vastu tips for keep god idol on car dashboard gadi me bhagwan ki murti rakhna chahiye ya nahi | क्या आप कार के डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति रख रहे हैं? अगर हां, तो पहले यह बात जरूर जान लें!
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God Idol On Car Dashboard: ईश्वर को श्रद्धापूर्वक याद करना अच्छी बात है, लेकिन यह जानना भी बहुत महत्वपूर्ण है कि कार में किस प्रकार की मूर्ति रखनी चाहिए. बहुत से लोग जानकारी के अभाव में कार के डैशबोर्ड पर किसी भी देवी देवता की मूर्ती रख देते हैं लेकिन ऐसा करना सही नहीं माना जाता. आइए वास्तु विशेषज्ञों से जानते हैं कि कार के डैशबोर्ड पर किसी देवी देवता की मूर्ति रखनी चाहिए…
God Idol On Car Dashboard: ज्यादातर भारतीयों की गाड़ियों के डैशबोर्ड पर आपने भगवान की छोटी सी मूर्ति लगी देखी होगी. वे डैशबोर्ड पर गणपति, शिव या अन्य देवी-देवताओं की छोटी मूर्तियां रखते हैं. कई लोगों का मानना है कि ऐसा करने से यात्रा सुरक्षित होगी और दुर्घटनाओं से बचा जा सकेगा. साथ ही गाड़ी चलाते समय बार-बार भगवान की तरफ देखने से मन में सकारात्मकता बनी रहती है. वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर लोगों को बिना किसी जानकारी के किसी भी भगवान की मूर्ति डैशबोर्ड पर रख देते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है. आइए वास्तु के माध्यम से जानते हैं कार के डैशबोर्ड पर कौन से भगवान की मूर्ति रखें…
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कार एक ऐसी वस्तु है जो हमेशा चलती रहती है, यह घर की तरह स्थिर नहीं होती. इसीलिए वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कार में ध्यान मुद्रा में बैठी देवी-देवताओं की मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए. गणपति या शिव जैसी ध्यान मुद्रा में बैठी मूर्तियां शांति, आत्मचिंतन और मौन का प्रतीक होती हैं. लेकिन गाड़ी चलाते समय मन पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए.
माना जाता है कि ध्यान मुद्रा में बैठी मूर्ति को बार-बार देखने से चालक का मन कुछ समय के लिए भटक सकता है. इसलिए, ऐसी मूर्तियों को कार में रखना अच्छा नहीं माना जाता है. अगर आप कार में ऐसी मूर्ति रखना ही चाहते हैं, तो भगवान की खुली आंखों वाली और आशीर्वाद देने की मुद्रा में बनी तस्वीर या छोटी मूर्ति रखना बेहतर माना जाता है.
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उदाहरण के लिए, आशीर्वाद देते हाथ वाली गणेशजी की मूर्ति को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. शांत लेकिन सतर्क शिव की तस्वीर या मूर्ति भी शुभ मानी जाती है. वास्तु विशेषज्ञों का कहना है कि ये सतर्कता का संकेत देती हैं. मूर्ति स्थापित करते समय कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए. मूर्ति ज्यादा बड़ी नहीं होनी चाहिए बल्कि सामान्य मूर्ति रखना ज्यादा अच्छा होता है.
अगर मूर्ति में दरार या खरोंच हो तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए, ऐसी मूर्तियां अशुभ मानी जाती हैं. साथ ही, कार में मालाएं और बहुत अधिक सजावट की वस्तु नहीं रखना चाहिए, ऐसा करने से वाहन चलाने में परेशानी हो सकती है. अगर आप डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति लगा रहे हैं तो ध्यान रखें कि वहां धूल और गंदगी ना हो, हर दिन इसकी सफाई अवश्य करें.
कुछ लोगों का मानना है कि मूर्ति स्थापित करने से पहले उसकी पूजा और शुद्धिकरण करना बेहतर है. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भक्ति मन में होनी चाहिए. भगवान का नाम जपते हुए गाड़ी चलाना अत्यंत आवश्यक है. मूर्ति को सही ढंग से और सही मुद्रा में स्थापित करने से मन को मजबूती आती है. शांत और एकाग्रता से गाड़ी चलाना मददगार होता है.