराल वाले सब घर आ गए, लेकिन हम अस्पताल में थे. यह व्यक्तिगत रूप से ट्रॉमेटिक समय था. फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
प्रियंका ने खुलासा किया, ‘मुझे याद है कि यह खबर लीक हो गई और हमें एक टेक्स्ट मिला कि बेबी के जन्म की खबर अखबारों में डाल दिया जाएगा… इसलिए हम मजबूर होकर उसकी जन्म की घोषणा करने पड़े. हम अपनी कहानी को अपने तरीके से रखना चाहते थे, हम तैयार नहीं थे क्योंकि हमें नहीं पता था कि उसके साथ क्या होगा या वह कैसी होगी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह तीन महीने थे, लगभग 110 दिन… हमने सब कुछ रोक दिया. हम हर दिन अस्पताल में थे. डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट बनाए रखा. फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
देसी गर्ल ने बताया कि निक उसे अपनी गिटार पर गाने सुनाते थे और मेरे पास यह छोटा आईपॉड था, जो मेरे सभी मंत्र बजाता था महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र, ओम नमः शिवाय मंत्र… यह सब उसके पालने के पास में धीरे-धीरे बजता रहता था.’ मालती की मेडिकल जर्नी बेहद कठिन थी. प्रियंका ने बताया, ‘वह बहुत कीमती और हमारे लिए किसी खजाने से कम नहीं थी. यह इतना मुश्किल था… उसे छह बार खून चढ़ाया गया (ब्लड ट्रांसफ्यूजन).’ फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
प्रियंका ने बताया कि जब वह शॉक से बाहर आईं तो उन्होंने महसूस किया कि उनकी बेटी कितनी डरी हुई होगी. उन्होंने कहा, ‘एक बार जब मैं शॉक वाली स्थिति से बाहर आई, तो मुझे एहसास हुआ कि वह कितनी डरी हुई रही होगी. इसलिए मुझे परेशान या डरे रहने का कोई अधिकार नहीं था. मुझे उसकी मां बनकर उसके लिए मजबूत बनना था. पहली बार मालती को अपने सीने से लगाने के पल को याद करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘जब वह पहली बार मेरे सीने पर आई… वह इतनी छोटी थी कि उसकी उंगलियां मुझे तितलियों (बटरफ्लाई) की तरह महसूस हो रही थीं. उसका वजन सिर्फ 1 पाउंड और 11 औंस था. उस पल मैंने ठान लिया कि मैं तुम्हारी रक्षा के लिए दुनिया की हद तक चली जाऊंगी.’ फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
उन्होंने बताया कि वह हर चीज को लेकर एक ‘टाइग्रेस’ (शेरनी) बन गई थीं, चाहे वह उसका पोषण हो, दवा हो या ट्रांसफ्यूजन. प्रियंका ने कहा, ‘निक और मैं एक टीम की तरह थे. उसके वजन को बढ़ाने और उसे बचाने के लिए हर छोटी चीज ही हमारा एकमात्र काम था. बाकी सब कुछ बैकसीट पर था.’ आखिरकार, 110 दिनों के बाद जब मालती घर आई, तो वह पल अविस्मरणीय था. प्रियंका ने बताया, ‘जिस दिन हम उसे वापस घर लाए, वह बहुत छोटी थी. हम परिवार के रूप में हमारे मंदिर के सामने बैठे. उस दिन पहली बार मैं फूट-फूटकर रोई. ईश्वर को शुक्रिया किया कि वह बच गई.’ फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram
अपनी उम्र और मातृत्व के सफर पर विचार करते हुए प्रियंका ने कहा कि हो सकता है कि देरी से मां बनने का फैसला इस मुश्किल सफर की वजह बना, लेकिन वह इसे बदलना नहीं चाहेंगी. उन्होंने कहा, ‘अगर मैं पहले बच्चा पाल लेती, तो शायद वह सही समय नहीं होता और वह (मालती) नहीं होती.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा सबसे बड़ा गर्व (बिगेस्ट फ्लेक्स) यह है कि मैं इस जीवन में सही आदमी के साथ हूं, इस अविश्वसनीय बच्ची के लिए सही पिता के साथ हूं. यह सब होना ही था. मैं इस पार आकर बहुत आभारी महसूस कर रही हूं, लेकिन यह किसी और तरह से नहीं हो सकता था. फोटो साभार- @priyankachopra/Instagram