बौद्धकालीन स्थल और इको-फ्रेंडली इमारत महराजगंज

Share to your loved once


Last Updated:

महराजगंज जिले के चौक क्षेत्र का रामग्राम, ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है, जिसे बौद्धकाल से जुड़ा हुआ माना जाता है. यह स्थल गौतम बुद्ध के महापरिनिर्माण के बाद उनके अस्थियों के एक भाग के होने का दावा करता है. प्रशासन इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रहा है, जिससे पर्यटकों को यहां की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्वता का अनुभव हो सके.

ख़बरें फटाफट

महराजगंज. जिले के विभिन्न हिस्सों में कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, इन स्थलों की अपनी खास मान्यताएं और ऐतिहासिक महत्व भी है. महराजगंज जिले के चौक क्षेत्र का रामग्राम, जिले के सबसे बड़े ऐतिहासिक स्थलों में से एक है. ऐतिहासिक दृष्टि से यह क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे लेकर समय–समय पर कई चर्चाएं होती रही हैं. प्रशासन लगातार इन ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य कर रहा है. इसी कड़ी में महराजगंज के रामग्राम को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. रामग्राम एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है, जो बौद्ध कालीन इतिहास को अपने में समेटे हुए है, कहा जाता है कि गौतम बुद्ध के महापरिनिर्माण के बाद उनके अस्थियों को आठ भागों में विभाजित किया गया था, और ऐसा माना जाता है कि इन आठों भागों में से एक भाग महराजगंज के रामग्राम में रखा गया था.

यह पर्यटन स्थल प्रकृति की खूबसूरती का अद्भुत उदाहरण

पर्यटक यहां ठंडी और ताज़ा हवाओं का आनंद महसूस कर सकते हैं, रामग्राम स्तूप से थोड़ी ही दूरी पर एक बहुत ही खूबसूरत, लकड़ी से बनी दो मंजिला इमारत दिखाई देती है. यह बास की लकड़ियों से निर्मित इमारत देखने में अत्यंत आकर्षक है. बाहर से जितनी सुंदर दिखाई देती है, अंदर से भी उतनी ही खूबसूरत है. इसे बहुत ही बारीकी से डिजाइन किया गया है, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है. इस इमारत की नींव पहले बालू, सीमेंट और अन्य सामग्रियों से तैयार की गई, और दीवारों को मजबूत बनाने के लिए अंदर लोहे के पिलर लगाए गए हैं, जिससे इसकी मजबूती सुनिश्चित हो सके. यह दो मंजिला इमारत पर्यटकों के लिए आसानी से पहुंच योग्य है और ऊपर जाकर इसका आनंद लिया जा सकता है.

महराजगंज जिले के चौक क्षेत्र के जंगलों में स्थित यह पर्यटन स्थल प्रकृति की खूबसूरती का अद्भुत उदाहरण है. जब आप इस लकड़ी से बनी इमारत में प्रवेश करते हैं, तो आपको खुली और स्वच्छ हवा का अनुभव होता है, जो हर तरह की बेचैनी को दूर कर देती है. इसके पूरब की ओर ऊपर जाने के लिए एक सुंदर सीढ़ी बनाई गई है, जिससे ऊपर के फ्लोर तक पहुंचा जा सकता है. ऊपर भी बैठने के लिए पर्याप्त सुंदर स्थान है, जहां पर्यटक प्रकृति की गोद में बैठकर शांत वातावरण का आनंद ले सकते हैं. यह इमारत पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है, जो जंगल के बीच स्थित इस स्थल की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है. यदि आप यहां जाना चाहते हैं, तो महराजगंज जिला मुख्यालय से चौक बाजार की ओर जाएं और वहां से पश्चिम दिशा में जंगलों में यह पर्यटन स्थल स्थित है.

About the Author

Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP