गाजियाबाद में घर बनाने का सुनहरा मौका, 14 साल बाद GDA लाया नई प्लॉट स्कीम, जानें रेट और आवेदन प्रक्रिया
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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने 14 साल बाद नंदग्राम भूखण्डीय योजना लॉन्च की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी इस स्कीम में नूरनगर और नंदग्राम इलाके में 60 से 221 वर्ग मीटर के आवासीय प्लॉट उपलब्ध हैं. ₹79000 प्रति वर्ग मीटर की दर से इन भूखंडों का आवंटन ई-लॉटरी के जरिए होगा. इच्छुक आवेदक जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट www.gdaghaziabad.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

फोटो-AI
गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने करीब डेढ़ दशक यानी 14 साल के लंबे अंतराल के बाद अपनी नई आवासीय भूखंड योजना ‘नंदग्राम भूखण्डीय योजना’ की शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इस महत्वाकांक्षी योजना के ब्रॉशर का विधिवत विमोचन किया. इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गोड, डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ और जीडीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
यह नई आवासीय योजना गाजियाबाद के विकसित होते इलाके नूरनगर और नंदग्राम में स्थित है. जीडीए अधिकारियों के अनुसार, यह योजना उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो शहर के बीचों-बीच नियोजित और सुरक्षित वातावरण में जमीन खरीदना चाहते हैं. लंबे समय बाद आई इस स्कीम को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
प्लॉट का साइज और निर्धारित रेट
इस योजना के तहत मध्यम और उच्च आय वर्ग के लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा गया है.
- प्लॉट का आकार: योजना में न्यूनतम 60 वर्ग मीटर से लेकर अधिकतम 221 वर्ग मीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं.
- कीमत: प्राधिकरण द्वारा इन प्लॉट की दर 79,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है.
आवेदन प्रक्रिया और भुगतान की शर्तें
जीडीए (GDA) ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यम को अपनाया है.
- ऑनलाइन आवेदन: इच्छुक आवेदक केवल जीडीए की आधिकारिक वेबसाइट (www.gdaghaziabad.in) पर जाकर ही फॉर्म भर सकते हैं. ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
- रजिस्ट्रेशन फीस: सामान्य श्रेणी के आवेदकों को कुल भूखंड मूल्य का 10 फीसदी रजिस्ट्रेशन के समय जमा करना होगा, जबकि आरक्षित श्रेणी के लिए यह राशि 5 फीसदी रखी गई है.
- आसान किस्तें: प्लॉट आवंटन के बाद शेष राशि का भुगतान 8 त्रैमासिक किस्तों में किया जा सकता है, जिस पर 10% वार्षिक ब्याज देय होगा.
ई-लॉटरी से होगा पारदर्शी आवंटन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, योजना में किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए आवंटन पूरी तरह से ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा. सफल आवेदकों को पूर्ण भुगतान और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 36 महीने (3 साल) के भीतर जमीन का कब्जा दे दिया जाएगा.
निवेश के लिहाज से क्यों खास है यह स्कीम?
नंदग्राम इलाका कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. यहां से रैपिड रेल, मेट्रो और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तक पहुंचना आसान है. 14 साल बाद आई इस सरकारी स्कीम के कारण प्रॉपर्टी बाजार में भी हलचल तेज हो गई है, क्योंकि निजी डेवलपर्स की तुलना में सरकारी योजनाओं में निवेश अधिक सुरक्षित माना जाता है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें