मल्टीनेशनल कंपनी में लाखों का पैकेज छोड़ा, फिर शुरू किया खुद का अनोखा बिजनेस, कुछ इस तरह मिला आइडिया

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Success Story: कहते हैं कि अगर कुछ अलग करने की चाहत हो, तो उसके लिए पूरी शिद्दत से मेहनत करनी होती है और रिस्क लेकर काम करना होता है. ऐसी ही कुछ कहानी नोएडा के सेक्टर 128 में रहने वाले ऋषि प्रकाश सिंह की है, जिन्होंने मल्टी लेनशनल कंपनी में अच्छे पैकेज को छोड़ कुछ अलग करने की ठानी.

नोएडा: नोएडा के सेक्टर 128 में रहने वाले ऋषि प्रकाश सिंह मल्टी लेनशनल कंपनी में अच्छे पैकेज को छोड़ लोगों के स्वास्थ्य के लिए देशी और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट उनके घर तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि जिस तरह हम हर रोज जिस वातावरण में जी रहे हैं, हजार बीमारियों को न्योता दे रहे हैं. इसी सोच के साथ मिल्टस से बने प्रोडक्ट लेकर आए हैं और ये उनका सपना भी था.

17 से 18 साल कॉर्पोरेट सेक्टर में किया काम

ऋषि प्रकाश सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि उन्होंने 17 से 18 साल कॉर्पोरेट सेक्टर में जॉब किया. अब उन्होंने इससे अपने नए करियर की शुरुआत की है, जहां उन्होंने अपना एक नया बिजनेस शुरू किया है और अपना एक ब्रांड योडले (Yodley) बनाया है. इसका मकसद है कि अच्छे और हेल्दी फूड के प्रोडक्ट को कस्टमर तक पहुंचाया जाए.

उन्होंने कहा, ‘एक बात हम सुनते चले आए हैं कि पैकेट वाला फूड स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है और यह हम भी मानते हैं. लेकिन हमें हमारी रिसर्च और काम के दौरान पता चला कि हर पैकेट फूड अनहेल्दी नहीं होता है. हमने जिस सेक्टर में काम किया है और आज जो लोग कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर रहे हैं, उन्हें हेल्दी और अच्छे फूड की बहुत आवश्यकता है और इसी के चलते हमने यह शुरू किया है.’

बॉडी को जरूरी हर न्यूट्रिशियन होता है मिल्ट्स में

उन्होंने कहा, ‘हमने अपने अनुभव और स्वास्थ्य को देखते हुए जाना कि स्वस्थ रहने के लिए मिल्ट्स से ज्यादा और अच्छा कुछ नहीं है. जो न्यूट्रिशंस या कहें न्यूट्रिशन वेल्यू हमें खाने में चाहिए, वो मिल्ट्स में ही मिलती है, जैसे- फाइबर, कॉपर, प्रोटीन और दूसरी सभी चीजें. फिलहाल हम पैन इंडिया लेवल पर ऑनलाइन और ऑफलाइन अपना प्रोडक्ट बेच रहे हैं. आने वाले समय में जल्द ही विदेशी मार्केट में भी यह प्रोडक्ट आपको दिखेगा और यह हमारे इंडिया का सुपरफूड ग्लोबल मार्केट में लोग खरीद पाएंगे.

खुद भी स्वस्थ्य और दूसरे भी स्वस्थ्य

इसके साथ ही ऋषि ने बताया कि लाखों का पैकेज को छोड़कर उन्होंने ये नया रास्ता चुना है. उनका ये भी कहना है कि लगातार डेढ़ दशक से ज्यादा कॉरपोरेट सेक्टर में काम करते-करते मन ऊब गया था और दिमाग में था कुछ नया और अलग करना है, जिसके चलते हम भी स्वस्थ्य रहें और हमारे देशवासी भी.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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