why Axar Patel dropped: अक्षर पटेल को साउथ अफ्रीका के खिलाफ प्लेइंग इलेवन से बाहर क्यों रखा गया, असिस्टेंट कोच ने दिया जवाब
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why Axar Patel dropped: साउथ अफ्रीका के खिलाफ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप सुपर 8 के अहम मुकाबले में प्लेइंग इलेवन से अक्षर पटेल को बाहर क्यों रखा गया ये सवाल हर कोई कर रहा है. मैच के बाद असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने बताया कि वाशिंगटन सुंदर को मैच में उतारने के पीछे की वजह क्या थी.

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नई दिल्ली. भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 के अहम मुकाबले में अक्षर पटेल को बेंच पर बैठाने का फैसला. वाशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में रखने का दांव उल्टा पड़ गया. अहमदाबाद में भारत टीम 187 रन के जवाब में 111 रन पर ऑलआउट हो गई. 76 रन की करारी हार की वजह से टीम के सेमीफाइनल का समीकरण बिगड़ गया. असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने बताया अक्षर को बाहर क्यों बिठाया गया.
बेहद अहम माने जा रहे मैच में टीम के उप कप्तान अक्षर पटेल को बाहर बैठाया गया और उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में बनाए रखा गया. ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि उनका मैच-अप बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ बेहतर माना गया. तमिलनाडु के इस ऑलराउंडर का प्रदर्शन बल्ले और गेंद दोनों से निराशाजनक रहा और वह कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ सके. कई फैंस और क्रिकेट के जानकार ने सुंदर को अक्षर के ऊपर खिलाने के फैसले की आलोचना की.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट मीडिया से बात करने आए तो उनसे भी यही सवाल पूछा गया. अक्षर को नीदरलैंड्स के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में आराम दिया गया था और ऐसा लग रहा था कि वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम में वापसी करेंगे. लेकिन टीम मैनेजमेंट ने डच टीम के खिलाफ खेले गए पिछले मैच की ही प्लेइंग इलेवन को बरकरार रखा.
टेन डोशेट ने कहा कि सुंदर को अक्षर के ऊपर खिलाने का फैसला सिर्फ मैच-अप के आधार पर लिया गया था. अक्षर को बाहर बैठाने का मतलब यह नहीं है कि उनकी प्रतिभा या क्षमता पर कोई सवाल है, क्योंकि टीम के सभी लोग जानते हैं कि वह कितने बड़े मैच विनर हैं. “हमने पिछले कुछ दिनों में प्लेइंग इलेवन को लेकर काफी विचार-विमर्श किया. और शायद एकमात्र तरीका जिससे यह हमारे पक्ष में नहीं गया, वह यह था कि अगर हमें आज की तरह शानदार शुरुआत मिलती, जैसे क्विंटन और रिकेल्टन को जल्दी आउट करना. हम मिडिल ओवर्स में मैच-अप देख रहे थे. और फिर जाहिर है, किसी एक को बाहर बैठना ही था. तो क्या हम एक बल्लेबाज को बाहर करते और एक और गेंदबाज को लाते? अब पीछे मुड़कर देखें तो शायद वही सही फैसला होता,”
उन्होंने आगे कहा, “उस समय हमें लगा कि हमें रिंकू की जरूरत है, एक आठवें बल्लेबाज के तौर पर. और फैसला इसी आधार पर लिया गया. लेकिन निश्चित रूप से, इसका मतलब यह नहीं है कि अक्षर की लीडरशिप या टीम के लिए उनकी अहमियत कम हो गई है. हर हफ्ते 15 में से 11 खिलाड़ियों को चुनना हमारे लिए मुश्किल होता है. हमें अगले दो सुपर 8 मैचों के लिए सही संयोजन चुनना होगा.”
टेन डोशेट ने यह भी कहा कि अक्षर को बाहर करना आसान नहीं था, क्योंकि वह उप-कप्तान हैं. “जैसा कि मैंने पहले भी कहा, हमारे विश्लेषण में हमें लगा कि सबसे बड़ा खतरा क्विंटन, रयान रिकेल्टन और डेविड मिलर से होगा. जब आपको दोनों में से एक को चुनना हो, तो हमने सोचा कि पावरप्ले में गेंदबाजी करने वाला खिलाड़ी चाहिए. अक्षर कभी-कभी पावरप्ले में गेंदबाजी करते हैं, लेकिन हमें लगता है कि वॉशी (वॉशिंगटन) ने पावरप्ले में प्रभावी गेंदबाजी करने का तरीका ढूंढ लिया है. आज उन्होंने पावरप्ले में गेंदबाजी नहीं की, तो ऐसा लगता है कि हमने सिर्फ मिडिल ओवर्स के लिए गेंदबाज चुना, जिसमें अक्षर बेहतर विकल्प होते.”
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15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें