कानपुर में बनेगा यूपी का पहला सीड हब, किसानों को मिलेंगे उच्च गुणवत्ता वाले तिलहनी बीज, जानें पूरा प्लान
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केंद्र सरकार ने यहां प्रदेश का पहला सीड हब स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है. इस परियोजना पर पहले चरण में 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस सीड हब में तिलहनी फसलों पर फोकस किया जाएगा. यहां अलसी, तिल, सूरजमुखी, राई-सरसों और मूंगफली जैसी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार होंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीड हब के निर्माण के लिए कल्याणपुर स्थित एनडीएफ फार्म को चुना है. यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्र विकसित किया जाएगा.
कानपुर. कृषि और किसानों के विकास की दिशा में कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) को बड़ी उपलब्धि हासिल की है. केंद्र सरकार ने यहां प्रदेश का पहला सीड हब स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है. इस परियोजना पर पहले चरण में करीब 1.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सीड हब बनने से खास तौर पर तिलहनी फसलों की खेती करने वाले किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक लंबे समय से कृषि वैज्ञानिक सीएसए विवि में अलग से सीड हब स्थापित करने की मांग कर रहे थे. अब केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद यह योजना जमीन पर उतरने जा रही है. इससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन और वितरण की व्यवस्था और मजबूत होगी. सीएसए विवि के शोध निदेशक डॉ. महक सिंह ने बताया कि इस सीड हब में मुख्य रूप से तिलहनी फसलों पर फोकस किया जाएगा. इसमें अलसी, तिल, सूरजमुखी, राई-सरसों और मूंगफली जैसी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले बीज तैयार किए जाएंगे.
अभी विश्वविद्यालय में जो बीज संयंत्र संचालित है, उसमें सभी प्रकार की फसलों के बीजों की प्रोसेसिंग की जाती है. लेकिन अलग सीड हब बनने से तिलहनी फसलों के बीज उत्पादन, भंडारण और वितरण की व्यवस्था बेहतर तरीके से हो सकेगी. इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा, क्योंकि उन्हें समय पर प्रमाणित और उन्नत बीज उपलब्ध हो पाएंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीड हब के निर्माण के लिए कल्याणपुर स्थित एनडीएफ फार्म को चुना है. यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस केंद्र विकसित किया जाएगा. डॉ. महक सिंह के अनुसार, विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि करीब एक वर्ष के भीतर इस सीड हब को तैयार कर लिया जाए ताकि किसानों को जल्द इसका लाभ मिल सके. विवि में कई वर्षों से इन तिलहनी फसलों के जनक बीज तैयार किए जा रहे हैं. अब सीड हब बनने के बाद बड़े स्तर पर बीज उत्पादन संभव होगा और प्रदेश के अलग-अलग जिलों तक इन्हें आसानी से पहुंचाया जा सकेगा.
आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी गुणवत्ता के बीज किसी भी फसल की पैदावार बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं. सीड हब शुरू होने से किसानों को भरोसेमंद बीज मिलेंगे, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और लागत भी कम होगी. सरकार का उद्देश्य तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना है ताकि देश में खाद्य तेलों की निर्भरता कम हो सके. ऐसे में कानपुर का यह सीड हब पूरे उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें