5 Positive Vastu Paintings for Home। घर की दीवारों पर लगाएं 5 वास्तु पेंटिंग्स
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Best Painting For Home: कई बार हम घर की सजावट के लिए नई पेंटिंग खरीद लेते हैं, लेकिन यह नहीं सोचते कि वह हमारे माहौल पर क्या असर डालती है. वास्तु के जानकार मानते हैं कि दीवारों पर लगे चित्र सिर्फ सजावट नहीं होते, वे घर की ऊर्जा को भी प्रभावित करते हैं. यही वजह है कि पुराने घरों में खास तरह के चित्र और प्रतीक देखे जाते थे-घोड़े, पहाड़, देवता या प्रकृति के दृश्य. आज मॉडर्न इंटीरियर में भी लोग ऐसी पेंटिंग्स की ओर लौट रहे हैं जो देखने में सुंदर होने के साथ सकारात्मकता का एहसास दें. अगर आप भी अपने घर की दीवारों पर नया चित्र लगाने की सोच रहे हैं, तो ये 5 वास्तु के विकल्प आपके लिए काम के साबित हो सकते हैं.
घर की दीवारों पर लगाए गए चित्र सिर्फ सजावट नहीं, माहौल की ऊर्जा भी बदलते हैं. सात घोड़े, जलप्रपात, गणेश, पहाड़ और मोर जैसे वास्तु-अनुमोदित चित्र सकारात्मकता, स्थिरता और समृद्धि का एहसास बढ़ाते हैं.
1. जलप्रपात या बहते पानी का चित्र: नई शुरुआत का संकेत बहते पानी या झरने का दृश्य देखने में ही सुकून देता है, और वास्तु के अनुसार यह जीवन में प्रवाह और अवसरों का प्रतीक है. कई लोग घर के ड्राइंग रूम या स्टडी एरिया में ऐसी पेंटिंग लगाते हैं ताकि माहौल हल्का और शांत महसूस हो. पर एक बात का ध्यान जरूरी है-पानी साफ और उजला दिखे, अंधेरा या उग्र जलप्रवाह नहीं. इसे उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने की सलाह दी जाती है. यह स्थान करियर और अवसरों से जुड़ा माना जाता है.
2. 7 घोड़ों की पेंटिंग: सफलता और ऊर्जा का प्रतीक 7 सफेद घोड़ों की दौड़ती हुई पेंटिंग वास्तु में सबसे लोकप्रिय मानी जाती है. कहा जाता है कि यह चित्र गति, प्रगति और लक्ष्य की ओर बढ़ने की ऊर्जा को दर्शाता है. अक्सर लोग इसे लिविंग रूम या ऑफिस की दीवार पर लगाते हैं ताकि काम में रुकावट कम हो और प्रेरणा बनी रहे. ध्यान रखने वाली बात यह है कि घोड़े स्पष्ट, स्वस्थ और एक दिशा में दौड़ते दिखें. इस पेंटिंग को पूर्व या दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाना बेहतर माना जाता है.
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3. मोर की पेंटिंग: सौंदर्य और समृद्धि का संकेत रंग-बिरंगे मोर का चित्र घर के माहौल में तुरंत जीवंतता ला देता है. वास्तु के अनुसार मोर प्रेम, आनंद और समृद्धि का प्रतीक है. अक्सर लोग इसे लिविंग रूम या डाइनिंग एरिया में लगाते हैं ताकि घर का वातावरण खुशहाल महसूस हो. जोड़े में मोर का चित्र वैवाहिक सामंजस्य से भी जोड़ा जाता है. इसे उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह से जुड़ी दिशा मानी जाती है.
4. पहाड़ या पर्वत का दृश्य: स्थिरता और भरोसे का एहसास ऊंचे पहाड़ों का दृश्य मन में सुरक्षा और स्थिरता का भाव पैदा करता है. वास्तु के मुताबिक ऐसे चित्र जीवन में मजबूती और निर्णय क्षमता को दर्शाते हैं. कई इंटीरियर डिजाइनर भी बेडरूम या स्टडी में पहाड़ों की पेंटिंग लगाने की सलाह देते हैं क्योंकि यह मानसिक संतुलन और ध्यान को मजबूत करती है. इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा की दीवार पर लगाना बेहतर माना जाता है, जो रिश्तों और स्थिरता से जुड़ी दिशा मानी जाती है.
5. भगवान गणेश का चित्र: शुभता और सुरक्षा का भाव घर के प्रवेश द्वार या लिविंग एरिया में भगवान गणेश का चित्र लगाना बेहद आम परंपरा है. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और घर में शुभता का वातावरण बना रहता है. खासकर नए घर में शिफ्ट होने पर लोग सबसे पहले गणेश का चित्र या प्रतीक लगाते हैं. ऑफिस या वर्कस्पेस में भी गणेश की पेंटिंग लगाना काम में स्थिरता और आत्मविश्वास का संकेत माना जाता है. प्रवेश द्वार के ऊपर या सामने की दीवार इस चित्र के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
सजावट के साथ ऊर्जा भी चुनें आजकल दीवार सजाने के लिए अनगिनत विकल्प मौजूद हैं-एब्सट्रैक्ट आर्ट से लेकर डिजिटल प्रिंट तक. लेकिन वास्तु-अनुमोदित चित्रों की खासियत यह है कि वे सिर्फ देखने में सुंदर नहीं होते, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी सकारात्मक असर डालते हैं. कई लोग बताते हैं कि सही जगह सही चित्र लगाने से घर का माहौल बदला-सा महसूस होता है. चाहे आप वास्तु में पूरी तरह विश्वास करें या न करें, इतना तय है कि प्रकृति, प्रतीक और संतुलित दृश्य मन को सुकून जरूर देते हैं. इसलिए अगली बार पेंटिंग चुनते समय सिर्फ रंग और डिजाइन नहीं, उसके भाव और स्थान को भी ध्यान में रखें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)