CJI Surya Kant | Justice Suryakant Supreme Court News | ‘चेतावनी दे रहा’ सीजेआई सूर्यकांत आखिर किस बात पर हो गए आगबबूला, भरे सुप्रीम कोर्ट में लगा दी वकील की क्लास

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‘आपको चेतावनी दे रहा हूं’, सीजेआई सूर्यकांत आखिर किस बात पर हो गए आगबबूला

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CJI Surya Kant Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक वकील की टिप्पणियों पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए सख्त चेतावनी दे दी. सीजेआई सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. चलिये जानते हैं सीजेआई सूर्यकांत को आखिर कौन सी बात इतनी नागवार गुजरी…

'आपको चेतावनी दे रहा हूं', सीजेआई सूर्यकांत आखिर किस बात पर हो गए आगबबूलाZoom

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक वकील की टिप्पणियों पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए खुले कोर्ट में चेतावनी दे दी.

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अचानक से माहौल गर्म हो गया. यहां मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक वकील की टिप्पणियों पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए खुले कोर्ट में चेतावनी दे दी. सीजेआई सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर इस तरह का व्यवहार जारी रहा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

मेंशनिंग के दौरान वरिष्ठ वकील मैथ्यूज नेदुमपारा ने न्यायाधीशों की नियुक्ति की कॉलेजियम व्यवस्था को चुनौती देने और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) को बहाल करने से जुड़ी याचिका उठाने की कोशिश की. इस पर सीजेआई ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री के सामने ऐसी कोई याचिका सूचीबद्ध ही नहीं है.

सीजेआई सूर्यकांत किस बात पर भड़के?

इसके बाद नेदुमपारा ने टिप्पणी की कि अडानी जैसे कारोबारी दिग्गजों से जुड़े मामलों के लिए संविधान पीठ बनती है, जबकि आम आदमी से जुड़े मुद्दे नहीं सुने जाते. यही टिप्पणी सीजेआई की बेंच को नागवार गुज़री.

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त लहजे में कहा, ‘मिस्टर नेदुमपारा, मेरे कोर्ट में बोलते समय सावधान रहिए. आपने मुझे चंडीगढ़ और दिल्ली में देखा है… मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं. यह मत समझिए कि आप दूसरे बेंचों की तरह यहां भी बदतमीजी कर पाएंगे.’ कोर्ट में उनकी तल्खी साफ झलकी.

कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल उठाते रहे नेदुमपारा

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब नेदुमपारा पहले भी कॉलेजियम सिस्टम को लेकर याचिकाएं दाखिल करने की कोशिश कर चुके हैं. वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने उनकी नई रिट याचिका यह कहते हुए दर्ज करने से इनकार कर दिया था कि 2015 के फैसले में यह मुद्दा पहले ही निपटाया जा चुका है.

गौरतलब है कि पिछले साल तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजिव खन्ना ने भी इसी मुद्दे पर नेदुमपारा को फटकार लगाई थी और कोर्ट में ‘राजनीतिक भाषण’ न देने की हिदायत दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में NJAC को असंवैधानिक करार देते हुए कॉलेजियम प्रणाली को बरकरार रखा था. सोमवार की सुनवाई में सीजेआई की सख्त चेतावनी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि कोर्ट में अनुशासन और जिम्मेदार दलीलें सर्वोपरि हैं.

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Saad Omar

An accomplished digital Journalist with more than 13 years of experience in Journalism. Done Post Graduate in Journalism from Indian Institute of Mass Comunication, Delhi. After Working with PTI, NDTV and Aaj T…और पढ़ें

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