रियल लाइफ गैंगस्टर पर बनी वो फिल्म, जिसके सीन करते रोए दो-दो सुपरस्टार, सिर्फ 15 दिन में कमाए 500 करोड़ – Dhurandhar real life lyari Gangster rahman dacoit Akshaye Khanna Arjun Rampal both wept bitterly after performing roles know reason fascinating story
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Bollywood Blocbuster Movie : कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनके सीन दिल चीर देने वाले होते हैं. एक्टर की आंखों में भी आंसू ला देते हैं. तीन माह पहले ऐसी ही एक मूवी आई थी जिसमें दो सुपर स्टार सीन कर रहे थे. सीन पूरा होते ही दोनों हीरो फूट-फूटकर रोने लगे. पर्दे की स्टोरी दिल में चुभ गई. दिल को छलनी कर देने वाले सीन को पूरा जरूर किए लेकिन उसका दर्द दिल से महसूस किया. फिल्म जब रिलीज हुई तो सिनेमाघरों में भूचाल आ गया. मूवी पिछले तीन माह से पर्दे से उतरी ही नहीं है. 1300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है.
कुछ फिल्मों की कहानी में इतनी रियलिस्ट होती है कि उन्हें देखते समय जरा भी अहसास नहीं होता कि सामने पर्दे पर मूवी चल रही है. स्टोरी हमें अपने साथ जोड़ते हुए बहा ले जाती है. 5 दिसंबर 2025 में ऐसी ही एक फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज हुई थी जिसका क्रेज अभी भी बरकरार है. मूवी में कई सीन दिल को चीर देने वाले थे. इतने दर्दनाक कि अक्षय खन्ना-अर्जुन रामपाल की आंखों में आंसू आ गए थे. हाल ही में आर. माधवन ने अपने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया है. आर. माधवन ने फिल्म में अजय सन्याल का किरदार निभाया है जो कि अजित डोभाल से इंस्पायर्ड माना जाता है.
धुरंधर फिल्म की स्टोरी आदित्य धर ने लिखी. स्क्रीनप्ले ओजस गौतम ने लिखा. फिल्म को आदित्य धर, लोकेश धर और ज्योति देशपांडे ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. फिल्म में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेदी अहम भूमिकाओं में नजर आए. म्यूजिक साश्वत सचदेव ने कंपोज किया है. फिल्म का दूसरा पार्ट ‘धुरंधर 2’ के नाम से अगले महीने मार्च में सिनेमाघरों में आएगा. इससे पहले आदित्य धर ने 2019 में विक्की कौशल के साथ ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया था. यह एक ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
धुरंधर एक स्पाय थ्रिलर एक्शन फिल्म है. फिल्म की कहानी कई रियल घटनाओं से प्रेरित है. इनमें 1999 कंधार विमान अपहरण, 2001 में भारतीय संसद पर हमला, 2008 में मुंबई में आतंकी हमला शामिल हैं. धुरंधर फिल्म में 26/11 मुंबई आतंकी हमले का सीक्वेंस रखा गया था. आर. माधवन ने बताया कि इस फिल्म को फिल्माए जाने के दौरान का किस्सा साझा किया. इस इमोशनल सीन सेट पर मौजूद हर कलाकार की आंखों में आंसू ला दिए थे. अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का जबकि अर्जन रामपाल ने आतंकी इलियास कश्मीरी का रोल निभाया था. फिल्म में दिखाया गया है कि मुंबई में हमले के दौरान किस तरह पाकिस्तान से बैठकर आतंकियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे. किस तरह से उन्होंने आतंकी हमले का जश्न मनाया. दोनों ही किरदार निभा रहे थे लेकिन जैसे ही सीन पूरा हुआ, दोनों रोने लगे थे.
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फिल्म की कहानी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फैंस ने फिल्म की थ्यूरी गढ़ लीं. फैंस थ्यूरी के मुताबिक रणवीर सिंह का किरदार जसकीरत सिंह रंगी नाम के शख्स से इंस्पायर्ड है जो कि पंजाब का रहने वाला था. उसके परिवार के साथ हादसा हुआ था, गुस्से में आकर उसने बड़ा कदम उठाया. अदालत से कठोर सजा मिली. सजा माफी के बदले उसे पाकिस्तान में जासूस हमजा बनकर जाने का मौका मिला.
फिल्म का सबसे आकर्षण रहमान डकैत का किरदार रहा. अक्षय खन्ना ने इस किरदार को निभाया है. रहमान डकैत कराची का अंडरवर्ल्ड डॉन था. शहर के पिछड़े इलाके में शुमार ल्यारी का डॉन था. रहमान बलोच ने कैमरे के सामने कबूल किया कि था वो अपनी मां की हत्या समेत 79 वारदातों में शामिल था. कराची बंदरगाह के एक तरफ मौलवी तमीज़ुद्दीन खान रोड है जबकि दूसरी तरफ एमए जिन्ना रोड. एमए जिन्ना रोड के पीछे ल्यारी है जो कि अपराध का गढ़ है. कराची की सबसे पुरानी दर्जनों गरीब बस्तियां यहां फैली हैं. रोचक तथ्य यह है कि ल्यारी से ही जुल्फिकार अली भुट्टो और उनकी बेटी बेनजीर भुट्टो प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे. दूसरी ओर बाबू डकैत-रहमान बलोच अपराध की दुनिया में शीर्ष तक पहुंचे. आज उजैर बलोच यहां का बेताज बादशाह है.
