Kumar Sangakkara: श्रीलंका के टी20 वर्ल्ड कप होने से कुमार संगाकारा भी आहत, बोले- सब टूट चुके हैं
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Kumar Sangakkara emotional post after sri lanka out of t20 world cup: 2014 के बाद से श्रीलंकाई क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में पहुंचने में नाकाम रही है. मौजूदा टूर्नामेंट में भी उसका सफर सुपर-8 में ही खत्म हो गया. श्रीलंकाई टीम भारत के साथ टी20 वर्ल्ड कप 2026 की मेजबान है. टीम के टूर्नामेंट से बाहर होने पर दिग्गज कुमार संगाकारा ने एक भावुक पोस्ट किया है.

कुमार संगाकारा का छलका दर्द.
नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सह मेजबान टीम श्रीलंका टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है. न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने दूसरे सुपर-8 मैच में हार के साथ ही उसका सफर खत्म हो गया. श्रीलंका को पहले सुपर-8 मैच में इंग्लैंड से शिकस्त दी थी. यह लगातार पांचवां टी20 वर्ल्ड कप है, जिसमें श्रीलंकाई टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी है. 2014 में आखिरी बार श्रीलंका ने नॉकआउट मुकाबलों में जगह बनाते हुए टूर्नामेंट जीता था. बतौर मेजबान सुपर-8 ग्रुप से बाहर होने श्रीलंका क्रिकेट और उनके फैंस के लिए किसी सदमे से कम नहीं है. श्रीलंका के बाहर होने पर उनके पूर्व कप्तान और दिग्गज कुमार संगाकारा का दर्द भी छलक उठा. संगाकारा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि टीम और उनके चाहने वालों के लिए यह बहुत ही मुश्किल समय है.
संगाकारा ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘चारों तरफ बहुत दुख और निराशा है. फैंस टूट चुके हैं, निराश हैं और गुस्से में भी हैं. खिलाड़ी भी अंदर से बहुत आहत हैं. मैं खुद ऐसे ड्रेसिंग रूम का हिस्सा रह चुका हूं, इसलिए जानता हूं कि यह समय कितना मुश्किल होता है. देश के लिए खेलने की जिम्मेदारी के साथ यह सब आता है. अपने देश और लोगों का प्रतिनिधित्व करना एक बोझ भी है और बहुत बड़ा सम्मान भी.’
कुमार संगाकारा का छलका दर्द.
श्रीलंका 2014 में टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से टीम एक भी बार सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई है. संगाकारा श्रीलंका के उस सुनहरे दौर का हिस्सा रहे हैं, जब 2009 से 2014 के बीच टीम ने लगातार चार बार सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था. 2009 और 2012 में टीम फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रही थी और फिर दो साल बाद टीम 2014 में टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने में सफल रही.
संगाकारा ने सिर्फ सहानुभूति ही नहीं जताई, बल्कि उन्होंने टीम की बार-बार दोहराई जा रही गलतियों और आधुनिक क्रिकेट की बदलती मांगों के अनुसार खुद को ढालने में नाकामी पर सीधे सवाल उठाए. इस दिग्गज ने आगे लिखा, ‘अब हर स्तर पर बहुत काम करने की जरूरत है ताकि हम सही रास्ते पर लौट सकें. हम बार-बार वही गलतियां करते रहें और अलग नतीजों की उम्मीद करें, यह संभव नहीं है. दुनिया का क्रिकेट बहुत तेजी से बदल चुका है, लेकिन हम खुद को उस हिसाब से नहीं बदल पाए हैं. अगर हमने समय रहते बदलाव नहीं किया, तो पीछे छूट जाने का खतरा है.’
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नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें