मणिपुर की बूंग ने BAFTA 2026 में बेस्ट फैमिली फिल्म जीती
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मणिपुर की फिल्म ‘बूंग’ ने BAFTA 2026 में ‘बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म’ का अवॉर्ड जीता. फिल्म में 13 साल के गुगुन किपगेन ने मुख्य भूमिका निभाई. छोटी सी उम्र में गुगुन किपगेन को काफी कुछ सहना पड़ा है. उनकी जिंदगी काफी उथल-पुथल भरी रही है.

‘बूंग’ एक्टर ने 13 साल की उम्र में इतिहास रच दिया.
नई दिल्ली. 22 फरवरी की रात को सिनेमा की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स बाफ्टा का आयोजन हुआ था. कई विदेशी फिल्मों ने बाफ्टा में बड़ी जीत हासिल की. इन सबके बीच भारत के मणिपुर से निकली फिल्म बूंग ने ‘बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म’ का अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है. ये जीत न सिर्फ मणिपुर बल्कि पूरे भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. ‘बूंग’ को फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ कई प्रोडक्शन हाउस ने मिलकर बनाया है. ये फिल्म एक छोटे से लड़के की कहानी है जो मणिपुर हिंसा के बाद अपने पिता की तलाश में जुट जाता है. तो चलिए जानते हैं कि 13 साल का ये एक्टर कौन है जिसने छोटी सी उम्र में बड़ा कारनामा कर दिखाया है.
जहां दुनिया की चकाचौंध और प्रतिष्ठित BAFTA 2026 की रेड कार्पेट पर ‘बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म’ का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं उस फिल्म का असली हीरो गुगुन किपगेन फिलहाल अपनी जिंदगी की एक अलग ‘परीक्षा’ में व्यस्त है. 13 वर्षीय गुगुन, जिसने मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ में मुख्य भूमिका निभाकर इंटरनेशनल लेवल पर सुर्खियां बटोरीं, इन दिनों दिल्ली के एक कमरे में अपनी कक्षा 6 की फाइनल परीक्षाओं के लिए भाषा टेस्ट की तैयारी कर रहा है.
गुगुन किपगेन की दर्दनाक है जिंदगी
‘बूंग’ फिल्म की कहानी जितनी मार्मिक है, गुगुन की असल जिंदगी की कहानी उससे कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण रही है. फिल्म में गुगुन ने एक मैतेई लड़के ‘बूंग’ का किरदार निभाया है जो अपने पिता की तलाश में निकलता है, लेकिन पर्दे की इस एकता के विपरीत, गुगुन एक कूकी लड़का है. फिल्म की शूटिंग मई 2023 के शुरुआती हफ्तों में मणिपुर की खूबसूरत वादियों में पूरी हुई थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. इस खूबसूरत फिल्म की शूटिंग 3 मई, 2023 को खत्म हुई जिसके बाद शांति का प्रतीक माने जाने वाला मणिपुर खून के रंग में रंग गया.
फिल्म की शूटिंग खत्म होते ही मणिपुर में भड़की हिंसा
3 मई 2023—यह वही तारीख थी जब मणिपुर में कूकी-जो और मैतेई समुदायों के बीच भीषण जातीय हिंसा भड़क उठी. शूटिंग खत्म होने के तुरंत बाद राज्य में फैली इस आग ने गुगुन और उसके परिवार को भी अपनी चपेट में ले लिया. जो बच्चा कुछ दिन पहले फिल्म के सेट पर लाइट और कैमरे के बीच अपनी प्रतिभा बिखेर रहा था, उसे अचानक इम्फाल में अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा.
विस्थापित हुआ गुगुन किगपेन का परिवार
एक्टर के परिवार के करीबी लोगों ने बताया कि गुगुन किगपेन की पढ़ाई की खातिर इम्फाल से विस्थापित हुआ परिवार अब दिल्ली में रह रहा है. यह कहानी केवल एक अभिनेता की सफलता की नहीं, बल्कि मणिपुर के उस जज्बे की भी है जो हिंसा और विस्थापन के जख्मों के बावजूद कला और शिक्षा के जरिए अपनी नई पहचान बना रहा है. गुगुन किपगेन आज उन हजारों विस्थापित बच्चों के लिए आशा की एक किरण है, जो युद्ध जैसी स्थितियों के बीच भी अपने सपनों को जिंदा रखे हुए हैं.
‘बूंग’ की बाफ्टा में बड़ी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म की स्टारकास्ट समेत पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ये सिर्फ मणिपुर नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का मौका है. उन्होंने कहा कि ये फिल्म मणिपुर की उस भावना को दर्शाती है जो लाख मुश्किलों के बाद भी लड़ना जानते हैं.
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प्रांजुल सिंह 3.5 साल से न्यूज18 हिंदी से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने Manorama School Of Communication (MASCOM) से जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन में डिप्लोमा किया है. वो 2.5 साल से एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही है…और पढ़ें