जनरल नरवणे की किताब पर बवाल, आर्मी अफसर रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक नहीं लिखेंगे बुक? राजनाथ सिंह ने बताया प्‍लान – ex Army chief General manoj mukund Naravane 20 year cooling off period military officers after retirement book publish rajnath singh

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आर्मी अफसर रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक नहीं लिखेंगे बुक? राजनाथ ने सब बताया

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दिल्ली पुलिस ने नरवणे की अप्रकाशित किताब के सर्कुलेशन को लेकर एक एफआईआर दर्ज की है. रिपोर्ट्स के ही मुताबिक़, इस मामले में दिल्ली पुलिस जांच करेगी कि किताब के अप्रकाशित अंश बिना अनुमति के सार्वजनिक कैसे किए गए और इसके पीछे किसकी भूमिका है. 3 फरवरी को लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक पत्रिका में अप्रकाशित किताब (फ़ॉर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी) पर छपे लेख के अंश पढ़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद विवाद हो गया था.

आर्मी अफसर रिटायरमेंट के बाद 20 साल तक नहीं लिखेंगे बुक? राजनाथ ने सब बतायाZoom

पूर्व सेनाध्‍यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब पर बवाल के बाद क्‍या सरकार सीनियर आर्मी ऑफिसर के किताब ल‍िखने पर रिटायरमेंट के 20 साल तक बैन लगाने वाली है? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसपर जवाब दिया है. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उन अटकलों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के संस्मरण या किताब प्रकाशित करने से पहले 20 वर्ष का अनिवार्य ‘कूलिंग ऑफ’ पीरियड लागू करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है. पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब पर विवाद के बाद इस तरह की कयासबाजी तेज हो गई थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार फ्रांस के साथ प्रस्तावित राफेल लड़ाकू विमान सौदे को अगले 4 से 6 महीनों में अंतिम रूप देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस तरह के किसी प्रस्ताव पर चर्चा से साफ इनकार करते हुए कहा कि इस संबंध में कैबिनेट के समक्ष कोई प्रस्ताव नहीं आया. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्व सेना प्रमुख MM नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक ‘Four Stars of Destiny’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया था. इस पुस्तक में चीन के साथ लद्दाख गतिरोध से जुड़े मुद्दों का उल्लेख बताया गया, जिसके बाद संसद में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भाजपा सांसदों के बीच लोकसभा में आरोप-प्रत्यारोप भी हुए. राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में पहले से ही ऐसे नियम मौजूद हैं जो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी गोपनीय सूचनाओं के खुलासे से रोकते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील जानकारी के प्रकाशन पर आधिकारिक गोपनीयता कानून (Official Secrets Act) के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं और इसके लिए सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है.

नरवणे की किताब पर विवाद क्‍यों

नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ़ डेस्टिनी’ की प्रकाशक कंपनी पेंगुइन इंडिया ने सफाई देते हुए बताया कि पूर्व आर्मी चीफ की किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. खुद नरवणे ने भी पेंगुइन के इस दावे पर अपनी मुहर लगाई है, लेकिन इसके बावजूद इस मामले पर खूब विवाद हुआ. पेंगुइन इंडिया के अनुसार, किसी किताब की घोषणा होना, उसका प्री-ऑर्डर पर उपलब्ध होना और उसका वास्तव में प्रकाशित होना, ये तीनों अलग-अलग चीजें और स्टेज हैं. किसी किताब का अमेज़न जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर प्री-ऑर्डर के लिए दिखना या उसकी भविष्य की रिलीज़ तारीख तय होना, यह नहीं दर्शाता कि वह किताब प्रकाशित हो चुकी है. पेंगुइन का कहना है कि किताब को तभी प्रकाशित माना जाता है जब वह रिटेल प्लेटफ़ॉर्म पर सीधे खरीदने के लिए उपलब्ध हो.

राफेल डील पर क्‍या बोले राजनाथ

फ्रांस के साथ प्रस्तावित राफेल लड़ाकू विमान सौदे पर चर्चा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि वह स्वयं चाहते हैं कि यह समझौता जल्द से जल्द हो. उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि वे तो कल ही इस सौदे को पूरा करना चाहते हैं और भारतीय वायुसेना प्रमुख भी इसे शीघ्र अंतिम रूप देने के पक्ष में हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि रक्षा खरीद प्रक्रिया जटिल होती है और इसमें समय लगता है. उन्होंने बताया कि सरकार 4 से 6 महीनों के भीतर इस सौदे को अंतिम रूप देने की कोशिश करेगी, जिसमें कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से मंजूरी भी शामिल है. रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने भी पुष्टि की कि फ्रांस के साथ 114 राफेल विमानों की अंतिम लागत को लेकर बातचीत अभी जारी है और इसे पूरा होने में कुछ समय लगेगा.

रूसी Su-57 पर भारत का क्‍या है रुख

स की ओर से भारत को पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान Su-57 की पेशकश के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री ने कहा कि फिलहाल इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी और समय आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी. इसके अलावा उन्होंने भारतीय वायुसेना की महत्वाकांक्षी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना के लिए एयरो इंजन कार्यक्रम की प्रगति का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. रक्षा मंत्री के बयान से यह संकेत मिला कि सरकार रक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और सुरक्षा नियमों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सैन्य आधुनिकीकरण, विशेष रूप से वायुसेना की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है. वहीं, राफेल सौदे को जल्द पूरा करने की कोशिश भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूती देने की दिशा में अहम मानी जा रही है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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