फैमिली ड्रामा का मास्टर, सिनेमा में बिखेरा ‘प्रेम’ का जादू, ‘ऊंचाई’ में पहुंचकर जीता नेशनल अवॉर्ड

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फैमिली ड्रामा के मास्टर’ कहे जाने वाले बड़जात्या ने ‘मैंने प्यार किया’ से सलमान खान के साथ ‘प्रेम’ नाम के एक कालजयी किरदार की शुरुआत की, जो आज भी सादगी और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है. उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘विवाह’ जैसी फिल्मों के जरिए भारतीय कल्चर और रिश्तों को ग्लोबल पहचान दिलाई. दिलचस्प बात यह है कि फिल्मों में जानवरों के प्रति लगाव दिखाने के बावजूद वे असल जिंदगी में उनसे डरते हैं.उन्हें हाल में फिल्म ‘ऊंचाई’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था.

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मास्टर, सिनेमा में बिखेरा 'प्रेम' का जादू, 'ऊंचाई' में पहुंच जीता नेशनल अवॉर्डZoom

सूरज बड़जात्या ने सिनेमा में बड़ा योगदान दिया.

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा में जब भी बड़े और खुशहाल परिवारों, रस्मों-रिवाजों और सादगी भरे प्यार की बात होती है, तो सबसे पहला नाम सूरज बड़जात्या का आता है. 22 फरवरी को अपना जन्मदिन मनाने वाले सूरज बड़जात्या को ‘फैमिली ड्रामा का मास्टर’ कहा जाता है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महेश भट्ट के असिस्टेंट के तौर पर की थी, लेकिन 1989 में जब उन्होंने अपनी पहली फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ निर्देशित की, तो मानों बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. इस फिल्म ने न केवल सलमान खान को रातों-रात सुपरस्टार बनाया, बल्कि बॉलीवुड को एक ऐसा किरदार दिया जो आज भी हर दिल में बसा है— ‘प्रेम’. सूरज बड़जात्या की फिल्मों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे बिना किसी शोर-शराबे या हिंसा के, रिश्तों की गहराई और मर्यादा को बहुत खूबसूरती से पर्दे पर उतारते हैं.

सूरज बड़जात्या और ‘प्रेम’ का रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है. सलमान खान के साथ मिलकर उन्होंने एक ऐसे लड़के की छवि गढ़ी जो अपनी बुआ, चाची और पूरे परिवार का लाड़ला है और जिसका दिल एकदम साफ है. सूरज बताते हैं कि ‘प्रेम’ नाम इत्तेफाक से रखा गया था, लेकिन सलमान भाई ने इसे जिस तरह जिया, उसके बाद यह नाम उनकी फिल्मों की पहचान बन गया. ‘हम आपके हैं कौन’ हो या ‘हम साथ-साथ हैं’, ‘विवाह’ हो या ‘प्रेम रतन धन पायो’, उनकी हर फिल्म में परिवार ही सबसे बड़ा हीरो होता है. उन्होंने भारतीय शादी-ब्याह के तौर-तरीकों और कल्चर को सिनेमा के जरिए दुनिया भर में मशहूर कर दिया. साल 2022 में आई उनकी फिल्म ‘ऊंचाई’ ने यह साबित कर दिया कि वे आज भी रिश्तों की कहानियों को कहने में बेजोड़ हैं, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला.

परिवार के मनोरंजन के लिए बनाई फिल्में
दिलचस्प बात यह है कि पर्दे पर जानवरों और इंसानों के बीच अटूट प्रेम दिखाने वाले सूरज बड़जात्या असल जिंदगी में जानवरों से काफी डरते हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में मजाकिया लहजे में बताया था कि उन्हें जानवरों के पास जाने में घबराहट होती है. फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ का मशहूर कुत्ता ‘टफी’ हो या ‘हम साथ-साथ हैं’ के हाथी, शूटिंग के दौरान सूरज जानवरों से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखते थे. यहां तक कि टफी के साथ काम करने के लिए सुबह और शाम की दो अलग-अलग यूनिट्स लगाई गई थीं. उनकी सादगी और मेहनत का ही नतीजा है कि उनकी फिल्में आज भी टीवी पर आते ही पूरे परिवार को एक साथ सोफे पर बैठने के लिए मजबूर कर देती हैं.

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Abhishek Nagar

अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

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