अब रहमान डकैत और ल्यारी गैंग की पूरी कहानी भी जान लेते हैं. रहमान बलोच उर्फ रहमान डकैत के पिता दाद मोहम्मद (दादल) चार भाई थे. दादल, शेर मोहम्मद (शेरू), बेक मोहम्मद (बेकल) और ताज मोहम्मद. दादल और शेरू हिस्ट्रीशीटर थे. दादल ने 1960 के दशक में अफगानिस्तान से शेरू के साथ मिलकर हेरोइन तस्करी शुरू की थी. 70 के दशक में इकबाल उर्फ बाबू डकैत ने रहमान के चाचा ताज मोहम्मद की हत्या कर दी थी. कलाकोट का रहने वाला बाबू डकैत ग्रेजुएट था. बहुत अच्छा फुटबॉलर था. बाबू डकैत जेल गया और उस जमाने के मशहूर बैंक डकैत सादिक गडानी के संपर्क में आया. इस तरह से वह जरायम की दुनिया में आया. बाबू ने शुरुआत में बैंक में डकैतियां डालीं, इसीलिए लोग उसे बाबू डकैत के नाम से जानने लगे. उसने एक गैंग बनाई जिसमें एक से बढ़कर एक खूंखार गैंगस्टर शामिल थे. उसकी गैंग में हुसैन ईरानी, अली ईरानी, रजाक कमांडो, अल्ला बख्श उर्फ आऊ, इशाक लश्करी, आशिक शिकारी, कमाल उर्फ कमाला, मोहित शिदी, मुल्ला सुल्तान, बंडूक और मजीद स्पीड जैसे बेरहम गैंगस्टर शामिल थे. मुल्ला सुल्तान तो मुजाहिद्दीन का ट्रेंड कमांडो था. ज्यादातार गैंगस्टर एक-एक करके पुलिस एनकाउंटर में मारे गए. इसी जमाने में ल्यारी में एक और गैंगस्टर काला नाग उर्फ अल्ला बख्श का था. काला नाग के जेल जाने के बाद इसके गैंग का सफाया बाबू डकैत ने किया था. ऐसा करने से बाबू डकैत का ल्यारी में सिक्का चलने लगा.
70 के दशक में ही एक और गैंगस्टर हाजी लालू का गिरोह जहांबाद, शेरशाह कब्रिस्तान और पुराना गोलीमार जैसे इलाकों में सक्रिय था. उसके भांजे-भतीजे सब क्राइम की दुनिया में थे. रहमान का पिता दादल जेल में था. हाजी लालू की नजर पड़ी जब रहमान बलोच पर पड़ी तो उसे अपने संरक्षण में ले लिया. 18 मई 1995 को थाना कलाकोट सीमा क्षेत्र में रहमान ने अपनी मां खदीजा बीबी की भी हत्या कर दी. हाजी लालू ने ही रहमान की शादी करवाई थी. यह शादी सेठ युसुफ के बेटी से करवाई थी. अपने एक लड़के यासिर अराफात की शादी भी सेठ युसूफ की बेटी से की थी. इस तरह से हाजी लालू और रहमान बलोच रिश्तेदार हो गए थे. रहमान ने तीन महिलाओं से अलग-अलग समय में शादियां भी कीं. तीन बीवियों से उसके 13 बच्चे हुए. रहमान ने गैंगस्टर हाजी लालू और उसके बेटों ने मिलकर ड्रग्स औरअपराध का धंधा चरम पर पहुंचा दिया.
रहमान पूरी ल्यारी पर अपना साम्राज्य स्थापित करना चाहता था, इसीलिए बाबू डकैत से टकराव भी होने लगा. बाबू डकैत ने ही उसके चाचा ही हत्या की थी. रहमान ने मन में बदले की आग बुझी नहीं थी. 1996-97 में बाबू डकैत जेल चला गया. जेल में उसे हार्ट अटैक आया और लकवा मार गया. जेल से निकलने के बाद उसने रहमान डकैत से जान बख्श देने की गुहार लगाई. उसका एक बेटा अनीस क्राइम की दुनिया में था. रहमान डकैत ने उसे इसी शर्त पर माफ किया कि उसका बेटा ल्यारी से बाहर रहेगा. जून 2004 में बाबू डकैत का बेटा ल्यारी में लौटा तो रहमान का खून खौल उठा. दोनों के बीच समझौता टूट गया. बाबू डकैत अपने बेटे अनीस के साथ एक शादी में शरीक होने गया था. रहमान डकैत अपनी गैंग के साथ वहां पर पहुंचा और गोलीबारी कर दी. इस गोलीबारी में बाबू डकैत के बेटे की मौत हो गई. बेटे की मौत के बाद बाबू डकैत ने रहमान बलोच से रहम की भीख मांगी. रहमान डकैत ने फिर भी उसे माफ नहीं किया. 20 दिन बाद ही जब बाबू डकैत अपने गनमैन साजिद के साथ कोर्ट जा रहा था, तो रहमान डकैत ने उसकी हत्या कर दी.
