CJI Surya kant | CJI Suryakant News | सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में बढ़ती PIL पर जताई नाराजगी.

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‘कुछ लोग सुबह अखबार पढ़ते हैं, शाम में PIL डाल देते हैं’, CJI हुए नाराज

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CJI Surya Kant News: सीजेआई सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल यानी पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की बढ़ती संख्या पर नाराज हैं. उन्होंने बगैर नाम लिए वकीलों पर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि कुछ लोग सुबह न्यूजपेपर पढ़ते हैं और शाम को कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर देते हैं.

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सीजेआई सूर्यकांत ने पीआईएल पर नाराजगी जाहिर की है.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत सख्त टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं. सीजेआई सूर्यकांत जल्द से जल्द पेडिंग केसों की संख्या कम करना चाहते हैं. वह मामले को लंबित होने देने में यकीन नहीं रखते. यही कारण है कि जब बंगाल एसआईआर का मामला भी सामने आया तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि काम ज्‍यादा तो दूसरे राज्य से जजों की फौज बुला लें. इस बीच सीजेआई सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल यानी पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन पिटीशन की बढ़ती संख्या पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा- कुछ लोग सुबह अखबार पढ़ते हैं और शाम में पीआईएल फाइल कर देते हैं.

सीजेआई क्यों हुए नाराज
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस सीजेआई सूर्यकांत ने मंगलवार को पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन पिटीशन की बढ़ती हुई संख्या पर चिंता जताई. सीजेआई सूर्यकांत अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुछ ‘जाने-माने लोगों का एजेंडा सुबह अखबार पढ़ना और शाम तक पिटीशन फ़ाइल करना लगता है. मंगलवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा, ‘हम PIL की तेज़ी से बढ़ती संख्या पर हैं. ऐसा लगता है कि अब कुछ जाने-माने चेहरे ऐसे हैं जिनका एकमात्र एजेंडा सुबह अख़बार पढ़ना और शाम तक पिटीशन फाइल करना है.’ हालांकि, सीजेआई ने किसी का नाम नहीं लिया.

सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी लगाई थी फटकार
इससे पहले 2022 के एक फैसले में भी सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन की तेजी से बढ़ती संख्या के बारे में टिप्पणी की थी.सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था, ‘हालांकि, ऐसी कई पिटीशन में कोई पब्लिक इंटरेस्ट शामिल नहीं होता है. पिटीशन या तो पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन होती हैं या पर्सनल इंटरेस्ट लिटिगेशन. हम ऐसी फालतू पिटीशन फाइल करने के तरीके की बहुत बुराई करते हैं. वे कानून के प्रोसेस का गलत इस्तेमाल करने के अलावा कुछ नहीं हैं. वे कोर्ट के कीमती समय का गलत इस्तेमाल करते हैं, जिसका इस्तेमाल असली मुद्दों पर विचार करने के लिए किया जा सकता था. अब समय आ गया है कि ऐसी सो-कॉल्ड पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन को शुरू में ही खत्म कर दिया जाए ताकि बड़े पब्लिक इंटरेस्ट में डेवलपमेंट के काम न रुकें.’

वकील को सीजेआई ने हड़काया था
बीते दिनों भी सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत नाराज हुए थे. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक वकील की टिप्पणियों पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए खुले कोर्ट में चेतावनी दी थी. सीजेआई सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. मेंशनिंग के दौरान वरिष्ठ वकील मैथ्यूज नेदुमपारा ने न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम व्यवस्था को चुनौती देने और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) को बहाल करने से जुड़ी याचिका उठाने की कोशिश की. इस पर सीजेआई ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री के सामने ऐसी कोई याचिका सूचीबद्ध ही नहीं है.

इसके बाद नेदुमपारा ने टिप्पणी की कि अडानी जैसे कारोबारी दिग्गजों से जुड़े मामलों के लिए संविधान पीठ बनती है, जबकि आम आदमी से जुड़े मुद्दे नहीं सुने जाते. यही टिप्पणी सीजेआई की बेंच को नागवार गुज़री. फिर सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा, ‘मिस्टर नेदुमपारा, मेरे कोर्ट में बोलते समय सावधान रहिए. आपने मुझे चंडीगढ़ और दिल्ली में देखा है… मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं. यह मत समझिए कि आप दूसरे बेंचों की तरह यहां भी बदतमीजी कर पाएंगे.’ कोर्ट में उनकी तल्खी साफ झलकी.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें

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