डिफेंडिंग चैंपियन भारत की साख दांव पर…जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ अब ‘करो या मरो’, जानें सेमीफाइनल में पहुंचने का पूरा गणित

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नई दिल्ली. वर्ल्ड का सबसे बड़ा नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम की विशाल दीर्घाओं में बैठे 90,954 प्रशंसकों को उम्मीद थी कि भारतीय टीम अपने घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका को धूल चटाकर सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगी. लेकिन रविवार की शाम किसी दुस्वप्न की तरह आई. आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 के पहले ही मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 76 रनों के विशाल अंतर से हरा दिया. इस हार ने न केवल डिफेंडिंग चैंपियन भारत के मनोबल को तोड़ा है, बल्कि सेमीफाइनल की राह को भी गणित के उलझाऊ भंवर में फंसा दिया. 188 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. टीम इंडिया 18.5 ओवरों में महज 111 रनों पर ढेर हो गई. ईशान किशन अपना खाता तक नहीं खोल सके, वहीं नंबर-3 पर आए तिलक वर्मा सिर्फ 1 रन बनाकर मार्को यानसेन का शिकार बने.

विश्व के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा (15 रन) ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए, लेकिन केशव महाराज के साथ हुई टक्कर के बावजूद कॉर्बिन बॉश ने उनका एक अद्भुत कैच लपककर भारतीय उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया. कप्तान सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या और वाशिंगटन सुंदर को शुरुआत तो मिली, लेकिन वे उसे बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे. दक्षिण अफ्रीका के लिए मार्को यानसेन ने कहर बरपाते हुए 22 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि केशव महाराज ने एक ही ओवर में तीन विकेट लेकर भारतीय पारी का अंत तय कर दिया.

सुपर-8 ग्रुप A: पॉइंट्स टेबल का ताजा गणित
इस जीत के साथ एडेन मार्कराम की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम +3.800 के शानदार नेट रन रेट के साथ शीर्ष पर पहुंच गई. वहीं भारत -3.800 के नेट रन रेट के साथ सबसे नीचे चौथे पायदान पर है.

कैसे सेमीफाइनल पहुंचेगा भारत?
भारत के लिए अब राह बहुत कठिन है. सेमीफाइनल का टिकट पाने के लिए सूर्यकुमार यादव की सेना को अब ‘चमत्कार’ की जरूरत है. भारत के पास अब दो मैच बचे हैं. जिम्बाब्वे (26 फरवरी, चेन्नई) और वेस्टइंडीज (1 मार्च, कोलकाता). सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को ये दोनों मैच न केवल जीतने होंगे, बल्कि बड़े अंतर से जीतने होंगे. 76 रनों की हार ने नेट रन-रेट को बहुत नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई के लिए भारत को कम से कम 50-60 रनों की जीत या 15 ओवरों के भीतर लक्ष्य हासिल करने जैसी पारियों की जरूरत होगी.

अगर एक भी मैच हारे, तो सफर खत्म
समीकरण बिल्कुल साफ है.अगर भारत अगले दो मैचों में से एक भी मुकाबला हार जाता है, तो उनका खिताब बचाने का सपना सुपर-8 स्टेज पर ही खत्म हो जाएगा. दो हार के साथ कोई भी टीम टॉप-2 में जगह नहीं बना पाएगी.

वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के नतीजों पर नजर
भारत को यह भी दुआ करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका अपने शेष मैच भी जीत ले, ताकि ग्रुप में अन्य टीमें (वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे) अंकों के मामले में भारत से आगे न निकल सकें. यदि दक्षिण अफ्रीका सबको हरा देता है, तो दूसरे स्थान के लिए जंग रन-रेट पर टिक जाएगी, जहां भारत को अपना पलड़ा भारी रखना होगा.

चेन्नई और कोलकाता का रण
भारतीय टीम अब चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) की ओर रुख करेगी, जहां गुरुवार को उनका सामना जिम्बाब्वे से होगा. इसके बाद, ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज की पावर-हिटिंग टीम से भिड़ंत होगी. घरेलू मैदान, घरेलू दर्शक और ‘करो या मरो’ की स्थिति क्या टीम इंडिया इस भारी दबाव में वापसी कर पाएगी?

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