ईद पर रिलीज होने वाली फिल्मों पर जब उठे सवाल, सलीम खान ने दिया था करारा जवाब, फतवा देने वालों को दिखाया था आईना
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रमजान और ईद के मौके पर फिल्मों की रिलीज को लेकर अक्सर बहस छिड़ जाती है. कभी फतवे की बातें होती हैं तो कभी ‘सच्चे मुसलमान’ होने पर सवाल उठाए जाते हैं. ऐसे ही एक विवाद के दौरान दिग्गज लेखक सलीम खान ने एक बार अपनी खुलकर अपनी राय रखी थी. उन्होंने साफ कहा था कि इस्लाम इंसानियत और मोहब्बत की बात करता है, न कि सिनेमा देखने पर पाबंदी लगाने की. उनका यह बयान आज भी ईद रिलीज और फिल्मों पर उठने वाली बहस के बीच याद किया जाता है.

सलीम खान ने रखी थी जब अपनी बात
नई दिल्ली. रमजान का महीना चल रहा है और इसके बाद आने वाली ईद का इंतजार सिर्फ आम लोग ही नहीं, फिल्म इंडस्ट्री भी बेसब्री से करती है. सालों से यह ट्रेंड रहा है कि ईद पर रिलीज हुई फिल्मों को जबरदस्त ओपनिंग मिलती है. खासकर सलमान खान की फिल्मों ने ईद के मौके पर बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए हैं.
सलीम खान ने खुलकर रखी थी बात
‘शोले’, ‘दीवार’, ‘जंजीर’, ‘डॉन’ और ‘हाथी मेरे साथी’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की कहानी लिखने वाले सलीम खान अपने बेबाक अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं. जब भी फिल्मों को लेकर फतवा जारी करने या ‘सच्चा मुसलमान’ होने जैसी बहस छिड़ी, उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी. एक पुराने इंटरव्यू में सलीम खान ने साफ कहा था कि अगर फिल्मों पर फतवा लगाया जाता है तो फिर सिर्फ फिल्म बनाने वालों पर ही क्यों. देखने वालों पर क्यों नहीं. उन्होंने कहा था कि जब से फिल्म इंडस्ट्री बनी है, तब से मेकर्स ईद पर रिलीज की प्लानिंग करते आए हैं क्योंकि उस वक्त जबरदस्त ओपनिंग मिलती है.
इंडस्ट्री को लेकर कही थी बड़ी बात
अपनी बात आगे रखते हुए उन्होंने तर्क दिया था कि रमजान के दौरान भले लोग फिल्में कम देखें, लेकिन ईद पर परिवार साथ में फिल्म देखने जाता है. अगर हर फिल्म देखने वाले मुसलमान पर फतवा लगा दिया जाए, तो इंडस्ट्री अपने आप बंद हो जाएगी. सलीम खान ने इस बात पर भी जोर दिया था कि इस्लाम में इंसानियत और मोहब्बत की सीख दी गई है, न कि बदले या नफरत की. उनके मुताबिक त्योहार खुशी का मौका होता है और सिनेमा भी उसी खुशी का हिस्सा बन जाता है.
बता दें कि सलीम खान और सलमान खान हमेशा कहते आए हैं कि उनके घर में हर धर्म का सम्मान होता है. सलमान की मां हिंदू परिवार से हैं और उनके घर पर हर साल गणेश चतुर्थी का त्योहार भी पूरे उत्साह से मनाया जाता है. सलीम खान का यह साफ और बेबाक नजरिया आज भी याद किया जाता है, खासकर तब जब फिल्मों और धर्म को लेकर बहस तेज हो जाती है.
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न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार का डिजिटल मीडिया में 9 सालों का अनुभव है. एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू और इंटरव्यू में विशेषज्ञता है. मुनीष ने जामिया मिल्लिया इ…और पढ़ें