No Milk Paneer Lauki Peanut Vegan Paneer Recipe। लौकी और मूंगफली से घर पर बिना दूध पनीर बनाने का आसान तरीका वायरल
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No Milk Paneer Recipe: रसोई में कई बार ऐसी छोटी-सी कमी बड़ा सवाल खड़ा कर देती है-जैसे अचानक मेहमान आ जाएं और घर में दूध ही न हो. पनीर वाली सब्ज़ी का प्लान वहीं अटक जाता है, लेकिन अब सोशल मीडिया की दुनिया से एक ऐसा देसी जुगाड़ सामने आया है, जिसने इस दिक्कत को लगभग खत्म कर दिया है. लौकी और मूंगफली से तैयार होने वाला ‘नो-मिल्क पनीर’ इन दिनों घरों में ट्राई हो रहा है और लोगों को चौंका भी रहा है. दिखने में सफेद, छूने में नरम और पकाने में लगभग असली पनीर जैसा-यह ऑप्शन खासकर उन लोगों के लिए राहत बनकर आया है जो दूध से परहेज करते हैं या वेगन डाइट फॉलो करते हैं.
बिना दूध पनीर का ट्रेंड क्यों बढ़ रहा है आजकल खाने को लेकर लोगों की सोच बदल रही है. कुछ लोग लैक्टोज इंटॉलरेंस की वजह से डेयरी से दूर रहते हैं, तो कुछ वेगन लाइफस्टाइल अपनाते हैं. ऐसे में पनीर जैसी चीज़ों के प्लांट-बेस्ड ऑप्शन खोजे जा रहे हैं. लौकी-मूंगफली वाला यह तरीका इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें महंगे या विदेशी इंग्रीडिएंट नहीं लगते-घर में मिलने वाली चीज़ों से ही तैयार हो जाता है. घरेलू रसोइयों का अनुभव भी यही कहता है कि जब इसे करी या भुर्जी में पकाया जाता है तो फर्क पहचानना आसान नहीं होता. कई लोग इसे बच्चों के टिफिन में भी डाल रहे हैं, क्योंकि मूंगफली से प्रोटीन मिलता है और लौकी से हल्कापन.
कैसे बनता है लौकी-मूंगफली पनीर तैयारी की बुनियाद इस रेसिपी में दो चीज़ें मुख्य हैं-ताजी लौकी और भीगी मूंगफली. मूंगफली को रातभर भिगोकर उसका छिलका हटाना जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे रंग साफ रहता है और टेक्सचर भी बेहतर बनता है. लौकी को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है ताकि पीसने में आसानी रहे.
पेस्ट से ‘दूध’ तक दोनों को बराबर मात्रा में मिक्सर में डालकर बारीक पीस लिया जाता है. यह पेस्ट छानने पर एक गाढ़ा, दूध जैसा तरल देता है. यही इस रेसिपी का सबसे दिलचस्प हिस्सा है-यानी बिना दूध के ‘दूध जैसी’ बेस तैयार करना. जरूरत पड़े तो थोड़ा पानी मिलाकर इसे पतला किया जाता है ताकि उबालने पर सही तरह फटे.
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उबाल और फटने की प्रक्रिया मिश्रण को मोटे तले की कड़ाही में उबाला जाता है. हल्का उबाल आते ही थोड़ा-थोड़ा सिरका या नींबू रस मिलाया जाता है. कुछ ही सेकंड में ठोस और पानी अलग दिखने लगता है-बिल्कुल दूध से पनीर बनने जैसा. यह संकेत है कि पनीर तैयार होने की दिशा में है.
सेट करने का तरीका और टेक्सचर फटे मिश्रण को सूती कपड़े में छानकर पानी अलग कर दिया जाता है. फिर कपड़े को कसकर बांधकर ऊपर वजन रखा जाता है. करीब 30 मिनट बाद जब कपड़ा खोला जाता है तो एक ठोस, सफेद ब्लॉक तैयार मिलता है. इसे काटने पर टुकड़े साफ निकलते हैं, जो पनीर जैसे दिखते हैं. घरेलू कुकिंग एक्सपेरिमेंट करने वालों का कहना है कि हल्का दबाने पर यह टूटता नहीं, बल्कि नरम दबता है-जो अच्छे पनीर की पहचान मानी जाती है. तलने पर यह हल्का सुनहरा भी हो जाता है.
स्वाद और पोषण की चर्चा लौकी का स्वाद बहुत हल्का होता है, इसलिए पनीर में मूंगफली का हल्का नट्टी फ्लेवर आता है. मसालेदार ग्रेवी में यह आसानी से घुल जाता है. पोषण के नजरिये से देखें तो इसमें डेयरी फैट कम और प्लांट प्रोटीन ज्यादा होता है. यही कारण है कि फिटनेस-फ्रेंडली डाइट में भी इसे शामिल किया जा रहा है. कुछ लोगों ने इसे पालक पनीर, पनीर टिक्का और भुर्जी में ट्राई किया और अनुभव साझा किया कि मसालों के साथ यह लगभग असली पनीर जैसा लगता है. हालांकि मीठे पकवानों में इसका इस्तेमाल अभी कम दिखा है.
रसोई के प्रयोग से ट्रेंड तक सोशल मीडिया पर कई कुकिंग पेज इस रेसिपी को शेयर कर रहे हैं. घर-घर में इसे ट्राई करने की वजह भी यही है कि इसमें जोखिम कम है-अगर सही न भी बने तो सामग्री महंगी नहीं. धीरे-धीरे यह घरेलू जुगाड़ से एक छोटे ट्रेंड में बदलता दिख रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि प्लांट-बेस्ड डेयरी ऑप्शन आने वाले समय में और बढ़ेंगे, क्योंकि कीमत, सेहत और पर्यावरण तीनों वजहें लोगों को प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में देसी सामग्री से बने ऑप्शन ज्यादा लोकप्रिय हो सकते हैं.