भारत-इजरायल के बीच होने वाली है मेगा डील: रक्षा समझौतों से लेकर FTA तक, राजदूत अजार ने खोले सारे राज

Share to your loved once


नई दिल्‍ली. इजरायली राजदूत रुविन अजार ने पीएम मोदी के आगामी इजराइल दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए इसे इजराइल के लिए बड़े सम्मान की बात कहा है. अजार के अनुसार भारत और इजराइल के बीच रक्षा सहयोग को नई गति मिलेगी और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे. न्‍यूज18 इंडिया से एक्‍सक्‍लूसिज बातचीत के दौरान उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ‘हेक्सागन ऑफ एलायंस’ में भारत एक आदर्श साझेदार है. राजदूत ने खुलासा किया कि साल के अंत तक दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की प्रबल संभावना है. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल के लोग पीएम मोदी को सुनने के लिए उत्सुक हैं. क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कूटनीति तभी सफल होगी जब ईरान से खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

पूरा इंटरव्यू 

सवाल: नौ साल बाद पीएम नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे को कैसे देखते हैं, 7 अक्टूबर 2023 के बाद पीएम मोदी का ये पहला दौरा है?
जवाब: रुविन अज़ार,  इजरायल राजदूत : पीएम मोदी का स्वागत हम सबसे ऊंचे स्तर पर करेंगे.  इजरायल के लोग भारत को प्यार करते है और पीएम मोदी के दौरे से इजरायल खुश है. पीएम मोदी का इजराइल आना हमारे लिए सम्मान की बात है. पीएम मोदी और पीएम नेतन्याहू के बीच में बहुत अच्छा बॉन्ड है. रक्षा क्षेत्र में हम तेजी से निवेश करने जा रहे है… हमलोग इंफ्रास्ट्रक्चर में नए लेयर जोड़ेंगे.

सवाल:  इजरायल को पीएम मोदी के दौरे से क्या अपेक्षाएं हैं?
जवाब: भारत दुनिया का तेजी से बढ़ता हुआ पावर है…चौथी अर्थव्यवस्था है.इजरायल छोटा देश है और भारत से इजरायल को पाने के लिए बहुत कुछ है. रक्षा और नागरिक क्षेत्र में हम और भी काम करने को अग्रसर है.

सवाल: पीएम मोदी के इजराइल दौरे के बाद रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में क्या बदलाव आएगा ? क्या ये भारत में मेक इन इंडिया पहल को समर्थन करेगा?
जवाब: भारत और इजरायल की कंपनिया ज्वाइंट वेंचर के लिए आगे आ रही है… मेक इन इंडिया पहल को भी समर्थन करेगा. हमलोग बहुत समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.

सवाल: पीएम मोदी इजराइल की संसद को संबोधित करेंगे. इसका क्या संदेश है इज़राइल के लिए?
जवाब: संसद लोगो का है. Knesset के सभी सदस्य पीएम मोदी को सुनना चाहते हैं.

सवाल: बोर्ड ऑफ पीस में भारत ने आब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया. भारत क्या भूमिका क्षेत्र में निभा सकता है?
जवाब: भारत क्षेत्र में स्थायित्व के लिए बड़ी भूमिका निभा रहा है. हमारे क्षेत्र में भारत का बहुत stakes है. भारत लाखों कामगारों की सप्लाई करता है, लाखों करोड़ों डॉलर का व्यापार है…भारत को क्षेत्र की समृद्धि के लिए रोल अदा करनी है.

सवाल: Hexagon of alliances के क्या मायने हैं?
जवाब: कुछ देश बहुत सक्रिय है और निजी क्षेत्र को बढ़ावा दे रहे है. ये देश अपने डिफेंस का निर्माण कर रहे है, समृद्ध भविष्य के लिए साथ काम कर रहे हैं… और ये देश अलगाववाद और आतंकवाद को खारिज करते है. भारत, UAE, ग्रीस, इजरायल, अफ्रीका और मध्य एशिया के देश स्थिर है और समृद्धि पर फोकस कर रहे है और सुरक्षित है.हमलोग आदर्श साझेदार है.

सवाल: ईरान में स्थिति जटिल है. क्या आनेवाले दिनों में आप अमेरिकी कार्रवाई देखते है?
जवाब: कूटनीति को सफल होना हमारे लिए महत्वपूर्ण है. ईरान दावा करता है कि वो इजराइल को खत्म करना चाहता है.  हमलोग ईरान से खतरे को खत्म करना चाहते है. ईरान ने मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और आतंकी ग्रुप को ईरान की तरफ से मदद के जरिए अस्तित्व का खतरा पैदा किया है. अगर ईरान अमेरिका के साथ बातचीत में इन शक्तियों का त्याग करता है तो कूटनीति सफल होगी, और ऐसा नहीं होता तो हमे परिणाम झेलना पड़ेगा.

सवाल: FTA पर क्या मोदी के दौरे या आनेवाले महीने में कुछ होगा?
जवाब : FTA पर बातचीत जारी है. भारत और इजरायल के बीच FTA साल के अंत तक होने की उम्मीद है. ये निजी सेक्टर के लिए अच्छा संदेश होगा.

सवाल: Knesset को संबोधन के अलावा पीएम मोदी का और क्या कार्यक्रम होगा?
जवाब: Knesset में संबोधन के अलावा होलोकास्ट ममोरियल म्यूजियम का दौरा करेंगे पीएम, भारतीय समुदाय के लोगों से मिलेंगे, पीएम मोदी नेतन्याहू से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP