रूहअफजा वाली कंपनी हमदर्द की बड़ी जीत, सुप्रीम कोर्ट ने माना फ्रूट ड्रिंक, अब 4% लगेगा वैट
Last Updated:
रूह अफजा शरबत बनाने वाली कंपनी हमदर्द को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मामले की सुनवाई करते हुए सप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक फ्रूट ड्रिंक है, इसके चलते इसपर केवल 4 प्रतिशत ही वैट टैक्स लगेगा. बता दें कि इससे पहले यूपी वैल्यू ऐडेड टैक्स, एक्ट 2009 के तहत 12.5 प्रतिशत टैक्स लग रहा था. हमदर्द कंपनी ने इसी नियम को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. लेकिन हाईकोर्ट ने रूह अफजा को फ्रूट ड्रिंक मानने से इनकार कर दिया था.

हमदर्द कंपनी को सुप्रीम कोर्ट से राहत.
रूह अफजा शरबत बनाने वाली कंपनी हमदर्द को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मामले की सुनवाई करते हुए सप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक फ्रूट ड्रिंक है, इसके चलते इसपर केवल 4 प्रतिशत ही वैट टैक्स लगेगा. बता दें कि इससे पहले यूपी वैल्यू ऐडेड टैक्स, एक्ट 2009 के तहत 12.5 प्रतिशत टैक्स लग रहा था. हमदर्द कंपनी ने इसी नियम को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था. लेकिन हाईकोर्ट ने रूह अफजा को फ्रूट ड्रिंक मानने से इनकार कर दिया था और हमदर्द ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.
सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत
बुधवार को जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि उत्तर प्रदेश वैल्यू ऐडेड टैक्ट एक्ट, 2008 के शेड्यूल II की एंट्री 103 के तहत रूह अफजा एक फ्रूट ड्रिंक है. इस फैसले से हमदर्द कंपनी को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब कंपनी पर टैक्स कम लगेंगे और इसके कारण अब इसकी कीमत भी कम होगी.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, इस मामले की शुरुआत इस सवाल से हुई थी कि हमदर्द के रूहअफजा पर कितना टैक्स लगेगा. या तो इसे फ्रूट ड्रिंक माना जाए या फिर इसे ऐसी चीज मानी जाए, जिसपर 12.5 पर्सेंट टैक्स लगे. साल 2007-08 और 2008-09 में हमदर्द ने इसे फ्रूट ड्रिंक बताकर चार पर्सेंट वैट चुकाया था. हालांकि राज्य सरकार कंपनी के इस बात से सहमत नहीं हुई और माना की रूहअफजा पर 12.5 प्रतिशत वैट लगना चाहिए. हालांकि हमदर्द कंपनी ने पहले इस फैसले को कॉमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल में चुनौती थी. फिर साल 2018 में जुलाई के महीने में हाईकोर्ट का रूख किया. लेकिन हाईकोर्ट ने हमदर्द कंपनी की याचिका खारिज करते हुए ट्राइब्यूनल के फैसले को सही बताया था. हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए यह कहा था कि फ्रूट ड्रिंक मांगने वालों को रूहअफजा ना दिया जाए.
About the Author
प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें