खाने की ये 7 आदतें जो हर भारतीय को जरूर अपनानी चाहिए!
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7 Eating Habits Every Indian Must Follow: भारतीय खान-पान की संस्कृति दुनिया में सबसे समृद्ध मानी जाती है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के कारण हम अपनी कई अच्छी आदतें भूलते जा रहे हैं. आयुर्वेद और हमारे पूर्वजों के ज्ञान के अनुसार, यहां खाने की 7 ऐसी आदतें दी गई हैं जो हर भारतीय को स्वस्थ रहने के लिए फिर से अपनानी चाहिए.
सुबह गर्म पानी पीना: दिन की शुरुआत गर्म पानी से करने से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और डाइजेशन बेहतर होता है. यह एक आसान आयुर्वेदिक तरीका है जिसे पूरे भारत में बड़े पैमाने पर अपनाया जाता है. यह हाइड्रेशन को फिर से भरता है और हेल्दी स्किन और ओवरऑल एनर्जी लेवल को बनाए रखने में मदद करता है.
फल खाना: मौसमी फल खाने से ज़्यादा से ज़्यादा न्यूट्रिशन, नेचुरल मिठास और फ्रेशनेस मिलती है. भारतीय लोग गर्मियों में आम या सर्दियों में अमरूद जैसे लोकल मौसमी फल पसंद करते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और ऐसा डाइट देते हैं जो पूरे साल शरीर की नेचुरल ज़रूरतों को पूरा करता है.
रोज़ाना के खाने में मसाले शामिल करना: हल्दी, जीरा और धनिया जैसे मसाले सिर्फ स्वाद के लिए नहीं होते – वे एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और पाचन संबंधी फायदे भी देते हैं. भारतीय किचन में इनका बहुत ज़्यादा इस्तेमाल होता है, ये स्वाद बढ़ाते हैं, ओवरऑल हेल्थ को बढ़ावा देते हैं और शरीर की एनर्जी को नेचुरली बैलेंस करते हैं.
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ताज़ा पका हुआ खाना खाना: भारतीय लोग प्रोसेस्ड फूड के बजाय ताज़ा पका हुआ, घर का बना खाना पसंद करते हैं. ताज़ा पकाने से न्यूट्रिएंट्स बने रहते हैं, स्वाद बेहतर होता है और हाइजीन बनी रहती है. यह तरीका बैलेंस्ड न्यूट्रिशन को बढ़ावा देता है, इम्यूनिटी को मजबूत करता है और लोगों को कल्चरल रूप से चली आ रही कुकिंग की परंपरा देता है.
हर्बल चाय पीना: तुलसी, अदरक या सौंफ से बनी हर्बल चाय भारतीय घरों में आम है. ये डाइजेशन में मदद करती हैं, स्ट्रेस कम करती हैं और इम्यूनिटी बढ़ाती हैं. रोज़ाना ये चाय पीने से गर्मी, स्वाद और दवा वाले फायदे मिलते हैं, जो इन्हें भारतीय हेल्थ रूटीन का एक ज़रूरी हिस्सा बनाते हैं.
घी का कम इस्तेमाल करें: घी अपने भरपूर स्वाद और हेल्थ बेनिफिट्स के लिए जाना जाता है, जिसमें डाइजेशन में मदद करना और इम्यूनिटी को बेहतर बनाना शामिल है. भारतीय अपने खाने में, खासकर दाल और रोटी में थोड़ी मात्रा में घी डालते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि जब सही मात्रा में खाया जाता है, तो यह बिना किसी नुकसान के न्यूट्रिशन देता है.
हाथों से खाना: हाथों से खाना एक परंपरा है जो खाने के संतोषजनक अनुभव को बढ़ाती है. यह उंगलियों की नसों को स्टिम्युलेट करके डाइजेशन को बेहतर बनाता है और खाते समय अवेयरनेस को बढ़ाता है, जिससे भारतीय खाने के टेक्सचर, स्वाद और मात्रा का आसानी से आनंद ले पाते हैं.