गैंगस्टर रहमान डकैत और हाजी लालू के बीच गैंगवार की कहानी भी बेहद दिलचस्प है. वैसे तो हाजी लालू ने ही रहमान डकैत को पनाह दी थी. कहा जाता है कि रहमान डकैत के करोड़ों रुपये हाजी लालू के पास जमा थे. जब रहमान ने यह रकम वापस मांगी, तो हाजी लालू ने मना कर दिया. इतना ही नहीं, हाजी लालू ने पैसे हड़पने का आरोप लगाकर रहमान को जेल भी भिजवाया था. जेल से रहमान बलोच भाग निकला. उसने हाजी लालू की गैंग के सफाए की कसम खा ली. हाजी लालू के दो बेटे थे : अरशद पप्पू और यासिर अराफात. 2000 में हाजी लालू के गिरफ्तार हो जाने के बाद अरशद पप्पू ने गैंग की कमान संभाली थी. गैंगवार की शुरुआत रहमान बलोच के खास आदमी मामा फैज मोहम्मद उर्फ फैजू के अपहरण और हत्या से हुई. यह मर्डर जनवरी 2003 में अरशद पप्पू ने करवाया था. फैज अहमद का ट्रांसपोर्ट का कारोबार था. 10 से ज्यादा बसें थीं जो कराची में चलती थीं. फैज मोहम्मद रहमान का रिश्तेदार भी था. करोड़ों में फिरौती की रकम लेने के बाद भी फैज अहमद की हत्या कर दी थी.
फैज अहमद की हत्या के बाद रहमान ने 8 जनवरी 2005 को अरशद पप्पू की बीवी के मामा अनवर भाईजान की दिनदहाड़े हत्या कर दी. अरशद पप्पू और रहमान के बीच गैंगवार करीब 13 साल तक चली. इसी बीच, रहमान ने ल्यारी में अवैध ढंग से गुटखा बनाने के कारखाने खुलवा दिए. पीपुल्स अमन कमेटी का प्रमुख ‘सरदार अब्दुल रहमान बलोच’ कहलाने लगा था. रहमान रॉबिन हुड बन गया. 18 जून 2006 को चौधरी असलम के नेतृत्व में ल्यारी टास्क फ़ोर्स ने क्वेटा के सैटलाइट टाउन में रहमान के उस ख़ुफ़िया अड्डे पर अचानक छापा मार दिया.’धुरंधर’ फ़िल्म में चौधरी असलम का क़िरदार संजय दत्त ने निभाया है. आसिफ अली जरदारी ने उसे छुड़वाया था. 2008 में पीपुल्स पार्टी की सरकार आई और आसिफ अली जरदारी पहली बार देश के राष्ट्रपति बने. यहीं से पीपुल्स पार्टी और रहमान के बीच खटपट शुरू हो गई. 10 अगस्त 2009 को रहमान डकैत और उसके तीन साथियों (औरंगजेब, नजीर और अकील) का एनकाउंटर चौधरी असलम की टीम ने किया था.
रहमान डकैत के एनकाउंटर के बाद गैंग की कमान फैज अहमद का बेटा उजैर अली उर्फ उजैर जान बलोच ने संभाली. पिता की मौत का बदला लेने के लिए वह क्राइम की दुनिया में आया. घर में अथाह दौलत थी. रहमान डकैत की बहन से उसकी शादी हुई थी. रिश्ते में वो रहमान डकैत का जीजा था. अरशद पप्पू और रहमान डकैत-उजैर बलोच के बीच गैंगवार के अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अरशद पप्पू ने इन सभी के पूर्वजों की कब्रों को डायनामाइट से उड़ा दिया था. रहमान के बाद उजैर बलोच ल्यारी अंडरवर्ल्ड का डॉन बना. अरशद पप्पू गैंग कमजोर होता गया. 2013 में उजैर बलोच ने अरशद पप्पू की हत्या करवा दी. बताया जाता है कि ल्यारी की गलियों में उजैर बलोच और बाबा लाड़ला ने अरशद पप्पू के कटे हुए सिर के साथ फुटबॉल खेला था. पांच साल बाद जनवरी 2014 में चौधरी असलम तालिबान के आत्मघाती दस्ते के शिकार बने. सही मायने में देखा जाए तो ल्यारी का रहमान डकैत से भी बड़ा डॉन उजैर बलोच ही बना. उस पर 180 से ज्यादा केस दर्ज हुए थे.
धुरंधर मूवी का बजट करीब 280 के आसपास का था. मूवी अब तक ₹1,300 से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर चुकी है. फिल्म का दूसरा पार्ट धुरंधर 2 के नाम से अगले महीने मार्च में आएगा. उम्मीद की जा रही है कि इस पार्ट में रणवीर सिंह की पहचान उजागर की जाएगी.